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सरकारी बोरियों में भरा मिला चावल, मिल संचालक को नोटिस
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औरैया। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दीपू सिंह की मिल में यूपी और पंजाब का सरकारी चावल भी खपाया जा रहा था। इसका खुलासा बुधवार को मिल पर पड़े छापे में हुआ है। अफसरों को चावल से भरीं कुल सात हजार में 428 बोरियां ऐसी मिली हैं जिन पर यूपी और पंजाब की सरकारी वितरण प्रणाली का टैक लगा हुआ है। इन बोरियों को सील कर दिया गया है। जिला प्रशासन की ओर से मिल संचालक दीपू सिंह को नोटिस जारी करके एक सप्ताह में जवाब मांगा गया है।
बुधवार को अतिरिक्त उपजिलाधिकारी/मंडी सभापति रमेश चंद्र यादव, जिला पूर्ति अधिकारी देवमणी मिश्रा, क्षेत्रीय अधिकारी रामेंद्र सिंह यादव, खाद्य एवं विपणन अधिकारी सुधांशु चतुर्वेदी, वाणिज्यकर टीम ने पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दीपू सिंह की मिल पर छापा मारा था। यहां टीम को लगभग सात हजार बोरियों में चावल भरा मिला था।
जब इन बोरियों की जांच की गई तो इनमें 428 बोरियां ऐसी मिलीं जिन पर यूपी और पंजाब की सरकारी वितरण प्रणाली का टैक लगा था। बड़ी संख्या में सरकारी बोरियां खाली भी मिली हैं, जिन पर पंजाब प्रांत के कई जिलों के टैग लगे हैं। इससे दीपू सिंह की मुश्किलें और बढ़ गईं हैं।
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उधर इतनी अधिक मात्रा में सरकारी बोरियां मिलने से जिला प्रशासन के अधिकारी भी सकते में हैं। अधिकारियों की टीम ने मौके पर मिलीं बोरियों का मिलान कर सील कर दिया है। साथ ही मिल संचालक दीपू सिंह को नोटिस जारी करके एक सप्ताह में जवाब मांगा गया है।
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बुधवार को अतिरिक्त उपजिलाधिकारी/मंडी सभापति रमेश चंद्र यादव, जिला पूर्ति अधिकारी देवमणी मिश्रा, क्षेत्रीय अधिकारी रामेंद्र सिंह यादव, खाद्य एवं विपणन अधिकारी सुधांशु चतुर्वेदी, वाणिज्यकर टीम ने पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दीपू सिंह की मिल पर छापा मारा था। यहां टीम को लगभग सात हजार बोरियों में चावल भरा मिला था।
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जब इन बोरियों की जांच की गई तो इनमें 428 बोरियां ऐसी मिलीं जिन पर यूपी और पंजाब की सरकारी वितरण प्रणाली का टैक लगा था। बड़ी संख्या में सरकारी बोरियां खाली भी मिली हैं, जिन पर पंजाब प्रांत के कई जिलों के टैग लगे हैं। इससे दीपू सिंह की मुश्किलें और बढ़ गईं हैं।
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उधर इतनी अधिक मात्रा में सरकारी बोरियां मिलने से जिला प्रशासन के अधिकारी भी सकते में हैं। अधिकारियों की टीम ने मौके पर मिलीं बोरियों का मिलान कर सील कर दिया है। साथ ही मिल संचालक दीपू सिंह को नोटिस जारी करके एक सप्ताह में जवाब मांगा गया है।