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शादी से एक दिन पहले लगी अाग, नगदी और गृहस्थी राख
अमर उजाला ब्यूरो/औरैया
Updated Sat, 02 Dec 2017 10:08 PM IST
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परिजनों के साथ कार्ड दिखाती युवती।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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क्षेत्र के बमुरीपुर गांव के निकट पुर्वा मल्लाहन में शनिवार की सुबह शादी वाले घर में अचानक आग लग गई। आग से एक लाख 11 हजार रुपये और शादी का सामान राख हो गया।
पुर्वा मल्लाहान निवासी सुरेश चंद्र बाथम ने अपनी बेटी रेशमा की शादी भरथना इटवा में तय की है। रविवार की रात बारात आनी है। इसकी तैयारियां जोरों से चल रही थी। शनिवार की सुबह चार बजे अचानक आग लग गई। आग लगने से कमरे में रखा शादी का सामान, कपड़े व अनाज के साथ बैग में रखे एक लाख 11 हजार रुपये राख हो गए। घर के लोग आग लगते ही भागे और ग्रामीणों की मदद से करीब एक घंटे बाद आग पर काबू पा पाया मगर तब तक सब कुछ जलकर राख हो गया। इस पर परिजन व बेटी रेशमा धाड़े मारकर रोने लगी। सुबह ग्रामीणों की भीड़ लग गई। सूचना पर नायब तहसीलदार शमशेर सिंह पहुंचे और नुकसान का आकलन किया। ग्रामीणों ने मुआवजा दिलाए जाने की मांग की।
लड़के के पिता ने दिखाई दरियादिली
सब कुछ जलने के बाद अब सुरेश बाथम के पास खातिरदारी करने को कुछ नहीं बचा। मगर जब घटना सुनी तो लड़के का पिता ध्रुव लाल भरथना से आ गए। उन्होंने लड़की के पिता को ढांढस बंधाया कि जो है उसी से काम चलेगा। वह बारात लेकर जरूर आएंगे। उन्हें कुछ नहीं चाहिए वह एक साड़ी में विदा करा ले जाएंगे। लड़के के पिता की दरियादिली देख ग्रामीणों ने भी खुशी जाहिर की।
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पुर्वा मल्लाहान निवासी सुरेश चंद्र बाथम ने अपनी बेटी रेशमा की शादी भरथना इटवा में तय की है। रविवार की रात बारात आनी है। इसकी तैयारियां जोरों से चल रही थी। शनिवार की सुबह चार बजे अचानक आग लग गई। आग लगने से कमरे में रखा शादी का सामान, कपड़े व अनाज के साथ बैग में रखे एक लाख 11 हजार रुपये राख हो गए। घर के लोग आग लगते ही भागे और ग्रामीणों की मदद से करीब एक घंटे बाद आग पर काबू पा पाया मगर तब तक सब कुछ जलकर राख हो गया। इस पर परिजन व बेटी रेशमा धाड़े मारकर रोने लगी। सुबह ग्रामीणों की भीड़ लग गई। सूचना पर नायब तहसीलदार शमशेर सिंह पहुंचे और नुकसान का आकलन किया। ग्रामीणों ने मुआवजा दिलाए जाने की मांग की।
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लड़के के पिता ने दिखाई दरियादिली
सब कुछ जलने के बाद अब सुरेश बाथम के पास खातिरदारी करने को कुछ नहीं बचा। मगर जब घटना सुनी तो लड़के का पिता ध्रुव लाल भरथना से आ गए। उन्होंने लड़की के पिता को ढांढस बंधाया कि जो है उसी से काम चलेगा। वह बारात लेकर जरूर आएंगे। उन्हें कुछ नहीं चाहिए वह एक साड़ी में विदा करा ले जाएंगे। लड़के के पिता की दरियादिली देख ग्रामीणों ने भी खुशी जाहिर की।
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