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एआरटीओ में लाइलाज हुई दलाली
औरैया
Updated Fri, 05 May 2017 12:14 AM IST
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दफ्तर से बाहर फाइलें तैयार करता दलाल।
- फोटो : अमर उजाला
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एआरटीओ के छुट्टी पर जाते ही छिपे रहने वाले दलाल खुलकर कार्यालय में आ गए। यहां तक कि अंदर से भगा दिए गए बाहरी फिर से कर्मचारी बनकर काम करते दिखाई दिए। वहीं एआरटीओ के कर्मचारियों की मिलीभगत से पूरे दिन दफ्तर में दलालों का जमावड़ा लगा रहा।
एआरटीओ से दलालों का कब्जा हट नहीं रहा है। प्रशासन इन पर रोक लगाने में फेल साबित हो रहा है। कर्मचारी बनकर काम करने वाले बाहरी लोगों की जबरदस्त सेटिंग है। अमर उजाला के खुलासे के बाद कर्मचारी बने बाहरी लोगों को भगा दिया गया था।
यह फिर से काम पाने के लिए चक्कर काट रहे हैं। कार्यालय के कर्मचारियों की कृपा से इनका काम भी चल रहा है। लगातार की सख्ती से दलाल छिपे घूम रहे थे। एआरटीओ खुद वर्दी पहनकर दलालों को खदेड़ रहे हैं।
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बुधवार को पुलिस भी घंटों डटी रही थी। गुरुवार को एआरटीओ छुट्टी पर चले गए। इसकी भनक सुबह दलालों को लग गई। यह कार्यालय में डट गए। दलाल खुलेआम काम कराते रहे। जिन्हें भगा दिया गया था वह आज काम कर रहे थे। इस संबंध में एआरटीओ मनोज कुमार से बात करने की कोशिश की गई। उनका फोन नहीं लगा।
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एआरटीओ से दलालों का कब्जा हट नहीं रहा है। प्रशासन इन पर रोक लगाने में फेल साबित हो रहा है। कर्मचारी बनकर काम करने वाले बाहरी लोगों की जबरदस्त सेटिंग है। अमर उजाला के खुलासे के बाद कर्मचारी बने बाहरी लोगों को भगा दिया गया था।
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यह फिर से काम पाने के लिए चक्कर काट रहे हैं। कार्यालय के कर्मचारियों की कृपा से इनका काम भी चल रहा है। लगातार की सख्ती से दलाल छिपे घूम रहे थे। एआरटीओ खुद वर्दी पहनकर दलालों को खदेड़ रहे हैं।
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बुधवार को पुलिस भी घंटों डटी रही थी। गुरुवार को एआरटीओ छुट्टी पर चले गए। इसकी भनक सुबह दलालों को लग गई। यह कार्यालय में डट गए। दलाल खुलेआम काम कराते रहे। जिन्हें भगा दिया गया था वह आज काम कर रहे थे। इस संबंध में एआरटीओ मनोज कुमार से बात करने की कोशिश की गई। उनका फोन नहीं लगा।