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Auraiya News: कमलेश पाठक के जेल जाने के बाद सोशल मीडिया पर उबाल
Tue, 25 Aug 2026 12:23 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Tue, 25 Aug 2026 12:23 AM IST
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औरैया। दोहरे हत्याकांड में पूर्व राज्यमंत्री कमलेश पाठक समेत 10 आरोपियों को न्यायालय ने दोषी पाया गया है। आदेश आने के बाद से यह पूरा मामला सोशल मीडिया पर उबाल मार रहा है। पक्ष व विपक्ष के समर्थक सोशल मीडिया पर लगातार पोस्ट कर अपने पक्ष को सही ठहरा रहे हैं।
पूर्व राज्यमंत्री कमलेश पाठक, उसके भाई पूर्व ब्लॉक प्रमुख संतोष, रामू, सरकारी गनर अवनीश प्रताप सिंह सहित अन्य को 19 अगस्त को एमपी-एमएलए न्यायालय ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। मामले में कमलेश पाठक के बेटे तिलक राज ने सोशल मीडिया पर न्यायालय से लेकर सरकार तक को कठघरे में खड़ा करने का प्रयास किया था। यहां से सोशल मीडिया में यह मामला तूल पकड़ता गया।
वादी आशीष कुमार व मुख्य गवाह संजय चौबे के समर्थकों ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अपनी भड़ास निकाली है। खास बात यह है कि अधिवक्ता अपने दिवंगत साथी अधिवक्ता मंजुल चौबे को याद करते हुए इस नरसंहार प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। निशाने पर कमलेश दिखाई दे रहा है। हालांकि इस पर पुलिस की साइबर सेल की नजर बनी हुई है। इसमें खेमेबंदी के चेहरे भी खुलकर सामने आ रहे हैं। हालांकि कमलेश के पक्ष में गिने-चुने लोग ही प्रतिक्रियाएं कर रहे हैं।
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चौराहों से लेकर घरों तक मिटे वजूद की चर्चा
घटना वाले दिन के बाद से आज तक जिले के प्रमुख चौराहों पर शाम को चाय की दुकान में होने वाली बैठकों में पूर्व राज्यमंत्री को उम्रकैद से लेकर रसूख तक की चर्चा हो रही हैं। घरों में भी अपने बच्चों के बीच लोग सही-गलत का उदाहरण दोहरे हत्याकांड के जरिये दे रहे हैं, कानून का राज स्थापित होने की चर्चा है।
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अवैध कब्जों को लेकर पीड़ित करेंगे शिकायत
वादी पक्ष से संजय चौबे ने बताया कि पूर्व राज्यमंत्री, उसके भाइयों व उसके गुर्गों ने सरकारी से लेकर निजी संपत्तियों को अवैध रूप से कब्जा किया है। अभी भी उसका परिवार काबिज है। इसको लेकर उन्होंने जिलाधिकारी से शिकायत दर्ज कराई है। उधर, चर्चा है कि उम्रकैद की सजा के बाद अवैध कब्जों की मार झेल रहे पीड़ित हिम्मत जुटाने लगे हैं। उम्मीद यह जताई जा रही है कि जल्द ही एक-एक कर शिकायत कलक्ट्रेट पहुंचेंगी।
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पूर्व राज्यमंत्री कमलेश पाठक, उसके भाई पूर्व ब्लॉक प्रमुख संतोष, रामू, सरकारी गनर अवनीश प्रताप सिंह सहित अन्य को 19 अगस्त को एमपी-एमएलए न्यायालय ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। मामले में कमलेश पाठक के बेटे तिलक राज ने सोशल मीडिया पर न्यायालय से लेकर सरकार तक को कठघरे में खड़ा करने का प्रयास किया था। यहां से सोशल मीडिया में यह मामला तूल पकड़ता गया।
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वादी आशीष कुमार व मुख्य गवाह संजय चौबे के समर्थकों ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अपनी भड़ास निकाली है। खास बात यह है कि अधिवक्ता अपने दिवंगत साथी अधिवक्ता मंजुल चौबे को याद करते हुए इस नरसंहार प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। निशाने पर कमलेश दिखाई दे रहा है। हालांकि इस पर पुलिस की साइबर सेल की नजर बनी हुई है। इसमें खेमेबंदी के चेहरे भी खुलकर सामने आ रहे हैं। हालांकि कमलेश के पक्ष में गिने-चुने लोग ही प्रतिक्रियाएं कर रहे हैं।
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चौराहों से लेकर घरों तक मिटे वजूद की चर्चा
घटना वाले दिन के बाद से आज तक जिले के प्रमुख चौराहों पर शाम को चाय की दुकान में होने वाली बैठकों में पूर्व राज्यमंत्री को उम्रकैद से लेकर रसूख तक की चर्चा हो रही हैं। घरों में भी अपने बच्चों के बीच लोग सही-गलत का उदाहरण दोहरे हत्याकांड के जरिये दे रहे हैं, कानून का राज स्थापित होने की चर्चा है।
अवैध कब्जों को लेकर पीड़ित करेंगे शिकायत
वादी पक्ष से संजय चौबे ने बताया कि पूर्व राज्यमंत्री, उसके भाइयों व उसके गुर्गों ने सरकारी से लेकर निजी संपत्तियों को अवैध रूप से कब्जा किया है। अभी भी उसका परिवार काबिज है। इसको लेकर उन्होंने जिलाधिकारी से शिकायत दर्ज कराई है। उधर, चर्चा है कि उम्रकैद की सजा के बाद अवैध कब्जों की मार झेल रहे पीड़ित हिम्मत जुटाने लगे हैं। उम्मीद यह जताई जा रही है कि जल्द ही एक-एक कर शिकायत कलक्ट्रेट पहुंचेंगी।