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सुगम और आंचलिक भाषा में पढ़ाएं विज्ञान

Auraiya Updated Tue, 01 May 2012 12:00 PM IST
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औरैया। जिला विज्ञान क्लब के तत्वाधान में दयाराम मौर्य श्री इंटर कालेज गुनौली वंशी में दो दिवसीय विज्ञान लोकप्रियकरण एवं जनजागरूकता कार्यक्रम हुआ।
विषय वस्तु का प्रतिपादन करते हुए जिला विज्ञान क्लब के समन्वयक कौशल किशोर पांडेय ने इस बात पर जोर दिया कि विज्ञान को सुगम, सुग्राही और आंचलिक भाषा में पढ़ाया जाना चाहिए। इससे विज्ञान की पहुंच बच्चे तक हो सकेगी। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देना ही है।
कार्यक्रम में सांस्कृतिक कार्यक्रम, जादू, कठपुतली, पर्यावरण, स्वास्थ्य, टीकाकरण, दहेज प्रथा, धूम्रपान, मद्य निषेध आदि विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। बीआरसी समन्वयक अछल्दा अरविंद राजपूत ने कहा कि ऐसा कोई विषय नहीं है जिसे विज्ञान का स्वरूप न दिया जा सके। शिक्षक अखिल कुमार शुक्ला ने कहा कि आज विज्ञान का ग्रामीण क्षेत्रों में खूब प्रचार हो रहा है। प्रधानाचार्य महेंद्र सिंह कुशवाह, बदन सिंह शाक्य, बलवीर सिंह, अर्चना चौहान, पूनम तिवारी, रचना चौहान, नरेद्र सिंह, पुष्पा देवी, शाहरुख सिद्दीकी, ओमवीर सिंह, अमित दीक्षित आदि ने भी अपने विचार प्रकट किए।
बच्चों ने विज्ञान पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। रवि पपेट पार्टी ने कठपुतली के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, टीकाकरण आदि के महत्व पर प्रकाश डाला। जादूगर संतोष सम्राट ने अंधविश्वास, पाखंड आदि के बारे में जादू के माध्यम से जागरूक किया।

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