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Auraiya News: तिलक नगर दुकानों की नीलामी पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक
Fri, 04 Sep 2026 12:06 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Fri, 04 Sep 2026 12:06 AM IST
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औरैया। नगर पालिका परिषद द्वारा तिलक नगर में बनाई गई दुकानों की नीलामी प्रक्रिया पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। कोर्ट ने पालिका से 16 सितंबर तक जवाब तलब किया है। यह मामला गाटा संख्या 294/1 पर बनी दुकानों से संबंधित है।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के वंशज अनिल शुक्ला ने इस जमीन को अपनी निजी पुश्तैनी संपत्ति बताया। उनके वकीलों ने अदालत में खतौनी और राजस्व रिकॉर्ड पेश किए। इन दस्तावेज के आधार पर कोर्ट ने अनिल कुमार को भूमि का असली मालिक माना। वकीलों ने पालिका के 1997 के एक पुराने सिविल मुकदमे का बयान भी प्रस्तुत किया। इसमें पालिका ने खुद स्वीकार किया था कि गाटा संख्या 294/1 पर उसका कोई हक नहीं है। इसके बावजूद पालिका ने 23 व 29 जुलाई 2026 को दुकानों की नीलामी के नोटिस जारी किए थे।
जस्टिस जे जे मुनीर और जस्टिस इंद्रजीत शुक्ला की खंडपीठ ने नीलामी नोटिसों पर रोक लगाई। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई 16 सितंबर तक विवादित दुकानों पर किसी को कोई अधिकार या कब्जा नहीं दिया जाएगा। अदालत ने सीजेएम औरैया के माध्यम से 24 घंटे के भीतर पालिका के अधिशासी अधिकारी को आदेश प्राप्त कराने के निर्देश दिए। याचिकाकर्ता के पुत्र एडवोकेट लवी शुक्ला ने बताया कि कोर्ट ने राज्य सरकार और नगर पालिका से दो सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। पालिका अध्यक्ष अनूप गुप्ता ने कहा कि कोर्ट में जवाब दाखिल किया जाएगा।
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जस्टिस जे जे मुनीर और जस्टिस इंद्रजीत शुक्ला की खंडपीठ ने नीलामी नोटिसों पर रोक लगाई। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई 16 सितंबर तक विवादित दुकानों पर किसी को कोई अधिकार या कब्जा नहीं दिया जाएगा। अदालत ने सीजेएम औरैया के माध्यम से 24 घंटे के भीतर पालिका के अधिशासी अधिकारी को आदेश प्राप्त कराने के निर्देश दिए। याचिकाकर्ता के पुत्र एडवोकेट लवी शुक्ला ने बताया कि कोर्ट ने राज्य सरकार और नगर पालिका से दो सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। पालिका अध्यक्ष अनूप गुप्ता ने कहा कि कोर्ट में जवाब दाखिल किया जाएगा।
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स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के वंशज अनिल शुक्ला ने इस जमीन को अपनी निजी पुश्तैनी संपत्ति बताया। उनके वकीलों ने अदालत में खतौनी और राजस्व रिकॉर्ड पेश किए। इन दस्तावेज के आधार पर कोर्ट ने अनिल कुमार को भूमि का असली मालिक माना। वकीलों ने पालिका के 1997 के एक पुराने सिविल मुकदमे का बयान भी प्रस्तुत किया। इसमें पालिका ने खुद स्वीकार किया था कि गाटा संख्या 294/1 पर उसका कोई हक नहीं है। इसके बावजूद पालिका ने 23 व 29 जुलाई 2026 को दुकानों की नीलामी के नोटिस जारी किए थे।
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जस्टिस जे जे मुनीर और जस्टिस इंद्रजीत शुक्ला की खंडपीठ ने नीलामी नोटिसों पर रोक लगाई। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई 16 सितंबर तक विवादित दुकानों पर किसी को कोई अधिकार या कब्जा नहीं दिया जाएगा। अदालत ने सीजेएम औरैया के माध्यम से 24 घंटे के भीतर पालिका के अधिशासी अधिकारी को आदेश प्राप्त कराने के निर्देश दिए। याचिकाकर्ता के पुत्र एडवोकेट लवी शुक्ला ने बताया कि कोर्ट ने राज्य सरकार और नगर पालिका से दो सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। पालिका अध्यक्ष अनूप गुप्ता ने कहा कि कोर्ट में जवाब दाखिल किया जाएगा।
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जस्टिस जे जे मुनीर और जस्टिस इंद्रजीत शुक्ला की खंडपीठ ने नीलामी नोटिसों पर रोक लगाई। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई 16 सितंबर तक विवादित दुकानों पर किसी को कोई अधिकार या कब्जा नहीं दिया जाएगा। अदालत ने सीजेएम औरैया के माध्यम से 24 घंटे के भीतर पालिका के अधिशासी अधिकारी को आदेश प्राप्त कराने के निर्देश दिए। याचिकाकर्ता के पुत्र एडवोकेट लवी शुक्ला ने बताया कि कोर्ट ने राज्य सरकार और नगर पालिका से दो सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। पालिका अध्यक्ष अनूप गुप्ता ने कहा कि कोर्ट में जवाब दाखिल किया जाएगा।