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Auraiya News: सार्वजनिक रास्ते से अवैध कब्जा खत्म, कोर्ट ने बरकरार रखा एसडीएम का आदेश
Fri, 04 Sep 2026 12:05 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Fri, 04 Sep 2026 12:05 AM IST
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औरैया। अजीतमल तहसील क्षेत्र के ग्राम ब्योरा नवलपुर में सार्वजनिक मार्ग पर अवैध कब्जे के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने पुनरीक्षणकर्ता लक्ष्मीनारायण व अन्य की ओर से दाखिल दांडिक पुनरीक्षण खारिज कर दिया है। सत्र न्यायाधीश मयंक चौहान ने अपने निर्णय में एसडीएम अजीतमल के आदेश को वैध ठहराया है, जिसके तहत लोक मार्ग की जमीन से अवैध अतिक्रमण बलपूर्वक हटाने के निर्देश दिए गए थे।
ग्राम पंचायत ब्योरा नवलपुर की तत्कालीन प्रधान विमला देवी और अन्य ग्रामीणों ने वर्ष 2006-2007 में न्यायालय में प्रार्थना-पत्र दिया था। आरोप था कि राजस्व अभिलेखों और नक्शे में दर्ज 10 से 20 फीट चौड़ा सार्वजनिक रास्ता जो ब्योरा नवलपुर से सतहड़ी की ओर जाता है विपक्षियों ने दीवार खड़ी कर और गड्ढा खोदकर बंद कर दिया है। इस अवरोध के कारण ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही थी और गांव में शांति बिगड़ने का खतरा पैदा हो गया था।
अदालत ने स्पष्ट किया कि उपखंड मजिस्ट्रेट को लोक मार्ग पर किसी भी अवैध बाधा या न्यूसेंस को हटाने का पूरा अधिकार है। एसडीएम द्वारा 25 नवंबर 2024 को पारित आदेश के क्रम में तहसील प्रशासन ने सख्त कदम उठाए। तहसीलदार अजीतमल ने सात जनवरी 2025 को राजस्व टीम और पुलिस बल की मौजूदगी में विवादित रास्ते से लक्ष्मीनारायण व अन्य का अवैध कब्जा पूरी तरह हटवा दिया गया। चूंकि अदालत के निर्देशानुसार लोक मार्ग से अतिक्रमण साफ कराकर रास्ते पर सुचारू आवागमन बहाल किया जा चुका है इसलिए सत्र न्यायालय ने पुनरीक्षण याचिका को निष्प्रयोज्य मानकर खारिज कर दिया।
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ग्राम पंचायत ब्योरा नवलपुर की तत्कालीन प्रधान विमला देवी और अन्य ग्रामीणों ने वर्ष 2006-2007 में न्यायालय में प्रार्थना-पत्र दिया था। आरोप था कि राजस्व अभिलेखों और नक्शे में दर्ज 10 से 20 फीट चौड़ा सार्वजनिक रास्ता जो ब्योरा नवलपुर से सतहड़ी की ओर जाता है विपक्षियों ने दीवार खड़ी कर और गड्ढा खोदकर बंद कर दिया है। इस अवरोध के कारण ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही थी और गांव में शांति बिगड़ने का खतरा पैदा हो गया था।
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अदालत ने स्पष्ट किया कि उपखंड मजिस्ट्रेट को लोक मार्ग पर किसी भी अवैध बाधा या न्यूसेंस को हटाने का पूरा अधिकार है। एसडीएम द्वारा 25 नवंबर 2024 को पारित आदेश के क्रम में तहसील प्रशासन ने सख्त कदम उठाए। तहसीलदार अजीतमल ने सात जनवरी 2025 को राजस्व टीम और पुलिस बल की मौजूदगी में विवादित रास्ते से लक्ष्मीनारायण व अन्य का अवैध कब्जा पूरी तरह हटवा दिया गया। चूंकि अदालत के निर्देशानुसार लोक मार्ग से अतिक्रमण साफ कराकर रास्ते पर सुचारू आवागमन बहाल किया जा चुका है इसलिए सत्र न्यायालय ने पुनरीक्षण याचिका को निष्प्रयोज्य मानकर खारिज कर दिया।
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