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मार्गों को गड्ढामुक्त करने का अभियान बेअसर
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फोटो-18एयूआरपी-6- गड्ढों में तब्दील औरैया-कन्नौज मार्ग । संवाद
- फोटो : AURAIYA
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औरैया। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों को गड्ढामुक्त किए जाने का अभियान बेअसर साबित हो रहा है। 15 अक्तूबर तक सड़कों की दशा सुधारने के निर्देश थे, लेकिन विभागीय खानापूरी के चलते सड़कों की स्थिति जस की तस बनी हुई है। करोड़ों की लागत से बनी सड़कें विभागीय उपेक्षा के चलते अपना अस्तित्व खोती नजर आ रही हैं। वहीं, विभागीय अधिकारी महीनों से बारिश का बहाना बना दुखड़ा रोते चले आ रहे हैं। आज हालात यह है कि गड्ढों में तब्दील हो चुके मुख्यमार्गों पर आए दिन लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं।
लोक निर्माण विभाग हर साल लाखों रुपये खर्च कर सड़कों को गड्ढामुक्त करने का दम भरता चला आ रहा है। इस बार भी विभाग को करीब 45 लाख रुपये से सैकड़ों सड़कों को गड्ढामुक्त करना था। इसके लिए शासन से 15 अक्तूबर तक समय निर्धारित किया गया। बारिश के कारण सितंबर माह में कुछ सड़कों का कार्य प्रभावित रहा। इसके बाद विभाग सुस्त पड़ गया। यही कारण रहा कि शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के दर्जनों मुख्य मार्ग आज भी बदहाली की दस्तां बयां कर रहे है। बेला-बिधूना मार्ग, औरैया-कन्नौज मार्ग, जालौन मार्ग, सहायल मार्ग समेत ग्रामीण क्षेत्र की तमाम सड़कें पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील हो चुकीं हैं। हालात यह है कि इन पर पैदल चलना मुश्किल हो रहा है। सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे होने के कारण हादसे भी हो रहे हैं। वहीं, विभागीय अधिकारी कुछ सड़कों को गड्ढामुक्त करने तथा कुछ को जल्द गड्ढामुक्त करने का दम भर रहे हैं।
उच्चाधिकारी नहीं कर रहे गड्ढामुक्त करने की समीक्षा
जिले में सड़कों की दशा दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही है। विभाग गड्ढामुक्त करने के नाम पर लाखों रुपये खर्च कर खानापूरी करने में जुटा है। इसकी जिले स्तर पर उच्चाधिकारियों द्वारा समीक्षा न किए जाने से विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों पर भी कोई असर नहीं दिख रहा है। यही कारण है कि सड़कें चलने लायक नहीं है।
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नागरिक बोले
रामनगर निवासी जवाहर लाल बताते हैं कि सड़कों पर गड्ढे हो जाने से आए दिन हादसे हो रहे हैं। वह कई बार स्वयं दुर्घटना का शिकार होते-होते बचे हैं। स्थानीय लोग लगातार मुख्य मार्ग को गड्ढामुक्त कराने की मांग कर रहे हैं, अफसर हैं कि ध्यान नहीं देते। पुरवा रावत निवासी मोहम्मद अनीस कहते हैं कि सरकार लाखों रुपये सड़कों की मरम्मत के लिए दे रही है। इसके बाद भी सड़कों की दुर्दशा जैसे की तैसी है, विभाग खानापूरी करता है। जहां पर गड्ढे हैं, वहां ईंट व मिट्टी भराई जाती है। इसलिए हल्की बारिश होते ही फिर से गड्ढे हो रहे हैं।
जिम्मेदार बोले
जिले में 130 किलोमीटर लंबाई की सड़कों को गड्ढामुक्त किया जाना है। जिसमें 35 फीसदी का काम पूरा हो गया है। सरकार से कई भागों में बजट मिल रहा है, उसी आधार पर काम कराया जा रहा है। नवंबर तक जिले की सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करा दिया जाएगा। जो सड़कें बनने लायक नहीं हैं, उनमें 15 सड़कों के निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।
- अनिल कुमार जाटव, अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड, लोनिवि औरैया
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लोक निर्माण विभाग हर साल लाखों रुपये खर्च कर सड़कों को गड्ढामुक्त करने का दम भरता चला आ रहा है। इस बार भी विभाग को करीब 45 लाख रुपये से सैकड़ों सड़कों को गड्ढामुक्त करना था। इसके लिए शासन से 15 अक्तूबर तक समय निर्धारित किया गया। बारिश के कारण सितंबर माह में कुछ सड़कों का कार्य प्रभावित रहा। इसके बाद विभाग सुस्त पड़ गया। यही कारण रहा कि शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के दर्जनों मुख्य मार्ग आज भी बदहाली की दस्तां बयां कर रहे है। बेला-बिधूना मार्ग, औरैया-कन्नौज मार्ग, जालौन मार्ग, सहायल मार्ग समेत ग्रामीण क्षेत्र की तमाम सड़कें पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील हो चुकीं हैं। हालात यह है कि इन पर पैदल चलना मुश्किल हो रहा है। सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे होने के कारण हादसे भी हो रहे हैं। वहीं, विभागीय अधिकारी कुछ सड़कों को गड्ढामुक्त करने तथा कुछ को जल्द गड्ढामुक्त करने का दम भर रहे हैं।
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उच्चाधिकारी नहीं कर रहे गड्ढामुक्त करने की समीक्षा
जिले में सड़कों की दशा दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही है। विभाग गड्ढामुक्त करने के नाम पर लाखों रुपये खर्च कर खानापूरी करने में जुटा है। इसकी जिले स्तर पर उच्चाधिकारियों द्वारा समीक्षा न किए जाने से विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों पर भी कोई असर नहीं दिख रहा है। यही कारण है कि सड़कें चलने लायक नहीं है।
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नागरिक बोले
रामनगर निवासी जवाहर लाल बताते हैं कि सड़कों पर गड्ढे हो जाने से आए दिन हादसे हो रहे हैं। वह कई बार स्वयं दुर्घटना का शिकार होते-होते बचे हैं। स्थानीय लोग लगातार मुख्य मार्ग को गड्ढामुक्त कराने की मांग कर रहे हैं, अफसर हैं कि ध्यान नहीं देते। पुरवा रावत निवासी मोहम्मद अनीस कहते हैं कि सरकार लाखों रुपये सड़कों की मरम्मत के लिए दे रही है। इसके बाद भी सड़कों की दुर्दशा जैसे की तैसी है, विभाग खानापूरी करता है। जहां पर गड्ढे हैं, वहां ईंट व मिट्टी भराई जाती है। इसलिए हल्की बारिश होते ही फिर से गड्ढे हो रहे हैं।
जिम्मेदार बोले
जिले में 130 किलोमीटर लंबाई की सड़कों को गड्ढामुक्त किया जाना है। जिसमें 35 फीसदी का काम पूरा हो गया है। सरकार से कई भागों में बजट मिल रहा है, उसी आधार पर काम कराया जा रहा है। नवंबर तक जिले की सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करा दिया जाएगा। जो सड़कें बनने लायक नहीं हैं, उनमें 15 सड़कों के निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।
- अनिल कुमार जाटव, अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड, लोनिवि औरैया