{"_id":"61e6ff89a0d3201bfa374818","slug":"auraiya-news-mausam-auraiya-news-knp676058943","type":"story","status":"publish","title_hn":"ठंड और शीतलहर ने हाड़ कंपाया, अलाव भी काम न आया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ठंड और शीतलहर ने हाड़ कंपाया, अलाव भी काम न आया
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
औरैया। ठंड और शीत लहर हाड़ कंपा रही है। दो दिन में दो डिग्री तापमान तो चढ़ा है लेकिन भीषण सर्दी अभी बरकरार है। हालत यह है कि लोग घरों से कम ही निकल रहे हैं। बाजारों में सन्नाटा है। जगह-जगह जल रहे अलाव ही राहगीरों का सहारा बने हुए हैं। मंगलवार को भी धूप न निकलने से लोगों को ठंड से निजात नहीं मिली। सुबह से छाए कोहरे ने वाहनों की रफ्तार धीमी कर दी।
मौसम वैैज्ञानिकों के अनुसार, कोहरे और शीत लहर के कारण अभी ठंड रहेगी। आने वाले तीन से चार दिन तापमान लुढ़केगा, साथ ही बारिश के आसार भी हैं। परवाह केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ. अनंत कुमार ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ एक बार फिर प्रभावी हुआ है। इसी के चलते बारिश के आसार हैं। मंगलवार को न्यूनतम तापमान छह डिग्री व अधिकतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
फसल बचाने के लिए किसान खेतों में डटे
कड़ाके की ठंड की परवाह किए बगैर किसान फसल को सुरक्षित करने में जुटे हैं। इन दिनों खेतों में गेहूं की फसल तैयार हो रही है। पाले के कारण फसलों में सिंचाई की जरूरत पड़ रही है। ऐसे में किसान ठंड और शीत लहर को दरकिनार करते हुए अपने खेतों में सिंचाई कर रहे हैं।
विज्ञापन
रुरुगंज में किसान भजन लाल खेतों में मंगलवार सुबह सिंचाई करते नजर आए। हालांकि ठंड से वह ठिठुरते भी रहे लेकिन उनका यही जवाब था कि वह अन्नदाता हैं, उन्हें किसी मौसम की परवाह नहीं। बेहतर फसल उगाने के लिए उन्हें हर मौसम का सामना करना पड़ता है, क्या ठंड और क्या बारिश। कृषि वैज्ञानिक डॉ. इंद्रपाल का कहना है कि तापमान गिरने के साथ पाला पड़ रहा है। आलू के किसान हल्की सिंचाई कर पाला से फसल का बचाव कर सकते हैं।
गर्म कपड़ों का बाजार गरमाया
ठंड बढ़ने के साथ ही बाजारों में गरम कपड़ों की मांग बढ़ी है। सड़कों किनारे पिछले कुछ दिनों से जैकेट, स्वेटर और रजाइयां बेच रहे लोग मायूस नजर आ रहे थे। जनवरी में बढ़ी ठंड ने उनका व्यापार बढ़ा दिया है।
कानपुर रोड पर जैकेट बेच रहे हिमाचल प्रदेश से आए प्रकाश राणा ने बताया कि वह अच्छी बिक्री की आस में औरैया आए थे, शुरुआत में बिक्री कम थी, अब इजाफा हुआ है। सुबह से लेकर देर शाम तक अच्छी बिक्री हो रही है। शहर के लेडीज मार्केट, होमगंज, सदर बाजार में भी बिक्री बढ़ी है।
विज्ञापन
मौसम वैैज्ञानिकों के अनुसार, कोहरे और शीत लहर के कारण अभी ठंड रहेगी। आने वाले तीन से चार दिन तापमान लुढ़केगा, साथ ही बारिश के आसार भी हैं। परवाह केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ. अनंत कुमार ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ एक बार फिर प्रभावी हुआ है। इसी के चलते बारिश के आसार हैं। मंगलवार को न्यूनतम तापमान छह डिग्री व अधिकतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
विज्ञापन
फसल बचाने के लिए किसान खेतों में डटे
कड़ाके की ठंड की परवाह किए बगैर किसान फसल को सुरक्षित करने में जुटे हैं। इन दिनों खेतों में गेहूं की फसल तैयार हो रही है। पाले के कारण फसलों में सिंचाई की जरूरत पड़ रही है। ऐसे में किसान ठंड और शीत लहर को दरकिनार करते हुए अपने खेतों में सिंचाई कर रहे हैं।
विज्ञापन
रुरुगंज में किसान भजन लाल खेतों में मंगलवार सुबह सिंचाई करते नजर आए। हालांकि ठंड से वह ठिठुरते भी रहे लेकिन उनका यही जवाब था कि वह अन्नदाता हैं, उन्हें किसी मौसम की परवाह नहीं। बेहतर फसल उगाने के लिए उन्हें हर मौसम का सामना करना पड़ता है, क्या ठंड और क्या बारिश। कृषि वैज्ञानिक डॉ. इंद्रपाल का कहना है कि तापमान गिरने के साथ पाला पड़ रहा है। आलू के किसान हल्की सिंचाई कर पाला से फसल का बचाव कर सकते हैं।
गर्म कपड़ों का बाजार गरमाया
ठंड बढ़ने के साथ ही बाजारों में गरम कपड़ों की मांग बढ़ी है। सड़कों किनारे पिछले कुछ दिनों से जैकेट, स्वेटर और रजाइयां बेच रहे लोग मायूस नजर आ रहे थे। जनवरी में बढ़ी ठंड ने उनका व्यापार बढ़ा दिया है।
कानपुर रोड पर जैकेट बेच रहे हिमाचल प्रदेश से आए प्रकाश राणा ने बताया कि वह अच्छी बिक्री की आस में औरैया आए थे, शुरुआत में बिक्री कम थी, अब इजाफा हुआ है। सुबह से लेकर देर शाम तक अच्छी बिक्री हो रही है। शहर के लेडीज मार्केट, होमगंज, सदर बाजार में भी बिक्री बढ़ी है।