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तपती धूप में खून जला रहे बच्चे
Auraiya
Updated Sun, 01 Jun 2014 05:37 AM IST
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कंचौसी (औरैया)। कसबे के रेलवे स्टेशन पर अप व डाउन रेल पटरियों के बीच सफाई कार्य कई दिनों से जारी है। इसमें संबंधित ठेकेदारों की ओर से बाल श्रम कानून को नजरंदाज किया जा रहा है। सफाई कार्य में 8 से 12 साल की उम्र तक के बच्चे तपती दोपहर में अपना खून जला रहे हैं। मजदूरी के नाम पर भी बच्चों का शोषण किया जा रहा है। शिकायत पर रेलवे के अपर मंडल अधिकारी इलाहाबाद ने सफाई कार्य की उच्च स्तरीय जांच कराने की बात कही है।
रेलवे स्टेशन कंचौसी की पटरियों के बीच की सफाई के लिए रेलवे के पंजीकृत ठेकेदारों की ओर से आयातित श्रमिकों से कार्य कराया जा रहा है। इन श्रमिकों में आदिवासी परिवार भी शामिल हैं। इन परिवारों के 8 से 12 वर्ष के बच्चे भी सफाई कार्य करने के लिए गैती, फावड़ा, तसला सिर पर रखे हुए देखे जा सकते हैं। बाल श्रमिक जहां गरीबी के चलते काम करने और अपना पेट पालने की बात कह रहे हैं। वहीं ठेकेदार इस मामले में कुछ भी कहने से इंकार कर रहे हैं। खास बात यह है कि रेलवे की ओर से निर्धारित श्रमिकों की एक दिन की पगार 250 के एवज में बाल श्रमिकों को 160 से 180 रुपये तक का ही भुगतान किया जा रहा है। इस संदर्भ में रेल पथ निरीक्षक राजेंद्र सिंह ने बताया कि बाल मजदूरी पर पूर्णतया रोक है। इसकी जांच कराई जाएगी। अपर मंडल रेल अधिकारी इलाहाबाद से फोन पर हुई वार्ता के दौरान उन्होंने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की बात कही है।
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रेलवे स्टेशन कंचौसी की पटरियों के बीच की सफाई के लिए रेलवे के पंजीकृत ठेकेदारों की ओर से आयातित श्रमिकों से कार्य कराया जा रहा है। इन श्रमिकों में आदिवासी परिवार भी शामिल हैं। इन परिवारों के 8 से 12 वर्ष के बच्चे भी सफाई कार्य करने के लिए गैती, फावड़ा, तसला सिर पर रखे हुए देखे जा सकते हैं। बाल श्रमिक जहां गरीबी के चलते काम करने और अपना पेट पालने की बात कह रहे हैं। वहीं ठेकेदार इस मामले में कुछ भी कहने से इंकार कर रहे हैं। खास बात यह है कि रेलवे की ओर से निर्धारित श्रमिकों की एक दिन की पगार 250 के एवज में बाल श्रमिकों को 160 से 180 रुपये तक का ही भुगतान किया जा रहा है। इस संदर्भ में रेल पथ निरीक्षक राजेंद्र सिंह ने बताया कि बाल मजदूरी पर पूर्णतया रोक है। इसकी जांच कराई जाएगी। अपर मंडल रेल अधिकारी इलाहाबाद से फोन पर हुई वार्ता के दौरान उन्होंने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की बात कही है।
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