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बीहड़ की महिलाओं ने भी गाड़े विकास के झंडे

Fri, 08 Mar 2013 05:31 AM IST
Auraiya
Auraiya Updated Fri, 08 Mar 2013 05:31 AM IST
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मुरादगंज (औरैया)। दस्युओं के नाम से थर्राने वाला बीहड़ क्षेत्र अब महिलाओं के सामाजिक कारनामों से अछूता नहीं है। गांव में बहू बनकर आई महिला ने गांव के अलावा क्षेत्र की तस्वीर बदल दी। यह कारनामा बढ़ेरा की बहू विद्या सिंह सेंगर ने कर दिखाया।
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अजीतमल ब्लाक क्षेत्र के गांव पिछड़ापन के लिए जाने जाते थे। बीहड़ गांव की महिलाएं कुरीतियों से जकड़ी हुई थीं। पुरुषाें की इजाजत के बगैर घर की ड्योढ़ी लांघना भी मुश्किल था। लेकिन बढ़ेरा गांव में बहू बनकर आई विद्या सिंह ने ससुराल वालों की मर्जी के बगैर प्रधानी का चुनाव लड़ा। पोस्ट ग्रेजुएट महिला ने शिक्षा की बदौलत गांव की महिलाओं को भी अपनी तरफ आकर्षित कर लिया और आसानी से चुनाव जीत गई। इससे उनकी भी ससुराल का कद बढ़ गया। प्रधान बनने के बाद खूंखार बदमाश रहे निर्भय गुर्जर, रामवीर, अरविंद गुर्जर आदि ने कई बार विकास कार्यों में रोड़ा डालने का प्रयास किया। लेकिन वह कभी नहीं झुकी शिक्षित व मृदुभाषी प्रधान ने सूझबूझ और साहस से कई उपेक्षित महिलाओं को हक दिलाने का भरसक प्रयास किया तथा गांव के विकास की बात भी अधिकारियों के समक्ष मजबूती से रखी। इतना ही नहीं वर्ष 2001 में क्षेत्र पंचायत सदस्य निर्वाचित होकर उप ज्येष्ठ प्रमुख चुनी गई। वर्ष 2007 में उन्होंने जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा। इसमें विपक्षियों के हावी होने पर उन्हें कुछ मतोें से हार का सामना करना पड़ा लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। अपने लक्ष्य में जुटते हुए वह मनरेगा की जिला समन्वयक के पद को सुशोभित करके अपने लक्ष्य को भेदने में निरंतर प्रयास कर रही हैं।
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इनसेट
थम नहीं रहा महिला उत्पीड़न

dlअमर उजाला ब्यूरो
औरैया। समाज शिक्षा और विकास की ओर आगे बढ़ रहा है, लेकिन महिला उत्पीड़न के मामले आज भी थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। जनवरी 2013 से अब जिले 27 मामले महिला उत्पीड़न के सामने आए। इसमें दहेज हत्या, अपहरण, आत्महत्या और दुष्कर्म जैसे गंभीर मसले हैं।
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इस वर्ष जनवरी माह में दहेज हत्या के दो मामले सामने आए। इसमें अजीतमल के टिढ़वा बिकू में 11 जनवरी की रात में हुआ। यहां पर दहेज के लिए ससुरालीजनाें ने नवविवाहिता को मार डाला। इसी क्षेत्र के कस्बा सिद्धार्थनगर में कुछ लोगाें ने एक 35 वर्षीय महिला की हत्या कर दी थी। जिले में सबसे ज्यादा मामले महिलाआें व युवतियाें को बहला-फुसला कर भगा ले जाने के आए है। इसमें फफूंद थाना क्षेत्र में पांच, अजीतमल कोतवाली में तीन, अछल्दा में दो व बिधूना में एक मामला है। इसी प्रकार दुष्कर्म के प्रयास के सात मामले आए हैं। इसमें अजीतमल के अशोक नगर मोहल्ले में 14 जनवरी को, दिबियापुर थाना क्षेत्र के मोहल्ला भगवतीगंज में 27 जनवरी को, बेला के बिधूना रोड के समीप 17 दिसंबर 2012, बिधूना कोतवाली के ग्राम देवराव में 17 दिसबंर 2012 को व बिधूना में 25 फरवरी को व अयाना थाना क्षेत्र के ग्राम डाडा में 28 फरवरी को दुष्कर्म का प्रयास करने के मामले पुलिस रेकार्ड में दर्ज हैं। दहेज उत्पीड़न के तीन मामले हुए। इसमें पहली घटना अजीतमल कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला शास्त्रीनगर में 4 दिसंबर 2012 को हुई।

दूसरी घटना औरैया कोतवाली के मोहल्ला सत्तेश्वर में 10 जनवरी 2008 को हुई। इनमें कोर्ट के आदेश के बाद मामला दर्ज हुआ। तीसरा दहेज उत्पीड़न का मामला रतनपुर समायन में 5 जनवरी को हुआ। इसी प्रकार आत्महत्या का केवल एक मामला बेला थाना क्षेत्र के ग्राम झबरा में 7 फरवरी को हुआ। वहीं पूरे जनपद में छेड़खानी का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है।
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