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नाबालिग से छेडख़ानी के दोषी को चार वर्ष की कैद
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औरैया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश चौधरी ने थाना दिबियापुर क्षेत्र में दो वर्ष पूर्व एक नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ करने के आरोपी दिलीप कुमार को चार वर्ष के कारावास व बीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया है।
अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक (पाक्सो) जितेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि दिबियापुर निवासी वादी ने रिपोर्ट लिखाई थी कि 23 अक्तूबर 2017 को वह अपनी पत्नी के साथ निमंत्रण में गया था। घर पर उसकी दो पुत्रियां व एक पुत्र था। सुबह पीड़िता चाय बनाने के लिए दूध लेने दुकान गई, उसी समय कांशीराम कालोनी निवासी दिलीप कुमार पुत्र सोबरन लाल ने हाथ पकड़ कर दबोचने का प्रयास किया। पीड़िता पकड़ से जैसे ही छूटी भागकर बड़ी बहन के पास पहुंची। तब तक आरोपी भाग चुका था। पुलिस ने मामला दर्ज कर पाक्सो व अन्य धाराओं में आरोप पत्र कोर्ट में प्रस्तुत किया।
यह मामला विशेष न्यायाधिश (पाक्सो) राजेश चौधरी की कोर्ट में चला। बचाव पक्ष ने आरोपी को 21 वर्षीय गरीब नवयुवक बताते हुए दया की मांग की। वहीं विशेष लोक अभियोजक जितेंद्र सिंह तोमर व एडीजीसी चंद्रभूषण तिवारी ने मामले को गंभीर प्रकृति का बताते हुए कठोर दंड देने की बहस की।
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अभियोजन व बचाव पक्ष को सुनने के बाद एडीजे राजेश चौधरी ने अभियुक्त दिलीप कुमार को चार वर्ष के साधारण कारावास व बीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। अधिवक्ता शिवम शर्मा के अनुसार अधिरोपित अर्थदंड की धनराशि में से आधी धनराशि पीड़िता को देने का आदेश भी पारित हुआ है।
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अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक (पाक्सो) जितेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि दिबियापुर निवासी वादी ने रिपोर्ट लिखाई थी कि 23 अक्तूबर 2017 को वह अपनी पत्नी के साथ निमंत्रण में गया था। घर पर उसकी दो पुत्रियां व एक पुत्र था। सुबह पीड़िता चाय बनाने के लिए दूध लेने दुकान गई, उसी समय कांशीराम कालोनी निवासी दिलीप कुमार पुत्र सोबरन लाल ने हाथ पकड़ कर दबोचने का प्रयास किया। पीड़िता पकड़ से जैसे ही छूटी भागकर बड़ी बहन के पास पहुंची। तब तक आरोपी भाग चुका था। पुलिस ने मामला दर्ज कर पाक्सो व अन्य धाराओं में आरोप पत्र कोर्ट में प्रस्तुत किया।
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यह मामला विशेष न्यायाधिश (पाक्सो) राजेश चौधरी की कोर्ट में चला। बचाव पक्ष ने आरोपी को 21 वर्षीय गरीब नवयुवक बताते हुए दया की मांग की। वहीं विशेष लोक अभियोजक जितेंद्र सिंह तोमर व एडीजीसी चंद्रभूषण तिवारी ने मामले को गंभीर प्रकृति का बताते हुए कठोर दंड देने की बहस की।
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अभियोजन व बचाव पक्ष को सुनने के बाद एडीजे राजेश चौधरी ने अभियुक्त दिलीप कुमार को चार वर्ष के साधारण कारावास व बीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। अधिवक्ता शिवम शर्मा के अनुसार अधिरोपित अर्थदंड की धनराशि में से आधी धनराशि पीड़िता को देने का आदेश भी पारित हुआ है।