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निरीक्षण कर स्कूलों की फोटो अब देनी होगी व्हाट्सएप पर
Updated Sun, 26 Nov 2017 09:38 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
औरैया।
यूनिसेफ की मदद से शिक्षा विभाग ने एक ऐसी ऐप तैयार की है जो विद्यालयों की व्यवस्थाओं को पूर्णतया उजागर करेगी। दरअसल स्कूलों में अधिकारी के आने की जानकारी प्रधानाध्यापकों को पहले से ही मिल जाती है, जिससे वह समय रहते स्कूलों को व्यवस्थित कर लेते हैं लेकिन इस ऐप के जरिये स्कूलों की स्थिति ऐप पर दिखाई देगी। रोजाना एक से दूसरे स्कूल जा रहे न्याय पंचायत समन्वयक स्कूलों की स्थिति के फोटो तथा निरीक्षण आख्या ऐप पर अपलोड करेंगे, जिसके माध्यम से उच्चाधिकारियों को स्कूलों की वास्तविक स्थिति की जानकारी हो जाएगी।
परिषदीय विद्यालयों की स्थिति में सुधार लाने के लिए सरकार काफी प्रयासरत है। सरकार की मंशा है कि गरीब बच्चों को अच्छी से अच्छी शिक्षा मिल सके। इसके तहत शिक्षा विभाग के अधिकारियों को स्कूलों का मासिक निरीक्षण किए जाने के निर्देश देते हुए लक्ष्य भी दिया गया था। इसमें अधिकारियों को निरीक्षण आख्या रिपोर्ट ऑनलाइन शासन को भेजनी थी लेकिन यह रणनीति सफल नहीं हो पा रही है। अब यूनिसेफ की मदद से मोबाइल ऐप तैयारी किया गया है।
विभाग द्वारा न्याय पंचायत स्तर पर रखे गए एनपीआरसी रोजाना स्कूलों का भ्रमण करते हैं। एनपीआरसी को अब नई जिम्मेदारी दी गई है कि वे स्कूलों में निरीक्षण के दौरान मोबाइल ऐप पर स्कूल की स्थिति का फोटो अपलोड करेंगे, साथ ही आख्या भी देंगे, जिससे उच्चाधिकारियों को स्कूलों की स्थिति की जानकारी समय-समय पर हो सकेगी। इसके अलावा निरीक्षण के लिए गए अधिकारियों को भी ऐप पर आख्या रिपोर्ट देनी होगी। इस संबंध में बेसिक शिक्षा निदेशक ने आदेश जारी किए हैं। बीएसए एसपी यादव ने बताया कि सभी को ऐप की जानकारी देकर शासनादेश का पालन कराया जाएगा।
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औरैया।
यूनिसेफ की मदद से शिक्षा विभाग ने एक ऐसी ऐप तैयार की है जो विद्यालयों की व्यवस्थाओं को पूर्णतया उजागर करेगी। दरअसल स्कूलों में अधिकारी के आने की जानकारी प्रधानाध्यापकों को पहले से ही मिल जाती है, जिससे वह समय रहते स्कूलों को व्यवस्थित कर लेते हैं लेकिन इस ऐप के जरिये स्कूलों की स्थिति ऐप पर दिखाई देगी। रोजाना एक से दूसरे स्कूल जा रहे न्याय पंचायत समन्वयक स्कूलों की स्थिति के फोटो तथा निरीक्षण आख्या ऐप पर अपलोड करेंगे, जिसके माध्यम से उच्चाधिकारियों को स्कूलों की वास्तविक स्थिति की जानकारी हो जाएगी।
परिषदीय विद्यालयों की स्थिति में सुधार लाने के लिए सरकार काफी प्रयासरत है। सरकार की मंशा है कि गरीब बच्चों को अच्छी से अच्छी शिक्षा मिल सके। इसके तहत शिक्षा विभाग के अधिकारियों को स्कूलों का मासिक निरीक्षण किए जाने के निर्देश देते हुए लक्ष्य भी दिया गया था। इसमें अधिकारियों को निरीक्षण आख्या रिपोर्ट ऑनलाइन शासन को भेजनी थी लेकिन यह रणनीति सफल नहीं हो पा रही है। अब यूनिसेफ की मदद से मोबाइल ऐप तैयारी किया गया है।
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विभाग द्वारा न्याय पंचायत स्तर पर रखे गए एनपीआरसी रोजाना स्कूलों का भ्रमण करते हैं। एनपीआरसी को अब नई जिम्मेदारी दी गई है कि वे स्कूलों में निरीक्षण के दौरान मोबाइल ऐप पर स्कूल की स्थिति का फोटो अपलोड करेंगे, साथ ही आख्या भी देंगे, जिससे उच्चाधिकारियों को स्कूलों की स्थिति की जानकारी समय-समय पर हो सकेगी। इसके अलावा निरीक्षण के लिए गए अधिकारियों को भी ऐप पर आख्या रिपोर्ट देनी होगी। इस संबंध में बेसिक शिक्षा निदेशक ने आदेश जारी किए हैं। बीएसए एसपी यादव ने बताया कि सभी को ऐप की जानकारी देकर शासनादेश का पालन कराया जाएगा।
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