फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Auraiya News ›   auraiya news

आक्सीजन कमी से टूटी सांसों की डोर

Sat, 24 Jul 2021 11:42 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 24 Jul 2021 11:42 PM IST
विज्ञापन
auraiya news
औरैया। कोरोना की दूसरी लहर पीक पर पहुंची तो जिले में ऑक्सीजन की कमी हो गई। हाल ये रहा कि समय से ऑक्सीजन न मिल पाने के कारण कई लोगों की जान चली गई। कुछ ऑक्सीजन के लिए इधर-उधर भटके और समय से अस्पताल नहीं पहुंच पाने में मौत हो गई।
विज्ञापन

केंद्र सरकार भले ही ऑक्सीजन की कमी से एक भी मौत न होने का दम भर रही हो, लेकिन जिले में न जाने कितने लोग ऑक्सीजन की कमी में दमतोड़ गए। इनमें तमाम लोग ऐसे भी थे, जो गैर जनपदों से इलाज कराने आए या फिर गैर जनपद इलाज कराने गए। कई परिवार के लोग ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने के लिए इधर-उधर घूमते रहे। कुछ ने तो मदद मिलती न देख महंगे दामों पर ऑक्सीजन सिलिंडर खरीद कर अस्पतालों को मुहैया कराए। इसके साथ ही महंगे दामों पर सिलिंडर भी भरवाए। कुछ मरीज ऐसे भी रहे जिन्हें जिले में बेहतर सुविधा मिलती नजर नहीं आई तो प्राइवेट अस्पतालों के साथ, सैफई, कानपुर, कन्नौज भी इलाज कराने पहुंचे।
विज्ञापन

केस-1
अयाना कस्बे के विशुनदयाल को 23 मई की शाम अचानक तबीयत बिगड़ गई। उन्हें दो दिन पहले से बुखार और खांसी की शिकायत थी। बेटा बबलू 23 मई की रात पिता को स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचा। यहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने ऑक्सीजन पर्याप्त न होने की बात कह जिला अस्पताल चिचौली के लिए रेफर कर दिया। इधर पिता की हालत बिगड़ती गई। आरोप था कि परिजन काफी देर ऑक्सीजन के लिए गिड़गिड़ाते रहे। लेकिन किसी ने उसकी नहीं सुनी और जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ऑक्सीजन के अभाव में वृद्ध विशुनदयाल ने दम तोड़ दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

केस-2
जिले के मुंगरिया निवासी कृष्ण कुमार यादव को बुखार और खांसी होने पर परिजन 24 अप्रैल को चिचौली जिला अस्पताल लेकर आई। यहां पर एंटीजन रिपोर्ट कोरोना पॉजीटिव आई। साथ ही मरीज को सांस लेने में परेशानी बढ़ती गई। ऑक्सीजन की कमी और वेंटीलेटर न मिल पाने से वह चार दिन अस्पताल में जिंदगी और मौत से लड़ते रहे। इस दौरान फेफड़ों का स्कोर 24 तक जा पहुंचा। जिस पर डॉक्टरों ने उन्हें सैफई रेफर कर दिया। हालत नाजुक देख पत्नी लक्ष्मी देवी ने महंगे दामों पर निजी ऑक्सीजन सिलिंडर खरीदा और पति को दिबियापुर के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया। समय से ऑक्सीजन न मिल पाने और हालत नाजुक होने पर दो मई को मौत हो गई और पत्नी लक्ष्मी, बेटी उन्नति(5) और श्रष्टि(2) अनाथ हो गए। इनका दर्द समझना वाला कोई नहीं है।

कोरोना की दूसरी लहर किसी भी व्यक्ति को ऑक्सीजन की कमी नहीं होनी दी गई है और नहीं किसी मरीज की ऑक्सीजन की कमी के चलते मौत हुई है। तीसरी लहर से निपटने के लिए बेहतर व्यवस्था की जा रही है। इस बार वैकल्पिक व्यवस्था भी है। यदि कोई प्लांट व किसी जगह से ऑक्सीजन मिलना बंद हो जाए तो दूसरी जगह से ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में मिलती रहे।
-डॉ. अर्चना श्रीवास्तव, सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed