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बालक के अपहरण व हत्या के दोषी को उम्र कैद
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औरैया। सत्र न्यायाधीश डॉ. दीपक स्वरूप सक्सेना ने बालक के अपहरण और हत्या के मामले में नरेश पुत्र शिव करन निवासी निवाढ़ीकला (बकेवर) इटावा को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही 40 हजार रुपये अर्थदंड का भी आदेश किया। अर्थदंड की धनराशि का 50 फीसदी भाग वादिनी को बतौर प्रतिकर अदा करने का आदेश जारी किया।
अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे जिला शासकीय अधिवक्ता अभिषेक मिश्रा ने बताया कि ग्राम नगरिया समायन निवासी ऊषा देवी पत्नी अनिल कुमार दोहरे ने एरवाकटरा थाने में रिपोर्ट लिखाई थी कि उसका रिश्ते में भांजा लगने वाला नरेश पुत्र शिवकरन निवासी निवाढ़ीकला थाना बकेवर इटावा 20 जनवरी 2013 की शाम घर आया। वह घर पर दो दिन तक रूका। 22 जनवरी 2013 को उसका दस वर्षीय पुत्र राजा बाबू गांव के बाहर साइकिल सीख रहा था। अचानक वह गायब हो गया। पता चला है कि नरेश ने बहला-फुसला कर बालक का अपहरण किया। नरेश को साइकिल से बालक को ले जाते कई लोगों ने देखा था।
तीन दिन बाद 25 जनवरी 2013 को अजीतमल थाना क्षेत्र के एक अरहर के खेत से गायब बालक राजा बाबू की लाश बरामद हुई। तहकीकात करने पर पता चला की कि नरेश ने बालक राजा बाबू की चाकू से गोद कर हत्या कर दी थी। हत्या व अपहरण के मामले में नरेश के विरुद्ध सत्र न्यायालय में मामला चला। अभियोजन की ओर से डीजीसी अभिषेक मिश्रा ने हत्या के दोषी नरेश को कठोर दंड देने की मांग की। वहीं बचाव पक्ष से उसे निर्दोष बताया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद सत्र न्यायाधीश ने डॉ. दीपक स्वरूप सक्सेना ने हत्या के दोषी नरेश को आजीवन कारावास व 40 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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अधिवक्ता शिवम शर्मा ने बताया कि कोर्ट ने अर्थदंड की धनराशि का 50 फीसदी भाग वादिनी को बतौर प्रतिकर अदा करने का आदेश जारी किया। कोविड-19 के कारण अभियुक्त नरेश व्यक्तिगत रूप से जेल से नहीं आ सका। वीडियो कांफ्रेंसिंग से उसकी पेशी सजा सुनने के समय हुई।
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अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे जिला शासकीय अधिवक्ता अभिषेक मिश्रा ने बताया कि ग्राम नगरिया समायन निवासी ऊषा देवी पत्नी अनिल कुमार दोहरे ने एरवाकटरा थाने में रिपोर्ट लिखाई थी कि उसका रिश्ते में भांजा लगने वाला नरेश पुत्र शिवकरन निवासी निवाढ़ीकला थाना बकेवर इटावा 20 जनवरी 2013 की शाम घर आया। वह घर पर दो दिन तक रूका। 22 जनवरी 2013 को उसका दस वर्षीय पुत्र राजा बाबू गांव के बाहर साइकिल सीख रहा था। अचानक वह गायब हो गया। पता चला है कि नरेश ने बहला-फुसला कर बालक का अपहरण किया। नरेश को साइकिल से बालक को ले जाते कई लोगों ने देखा था।
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तीन दिन बाद 25 जनवरी 2013 को अजीतमल थाना क्षेत्र के एक अरहर के खेत से गायब बालक राजा बाबू की लाश बरामद हुई। तहकीकात करने पर पता चला की कि नरेश ने बालक राजा बाबू की चाकू से गोद कर हत्या कर दी थी। हत्या व अपहरण के मामले में नरेश के विरुद्ध सत्र न्यायालय में मामला चला। अभियोजन की ओर से डीजीसी अभिषेक मिश्रा ने हत्या के दोषी नरेश को कठोर दंड देने की मांग की। वहीं बचाव पक्ष से उसे निर्दोष बताया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद सत्र न्यायाधीश ने डॉ. दीपक स्वरूप सक्सेना ने हत्या के दोषी नरेश को आजीवन कारावास व 40 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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अधिवक्ता शिवम शर्मा ने बताया कि कोर्ट ने अर्थदंड की धनराशि का 50 फीसदी भाग वादिनी को बतौर प्रतिकर अदा करने का आदेश जारी किया। कोविड-19 के कारण अभियुक्त नरेश व्यक्तिगत रूप से जेल से नहीं आ सका। वीडियो कांफ्रेंसिंग से उसकी पेशी सजा सुनने के समय हुई।