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परिषदीय विद्यालयों में वार्षिक परीक्षा बनी मजाक
अमर उजाला ब्यूरो औरैया
Updated Tue, 20 Mar 2018 10:39 PM IST
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गुरुजी के इंतजार में स्कूल के बाहर खड़े बच्चे
- फोटो : amarujala
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औरैया। परिषदीय विद्यालयों की वार्षिक परीक्षाएं मजाक बनकर रह गईं हैं। विद्यालय खुलने का समय सुबह नौ बजे है। विद्यालय समय से नहीं खुल रहे हैं। जबकि बेसिक शिक्षा विभाग चाक चौबंद व्यवस्था के दावे कर रहा है। दावों की हकीकत जानने के लिए अमर उजाला टीम ने कई विद्यालयों की पड़ताल में सब कुछ उलट दिखाई दिया।
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सवा नौ बजे बंद मिला विद्यालय
प्राथमिक विद्यालय धर्मअंगदपुर 9:20 बजे बंद मिला। स्कूली छात्रों के बुलाने पर प्रधानाध्यापक पहुंचे। प्रधानाध्यापक अमित कुमार ने बताया कि मिड डे मील का सामान लेने गए थे। इसलिए विलंब हो गया। विद्यालय में तीन शिक्षक हैं। जबकि मौके पर प्रधानाध्यापक ही उपस्थित मिले।
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पौने दस बजे बंद मिला विद्यालय
बिधूना ब्लॉक क्षेत्र के नंदपुर गांव का प्राथमिक विद्यालय 9:40 बजे पर बंद मिला। बच्चे स्कूल के बाहर खेल रहे थे। पूछने पर बताया कि गुुरु जी दस बजे आते हैं। जबकि स्कूल में बीटीसी का प्रशिक्षण कर रहीं प्रशिक्षक मौजूद मिलीं।
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साढ़े दस बजे तक शुरूनहीं हो सकी परीक्षा
ब्लॉक क्षेत्र के जमालीपुर के प्रावि 10:30 बजे खुल चुका था। बच्चों केआने का सिलसिला जारी था। विद्यालय में शिक्षामित्र से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि प्रधानाध्यापक अभी स्कूल नहीं आई हैं। इसके बाद बच्चों को कमरों के अंदर बैठा दिया गया। जबकि परीक्षा का समय 9:30 बजे निर्धारित है।