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निर्माणाधीन छज्जे ने दिया मनमानी का सबूत
Auraiya, Uttar pradesh, India
Updated Sat, 09 Apr 2016 12:15 AM IST
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वह खिड़की जिसका शेड टूटकर नीचे गिरा
- फोटो : amar ujala beuro
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शहर के यमुना रोड पर स्थित एक नंबर बिजली घर के निर्माण में मानकों की अनदेखी की जा रही है। शुक्रवार को इसका सबूत भी मिल गया। छज्जे का एक हिस्सा भरभराकर गिर गया। संयोग से उस समय वहां कोई मौजूद नहीं था अन्यथा बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। दूसरी तरफ एसडीओ का कहना है कि गुणवत्ता सही न होने की वजह से छज्जा गिरवाया गया है। छज्जा गिरा या गिरवाया गया, दोनों ही स्थिति में अमर उजाल की आशंका सच साबित हुई। अमर उजाला ने पहले ही बता दिया था कि निर्माण में गुणवत्ता की अनदेखी की जा रही है।
शहर के नंबर एक बिजली केंद्र की ऊपरी इमारत पर कई माह से निर्माण कार्य चल रहा है। शुक्रवार को पहली मंजिल में खिड़की के ऊपर डाला गया आरसीसी का छज्जा सुबह तेज आवाज के साथ नीचे गिर पड़ा। हादसे में नीचे खड़े कर्मचारी बाल-बाल बच गए। बता दें कि इस निर्माण कार्य में उपयोग की गई सामग्री की गुणवत्ता पर अमर उजाला ने सवाल खड़े किए थे। अमर उजाला ने नौ मार्च,13 मार्च और 14 मार्च के अंक में खबर प्रकाशित कर निर्माण कार्य करवा रहे अधिकारियों को आगाह किया था।
इस पर जेई सुशील कुमार का कहना था कि उनके ऊपर दस जिलों के बिजली केंद्रों की जिम्मेदारी है। ऐसे में वह प्रत्येक केंद्र पर जाकर निर्माण कार्य और उसकी गुणवत्ता नहीं देख सकते। हां यदि शिकायत मिलती है तो संबंधित ठेकेदार को चेतावनी जारी कर उसका भुगतान रोक दिया जाता है। बिजली केंद्र पर कार्यरत एसएसओ मनोज कुमार ने बताया कि बिजली केंद्र की ऊपरी इमारत पर चल रहे निर्माण कार्य में एक सप्ताह पूर्व ही आरसीसी की स्लेप डाली गई थी जो सुबह आने पर नीचे गिरी मिली।
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एक सप्ताह पूर्व किए गए निरीक्षण में एक खिड़की के ऊपर की स्लेप तिरछी पाए जाने पर उसको तुड़वा दिया था। अब कौन सी स्लेप गिर गई है इसकी जानकारी नहीं है। फिलहाल बिजली केंद्र पर कराया जा रहा निर्माण कार्य पूरी तरह से मानकों के तहत हो रहा है। ऐसे में यदि कहीं कुछ गड़बड़ी पाई जाती है तो उसको दोबारा निर्माण कराया जाएगा।
सत्यम अग्रवाल, एसडीओ, सिविल
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शहर के नंबर एक बिजली केंद्र की ऊपरी इमारत पर कई माह से निर्माण कार्य चल रहा है। शुक्रवार को पहली मंजिल में खिड़की के ऊपर डाला गया आरसीसी का छज्जा सुबह तेज आवाज के साथ नीचे गिर पड़ा। हादसे में नीचे खड़े कर्मचारी बाल-बाल बच गए। बता दें कि इस निर्माण कार्य में उपयोग की गई सामग्री की गुणवत्ता पर अमर उजाला ने सवाल खड़े किए थे। अमर उजाला ने नौ मार्च,13 मार्च और 14 मार्च के अंक में खबर प्रकाशित कर निर्माण कार्य करवा रहे अधिकारियों को आगाह किया था।
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इस पर जेई सुशील कुमार का कहना था कि उनके ऊपर दस जिलों के बिजली केंद्रों की जिम्मेदारी है। ऐसे में वह प्रत्येक केंद्र पर जाकर निर्माण कार्य और उसकी गुणवत्ता नहीं देख सकते। हां यदि शिकायत मिलती है तो संबंधित ठेकेदार को चेतावनी जारी कर उसका भुगतान रोक दिया जाता है। बिजली केंद्र पर कार्यरत एसएसओ मनोज कुमार ने बताया कि बिजली केंद्र की ऊपरी इमारत पर चल रहे निर्माण कार्य में एक सप्ताह पूर्व ही आरसीसी की स्लेप डाली गई थी जो सुबह आने पर नीचे गिरी मिली।
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एक सप्ताह पूर्व किए गए निरीक्षण में एक खिड़की के ऊपर की स्लेप तिरछी पाए जाने पर उसको तुड़वा दिया था। अब कौन सी स्लेप गिर गई है इसकी जानकारी नहीं है। फिलहाल बिजली केंद्र पर कराया जा रहा निर्माण कार्य पूरी तरह से मानकों के तहत हो रहा है। ऐसे में यदि कहीं कुछ गड़बड़ी पाई जाती है तो उसको दोबारा निर्माण कराया जाएगा।
सत्यम अग्रवाल, एसडीओ, सिविल