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कोरोना संक्रमित की निजी अस्पताल में मौत, शव न देने पर हंगामा
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दिबियापुर (औरैया)। फफूंद रोड स्थित कृष्णा मेडिकल सेंटर पर मरीज की मौत के बाद बकाया रुपये जमा न करने के कारण शव न दिए जाने का आरोप लगाकर परिजनों ने हंगामा किया। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि कोविड गाइड लाइन के अनुरूप शव को प्रशासन के माध्यम से सौंपने का नियम है। मौके पर पहुंचे एसडीएम ने मामले की जांच करने की बात कही।
फफूंद रोड स्थित केएमसी में सुबह एक महिला की मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि शव मांगने पर बकाया रुपये जमा करने के लिए कहा गया। बकाया रुपये जमा नहीं करने पर शव नहीं दिया गया। इस बीच परिजनों ने शव पाने के लिए काफी हंगामा काटा। मामले की जानकारी होने पर एसडीएम रमेश यादव, दिबियापुर थाना पुलिस समेत मौके पर पहुंच गई। मृतका के बेटे शीलू पांडेय पुत्र सीताराम पांडेय निवासी जगनपुर अकबरपुर कानपुर देहात ने आरोप लगाया कि उन्होंने अपनी मां पुष्पा पांडेय को 5 मई को दिबियापुर स्थित केएमसी में भर्ती कराया था। हालत गंभीर होने पर उनकी मां को वेंटिलेटर पर भी रखा गया। रविवार की सुबह मां की मृत्यु हो गई। शव मांगने पर अस्पताल प्रशासन ने बकाया डेढ़ लाख रुपये की मांग की।
कृष्णा मेडिकल स्टोर के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ.ब्रजेश यादव का कहना है कि कोविड गाइड लाइन के अनुरूप महिला का उपचार किया गया और गाइड लाइन के अनुरूप ही रुपये लिए गए। गाइड लाइन के अनुरूप कोविड मरीज को मृत्यु हो जाने पर सीधे परिजनों को शव नहीं दिया जा सकता। इसलिए सुबह ही दिबियापुर थाना पुलिस को जानकारी देते हुए कोविड गाइड लाइन के अनुरूप अंतिम संस्कार कराने के लिए लिखापढ़ी की गई थी। बकाया रुपये न देने पर शव न देने के आरोप मनगढ़ंत हैं। मामले की जानकारी होने पर रविवार शाम एसडीएम रमेश यादव मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। एसडीएम ने कोविड गाइड लाइन के अनुरूप अंतिम संस्कार के लिए शव को सरकारी शव वाहन से परिजनों के साथ भेज दिया।
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फफूंद रोड स्थित केएमसी में सुबह एक महिला की मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि शव मांगने पर बकाया रुपये जमा करने के लिए कहा गया। बकाया रुपये जमा नहीं करने पर शव नहीं दिया गया। इस बीच परिजनों ने शव पाने के लिए काफी हंगामा काटा। मामले की जानकारी होने पर एसडीएम रमेश यादव, दिबियापुर थाना पुलिस समेत मौके पर पहुंच गई। मृतका के बेटे शीलू पांडेय पुत्र सीताराम पांडेय निवासी जगनपुर अकबरपुर कानपुर देहात ने आरोप लगाया कि उन्होंने अपनी मां पुष्पा पांडेय को 5 मई को दिबियापुर स्थित केएमसी में भर्ती कराया था। हालत गंभीर होने पर उनकी मां को वेंटिलेटर पर भी रखा गया। रविवार की सुबह मां की मृत्यु हो गई। शव मांगने पर अस्पताल प्रशासन ने बकाया डेढ़ लाख रुपये की मांग की।
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कृष्णा मेडिकल स्टोर के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ.ब्रजेश यादव का कहना है कि कोविड गाइड लाइन के अनुरूप महिला का उपचार किया गया और गाइड लाइन के अनुरूप ही रुपये लिए गए। गाइड लाइन के अनुरूप कोविड मरीज को मृत्यु हो जाने पर सीधे परिजनों को शव नहीं दिया जा सकता। इसलिए सुबह ही दिबियापुर थाना पुलिस को जानकारी देते हुए कोविड गाइड लाइन के अनुरूप अंतिम संस्कार कराने के लिए लिखापढ़ी की गई थी। बकाया रुपये न देने पर शव न देने के आरोप मनगढ़ंत हैं। मामले की जानकारी होने पर रविवार शाम एसडीएम रमेश यादव मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। एसडीएम ने कोविड गाइड लाइन के अनुरूप अंतिम संस्कार के लिए शव को सरकारी शव वाहन से परिजनों के साथ भेज दिया।
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