{"_id":"5d8672988ebc3e93df4234ca","slug":"court-auraiya-news-knp51509071","type":"story","status":"publish","title_hn":"गैंगस्टर के दोषी को तीन वर्ष का कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गैंगस्टर के दोषी को तीन वर्ष का कारावास
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
औरैया। विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) महेश चंद्र वर्मा ने संगठित गिरोह बनाकर फिरौती, अपहरण, हत्या जैसे जघन्य अपराध कर आतंक फैलाने के एक दोषी को तीन वर्ष के कठोर कारावास व दस हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
अभियोजन अधिकारी देशराज सिंह ने बताया कि तत्कालीन थानाध्यक्ष अछल्दा एसएस तेवतिया ने ग्राम गंगदासपुर निवासी चरन सिंह उर्फ नेता पुत्र रामेश्वर दयाल जाटव के विरुद्ध नौ जनवरी 2002 को गिरोह बंद एवं समाज विरोध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम का मामला पंजीकृत कराते हुए आरोप लगाया कि उक्त व्यक्ति संगठित गिरोह बनाकर अनुचित साधनों का प्रयोग करके अवैध शस्त्र द्वारा जनता के व्यक्तियों का आर्थिक लाभ के लिए फिरौती के लिए अपहरण व हत्या जैसे जघन्य अपराध करके भय व आतंक फैलाए है। लोग भयभीत व आतंकित होने के कारण इसके विरुद्ध मुकदमा लिखाने और गवाही देने का साहस नहीं कर पाते हैं। पुलिस का कहना है कि उसका संबंध कभी आतंक का पर्याय रहे दस्यु निर्भय सिंह गुर्जर से है।
गैंगस्टर का यह मुकदमा विशेष न्यायाधीश/एडीजे की कोर्ट में चला। अभियोजन अधिकारी देशराज सिंह व बचाव पक्ष को सुनने के बाद एडीजे महेश चंद्र वर्मा ने अभियुक्त चरन सिंह को तीन वर्ष के कठोर कारावास व दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर उसे तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतान पड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
अभियोजन अधिकारी देशराज सिंह ने बताया कि तत्कालीन थानाध्यक्ष अछल्दा एसएस तेवतिया ने ग्राम गंगदासपुर निवासी चरन सिंह उर्फ नेता पुत्र रामेश्वर दयाल जाटव के विरुद्ध नौ जनवरी 2002 को गिरोह बंद एवं समाज विरोध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम का मामला पंजीकृत कराते हुए आरोप लगाया कि उक्त व्यक्ति संगठित गिरोह बनाकर अनुचित साधनों का प्रयोग करके अवैध शस्त्र द्वारा जनता के व्यक्तियों का आर्थिक लाभ के लिए फिरौती के लिए अपहरण व हत्या जैसे जघन्य अपराध करके भय व आतंक फैलाए है। लोग भयभीत व आतंकित होने के कारण इसके विरुद्ध मुकदमा लिखाने और गवाही देने का साहस नहीं कर पाते हैं। पुलिस का कहना है कि उसका संबंध कभी आतंक का पर्याय रहे दस्यु निर्भय सिंह गुर्जर से है।
विज्ञापन
गैंगस्टर का यह मुकदमा विशेष न्यायाधीश/एडीजे की कोर्ट में चला। अभियोजन अधिकारी देशराज सिंह व बचाव पक्ष को सुनने के बाद एडीजे महेश चंद्र वर्मा ने अभियुक्त चरन सिंह को तीन वर्ष के कठोर कारावास व दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर उसे तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतान पड़ेगा।
विज्ञापन