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दस्यु अरविंद गुर्जर रामवीर और उनकी पति्नयों को उम्रकैद
Auraiya
Updated Sat, 12 May 2012 12:00 PM IST
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औरैया/इटावा। चंबल और बीहड़ में आतंक का पर्याय रहे अरविंद गुर्जर व रामवीर गुर्जर और दोनों की पत्नियों को एडीजे (विशेष दस्यु उन्मूलन) ने अपहरण के मामले में आजीवन कारावास व 50-50 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। पत्नी को सजा देने से बौखलाए अरविंद गुर्जर ने काफी देर तक कोर्ट परिसर में हंगामा किया।
स्टेशन बाजार अछल्द निवासी अरविंद कुमार सिंह पुत्र गुलाब सिंह वैस के पुत्र तोषू का अपहरण 15 अगस्त 2004 को हो गया था। तोषू के दोस्त उसे घर से सिनेमा दिखाने के बहाने ले गए थे। उन्होंने उसे कुख्यात दस्यु अरविंद गुर्जर व रामवीर गुर्जर गैंग के सदस्यों के सुपुर्द कर दिया था। फिरौती देने के बाद तोषू की 30 सितंबर 2004 को रिहाई हो सकी थी। पुलिस ने उस मामले में अरविंद गुर्जर व रामवीर गुर्जर, शीला पत्नी अरविंद गुर्जर निवासी ग्राम पहलना थाना भरेह जिला इटावा, अनीता उर्फ बबली पत्नी रामवीर गुर्जर निवासी ग्राम भदसान अजीतमल के अलावा घटना में शामिल सोनू उर्फ शिवम्, दीपू, सुदीश उर्फ सुधीर निवासी अछल्दा, भूरे सिंह , रतन यादव, रामप्रकाश उर्फ टोपीवाला को अभियुक्त बनाया था।
एडीजे कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किए थे। दस्यु अभियुक्तों के विरुद्ध यह मुकदमा न्यायालय में चला। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी रमेश चंद्र मिश्रा व बचाव पक्ष के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद एडीजे राजेंद्र कुमार ने छह आरोपी को दोषमुक्त कर दिया।
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दस्यु अरविंद गुर्जर, पत्नी शीला, रामवीर गुर्जर व उसकी पत्नी अनीता उर्फ बबली को फिरौती के लिए अपहरण का दोषी मानकर शुक्रवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। न्यायाधीश ने चारों पर 50-50 हजार रुपए अर्थदंड भी लगाया। सजा के बाद चारों को जेल भेज दिया गया।
पत्नी को सजा सुनाए करने से खफा अरविंद गुर्जर काफी बौखला गया। वह अदालत परिसर में हंगामा करता रहा।
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स्टेशन बाजार अछल्द निवासी अरविंद कुमार सिंह पुत्र गुलाब सिंह वैस के पुत्र तोषू का अपहरण 15 अगस्त 2004 को हो गया था। तोषू के दोस्त उसे घर से सिनेमा दिखाने के बहाने ले गए थे। उन्होंने उसे कुख्यात दस्यु अरविंद गुर्जर व रामवीर गुर्जर गैंग के सदस्यों के सुपुर्द कर दिया था। फिरौती देने के बाद तोषू की 30 सितंबर 2004 को रिहाई हो सकी थी। पुलिस ने उस मामले में अरविंद गुर्जर व रामवीर गुर्जर, शीला पत्नी अरविंद गुर्जर निवासी ग्राम पहलना थाना भरेह जिला इटावा, अनीता उर्फ बबली पत्नी रामवीर गुर्जर निवासी ग्राम भदसान अजीतमल के अलावा घटना में शामिल सोनू उर्फ शिवम्, दीपू, सुदीश उर्फ सुधीर निवासी अछल्दा, भूरे सिंह , रतन यादव, रामप्रकाश उर्फ टोपीवाला को अभियुक्त बनाया था।
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एडीजे कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किए थे। दस्यु अभियुक्तों के विरुद्ध यह मुकदमा न्यायालय में चला। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी रमेश चंद्र मिश्रा व बचाव पक्ष के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद एडीजे राजेंद्र कुमार ने छह आरोपी को दोषमुक्त कर दिया।
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दस्यु अरविंद गुर्जर, पत्नी शीला, रामवीर गुर्जर व उसकी पत्नी अनीता उर्फ बबली को फिरौती के लिए अपहरण का दोषी मानकर शुक्रवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। न्यायाधीश ने चारों पर 50-50 हजार रुपए अर्थदंड भी लगाया। सजा के बाद चारों को जेल भेज दिया गया।
पत्नी को सजा सुनाए करने से खफा अरविंद गुर्जर काफी बौखला गया। वह अदालत परिसर में हंगामा करता रहा।