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मैनेजमेंट और शिक्षक विवाद में फंसे छात्र
Auraiya
Updated Wed, 02 May 2012 12:00 PM IST
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औरैया। तिलक महाविद्यालय में छह महीने से शिक्षक-मैनेजमेंट के बीच विवाद में छात्र फंसे हैं। कालेज में पठन पाठन चौपट हो गया है। वेतन विसंगतियों को दूर करने के हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया गया। शिक्षक का आरोप है कि कालेज मैनेजमेंट उनका शोषण कर रहा है।
मंगलवार को डा. वीणा पांडेय, अनीता परिहार, पल्लवी सिंह, राकेश गुप्ता, विकास दुबे, शिव सागर कटियार, अतुल मिश्रा, नलिन सिंह, सोनिया मिश्रा ने प्राचार्य डा. सुशील गुप्ता से हुई वार्ता के बाद महाविद्यालय मैनेजमेंट पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले 15 सालों में गर्मियों में कभी भी स्ववित्त पोषित शिक्षकों को महाविद्यालय में नहीं बुलाया गया लेकिन इस बार जब हाईकोर्ट का उन्होंने सहारा लिया तो मैनेजमेंट ने उनका उत्पीड़न शुरू करते हुए उन्हें गर्मियों में भी महाविद्यालय में हस्ताक्षर करने केलिए आने के आदेश दिए हैं। शिक्षकाें ने बताया कि इसके अलावा प्रबंध समिति ने महिला शिक्षकों द्वारा शासनादेश के तहत ली गई चाइल्ड केयर लीव का भी भुगतान भी उनके वेतन से काट लिया है। इसके खिलाफ वे लोग महिला आयोग में शिकायत करेंगे। इस संबंध में महाविद्यालय के मंत्री रूपराम पोरवाल ने किसी भी टिप्पणी से इंकार कर दिया।
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मंगलवार को डा. वीणा पांडेय, अनीता परिहार, पल्लवी सिंह, राकेश गुप्ता, विकास दुबे, शिव सागर कटियार, अतुल मिश्रा, नलिन सिंह, सोनिया मिश्रा ने प्राचार्य डा. सुशील गुप्ता से हुई वार्ता के बाद महाविद्यालय मैनेजमेंट पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले 15 सालों में गर्मियों में कभी भी स्ववित्त पोषित शिक्षकों को महाविद्यालय में नहीं बुलाया गया लेकिन इस बार जब हाईकोर्ट का उन्होंने सहारा लिया तो मैनेजमेंट ने उनका उत्पीड़न शुरू करते हुए उन्हें गर्मियों में भी महाविद्यालय में हस्ताक्षर करने केलिए आने के आदेश दिए हैं। शिक्षकाें ने बताया कि इसके अलावा प्रबंध समिति ने महिला शिक्षकों द्वारा शासनादेश के तहत ली गई चाइल्ड केयर लीव का भी भुगतान भी उनके वेतन से काट लिया है। इसके खिलाफ वे लोग महिला आयोग में शिकायत करेंगे। इस संबंध में महाविद्यालय के मंत्री रूपराम पोरवाल ने किसी भी टिप्पणी से इंकार कर दिया।
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