{"_id":"32-154859","slug":"Auraiya-154859-32","type":"story","status":"publish","title_hn":"टीईटी भर्ती मामला यूपी सचिवालय के हवाले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टीईटी भर्ती मामला यूपी सचिवालय के हवाले
Auraiya
Updated Sun, 13 Oct 2013 05:39 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राष्ट्रपति सचिवालय ने अंडर सेक्रेटरी (पीजी) को दिए निर्देश
अभ्यर्थियों ने राष्ट्रपति से की थी इच्छा-मृत्य या भर्ती की मांग
औरैया। बीएड टीईटी उत्तीर्ण अभ्यथियों के नौकरी या इच्छा मृत्यु की मांग को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने गंभीरता से लिया है। प्रेसीडेंट सेक्रेटेरिएट हेल्पलाइन से अभ्यर्थी अंशुल मिश्रा को जानकारी दी गई है कि उत्तर प्रदेश राज्य सचिवालय के अंडर सेक्रेटरी (पीजी) योगेंद्रदत्त त्रिपाठी लंबित नियुक्ति प्रक्रिया की सुनवाई करेंगे।
शहर के टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थी अंशुल मिश्रा और बीएड टीईटी संघर्ष मोर्चा के 16 सदस्यों ने 04 अक्टूबर 2013 को प्रेसीडेंट सेक्रेटेरिएट हेल्पलाइन पर निवेदन किया था कि उत्तीर्ण अभ्यथियों को नौकरी अथवा इच्छा मृत्यु की अनुमति दी जाए। अंशुल मिश्रा को ऑनलाइन अवगत कराया गया है कि मामले को राष्ट्रपति ने गंभीरता से लिया है। उत्तर प्रदेश राज्य सचिवालय के अंडर सेक्रेटरी (पीजी) योगेंद्र दत्त त्रिपाठी को मामले की सुनवाई का निर्देश दिया गया है।
हेल्पलाइन से सूचना मिलने के बाद शनिवार को टीईटी संघर्ष मोर्चा की भूतेश्वर मंदिर पर विचार-विमर्श के लिए आकस्मिक बैठक हुई। इस दौरान हाईकोर्ट में लंबित भर्ती मामले पर याची की शिथिलता को देखते हुए पैरवी के लिए कमेटी का गठन किया। अंशुल मिश्रा ने बताया कि उन्होंने भर्ती प्रक्रिया लंबित होने पर विचार के लिए भारत सरकार के लोक शिकायत विभाग से शुक्रवार को अपील की थी। विभाग की ओर से हाईकोर्ट में सुनवाई तेज करने के लिए ज्वाइंट सेक्रेटरी डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस अतुल कौशिक को जिम्मेदारी सौंपी गई है। बैठक में पुनीत अवस्थी, आशीष मिश्रा, राहुल भदौरिया, गौरव मिश्रा, पुनीत शर्मा, अनुभव मिश्रा, विक्रांत पोरवाल, ज्योति पोरवाल, नूपुर दीक्षित, अमति गुप्ता, सौरभ मिश्रा, शशांक मिश्रा, अमित दुबे, केके मिश्रा, मनीष शुक्ला, निशांत दुबे, शशांक पांडेय, राघव शुक्ला, योगेश बाबू आदि टीईटी अभ्यर्थी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
अभ्यर्थियों ने राष्ट्रपति से की थी इच्छा-मृत्य या भर्ती की मांग
औरैया। बीएड टीईटी उत्तीर्ण अभ्यथियों के नौकरी या इच्छा मृत्यु की मांग को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने गंभीरता से लिया है। प्रेसीडेंट सेक्रेटेरिएट हेल्पलाइन से अभ्यर्थी अंशुल मिश्रा को जानकारी दी गई है कि उत्तर प्रदेश राज्य सचिवालय के अंडर सेक्रेटरी (पीजी) योगेंद्रदत्त त्रिपाठी लंबित नियुक्ति प्रक्रिया की सुनवाई करेंगे।
शहर के टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थी अंशुल मिश्रा और बीएड टीईटी संघर्ष मोर्चा के 16 सदस्यों ने 04 अक्टूबर 2013 को प्रेसीडेंट सेक्रेटेरिएट हेल्पलाइन पर निवेदन किया था कि उत्तीर्ण अभ्यथियों को नौकरी अथवा इच्छा मृत्यु की अनुमति दी जाए। अंशुल मिश्रा को ऑनलाइन अवगत कराया गया है कि मामले को राष्ट्रपति ने गंभीरता से लिया है। उत्तर प्रदेश राज्य सचिवालय के अंडर सेक्रेटरी (पीजी) योगेंद्र दत्त त्रिपाठी को मामले की सुनवाई का निर्देश दिया गया है।
विज्ञापन
हेल्पलाइन से सूचना मिलने के बाद शनिवार को टीईटी संघर्ष मोर्चा की भूतेश्वर मंदिर पर विचार-विमर्श के लिए आकस्मिक बैठक हुई। इस दौरान हाईकोर्ट में लंबित भर्ती मामले पर याची की शिथिलता को देखते हुए पैरवी के लिए कमेटी का गठन किया। अंशुल मिश्रा ने बताया कि उन्होंने भर्ती प्रक्रिया लंबित होने पर विचार के लिए भारत सरकार के लोक शिकायत विभाग से शुक्रवार को अपील की थी। विभाग की ओर से हाईकोर्ट में सुनवाई तेज करने के लिए ज्वाइंट सेक्रेटरी डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस अतुल कौशिक को जिम्मेदारी सौंपी गई है। बैठक में पुनीत अवस्थी, आशीष मिश्रा, राहुल भदौरिया, गौरव मिश्रा, पुनीत शर्मा, अनुभव मिश्रा, विक्रांत पोरवाल, ज्योति पोरवाल, नूपुर दीक्षित, अमति गुप्ता, सौरभ मिश्रा, शशांक मिश्रा, अमित दुबे, केके मिश्रा, मनीष शुक्ला, निशांत दुबे, शशांक पांडेय, राघव शुक्ला, योगेश बाबू आदि टीईटी अभ्यर्थी मौजूद रहे।
विज्ञापन