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संस्कृत महाविद्यालय में फिर गूंजेंगे वेद मंत्र
Auraiya
Updated Thu, 06 Mar 2014 05:31 AM IST
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औरैया। नगर का गौरव रहा संस्कृत महाविद्यालय एक बार फिर वेद मंत्रों से गूंजेगा। छात्र वैदिक गंथ्रों का अध्ययन करेंगे। साथ ही अब कंप्यूटर व तकनीकी शिक्षा का केंद्र भी महाविद्यालय बनेगा। इसमें ज्योतिष अनुसंधान केंद्र व यज्ञशाला भी शुरू कराई जाएगी। ये जानकारी विद्यालय के प्रबंधक शिवरतन बाजपेई ने दी।
शहर के संस्कृत पाठशाला में वार्ता के दौरान संस्था के प्रबंधक शिवरतन बाजपेई, अध्यक्ष पुष्पा बाजपेई ने बताया कि इस संस्था की स्थापना उनके पूर्वज स्व. शिवदर्शन लाल बाजपेई ने नगर के तत्कालीन समाजसेवी स्व. छोटेलाल दीक्षित, स्व. मुरली मनोहर शुक्ल व लाला जगन्नाथ प्रसाद भार्वन आदि के सहयोग से की थी। संस्था लगातार प्रगति कर रही थी। लेकिन बीच में इस संस्था पर रोक लग गई थी। 1983 में इस महाविद्यालय से 193 छात्रों ने पूर्व मध्यमा से लेकर आचार्य तक की परीक्षा दी थी। लेकिन बाद में ये विद्यालय उजड़ता गया। उन्होंने बताया कि वह शैक्षिक सत्र 2014-15 के वेदांत यज्ञशाला ज्योतिष अनुसंधान केंद्र कंप्यूटर तकनीकी आदि 40 कोर्स की मान्यता कराएंगे। वर्तमान में आयुर्वेद रसायनशाला भी उजड़ चुकी है। इसमें निर्मित दवाओं के प्रति विश्वास था। इस रसायनशाला को भी पुन: ठीक किया जाएगा। श्रीमती बाजपेई ने बताया कि आम जनता से भी अपील की है कि वह इस महाविद्यालय के गौरव को पुन: स्थापना करने में सहयोग करें। प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री डा. कमलेश पाठक ने भी उनके प्रयासों की सराहना की है और आश्वासन दिया कि नगर की इस धरोहर के विकास के लिए सरकार से पूरा सहयोग दिलाएंगे। वार्ता के दौरान ब्राह्मण महासभा के जिलाध्यक्ष पं. सुभाष चतुर्वेदी, राजेंद्र कुमार, मनोज मिश्रा, सियादुलारी समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
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शहर के संस्कृत पाठशाला में वार्ता के दौरान संस्था के प्रबंधक शिवरतन बाजपेई, अध्यक्ष पुष्पा बाजपेई ने बताया कि इस संस्था की स्थापना उनके पूर्वज स्व. शिवदर्शन लाल बाजपेई ने नगर के तत्कालीन समाजसेवी स्व. छोटेलाल दीक्षित, स्व. मुरली मनोहर शुक्ल व लाला जगन्नाथ प्रसाद भार्वन आदि के सहयोग से की थी। संस्था लगातार प्रगति कर रही थी। लेकिन बीच में इस संस्था पर रोक लग गई थी। 1983 में इस महाविद्यालय से 193 छात्रों ने पूर्व मध्यमा से लेकर आचार्य तक की परीक्षा दी थी। लेकिन बाद में ये विद्यालय उजड़ता गया। उन्होंने बताया कि वह शैक्षिक सत्र 2014-15 के वेदांत यज्ञशाला ज्योतिष अनुसंधान केंद्र कंप्यूटर तकनीकी आदि 40 कोर्स की मान्यता कराएंगे। वर्तमान में आयुर्वेद रसायनशाला भी उजड़ चुकी है। इसमें निर्मित दवाओं के प्रति विश्वास था। इस रसायनशाला को भी पुन: ठीक किया जाएगा। श्रीमती बाजपेई ने बताया कि आम जनता से भी अपील की है कि वह इस महाविद्यालय के गौरव को पुन: स्थापना करने में सहयोग करें। प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री डा. कमलेश पाठक ने भी उनके प्रयासों की सराहना की है और आश्वासन दिया कि नगर की इस धरोहर के विकास के लिए सरकार से पूरा सहयोग दिलाएंगे। वार्ता के दौरान ब्राह्मण महासभा के जिलाध्यक्ष पं. सुभाष चतुर्वेदी, राजेंद्र कुमार, मनोज मिश्रा, सियादुलारी समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
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