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टीईटी धारकों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन
Auraiya
Updated Sat, 05 May 2012 12:00 PM IST
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औरैया। अध्यापक पात्रता परीक्षा धारकों ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपकर अपनी समस्या का निराकरण कराने की मांग की। उन लोगों ने मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। जिलाधिकारी ने ज्ञापन लखनऊ पहुंचाने का आश्वासन दिया है।
शुक्रवार की सुबह लगभग 11 बजे अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) धाकर जिला मुख्यालय ककोर स्थित जिलाधिकारी जीएस नवीन कुमार के कार्यालय पर पहुंचे। वहां जिलाधिकारी को मुख्यमंत्री संबोधित एक ज्ञापन सौंपा और शीघ्र समस्या का निराकरण कराने की गुहार लगाई। उन लोगों ने जिलाधिकारी को बताया कि टीटीई में उत्तीर्ण के लिए प्राप्तांक 60 प्रतिशत रखा गया था लेकिन पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों की मांग पर सामान्य वर्ग के लिए 60 प्रतिशत तथा अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 55 प्रतिशत कर दिया गया था जो अन्य पिछड़ा वर्ग तथा अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों के लिए समान था।
उन्होंने कहा कि हम सभी अनुसुचित जाति/अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों की राज्य सरकार से मांग है कि अध्यापक पात्रता परीक्षा में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों का उत्तीर्ण प्राप्तांक 55 प्रतिशत के स्थान पर 50 प्रतिशत किया जाए।
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विशिष्ट बीटीसी 2012 के आवेदन की तिथि को भी आगे बढ़ाया जाए जिससे हम सभी अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थी भी विशिष्ट बीटीसी में आवेदन कर सकें।
इन अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जन जाति के अभ्यर्थियों ने चेतावनी भी दी कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं होती है तो वह आंदोलन को बाध्य होंगे। अभ्यर्थियों को जिलाधिकारी पत्र शीघ्र मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इस मौके पर अनिकेत कुमार, ब्रजेश कुमार, सरिता पुष्कर, गीता, अंजू गौतम, रविकांत, संजेश कुमारी, मालती देवी, गौरव सिंह, अनुज निषाद, विनय कुमार आदि मौजूद थे।
शुक्रवार की सुबह लगभग 11 बजे अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) धाकर जिला मुख्यालय ककोर स्थित जिलाधिकारी जीएस नवीन कुमार के कार्यालय पर पहुंचे। वहां जिलाधिकारी को मुख्यमंत्री संबोधित एक ज्ञापन सौंपा और शीघ्र समस्या का निराकरण कराने की गुहार लगाई। उन लोगों ने जिलाधिकारी को बताया कि टीटीई में उत्तीर्ण के लिए प्राप्तांक 60 प्रतिशत रखा गया था लेकिन पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों की मांग पर सामान्य वर्ग के लिए 60 प्रतिशत तथा अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 55 प्रतिशत कर दिया गया था जो अन्य पिछड़ा वर्ग तथा अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों के लिए समान था।
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उन्होंने कहा कि हम सभी अनुसुचित जाति/अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों की राज्य सरकार से मांग है कि अध्यापक पात्रता परीक्षा में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों का उत्तीर्ण प्राप्तांक 55 प्रतिशत के स्थान पर 50 प्रतिशत किया जाए।
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विशिष्ट बीटीसी 2012 के आवेदन की तिथि को भी आगे बढ़ाया जाए जिससे हम सभी अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थी भी विशिष्ट बीटीसी में आवेदन कर सकें।
इन अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जन जाति के अभ्यर्थियों ने चेतावनी भी दी कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं होती है तो वह आंदोलन को बाध्य होंगे। अभ्यर्थियों को जिलाधिकारी पत्र शीघ्र मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इस मौके पर अनिकेत कुमार, ब्रजेश कुमार, सरिता पुष्कर, गीता, अंजू गौतम, रविकांत, संजेश कुमारी, मालती देवी, गौरव सिंह, अनुज निषाद, विनय कुमार आदि मौजूद थे।