फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Auraiya News ›   वोट में सेंध लगाने से राजनीतिक दलों की बढ़ी धड़कन

वोट में सेंध लगाने से राजनीतिक दलों की बढ़ी धड़कन

Sat, 25 Nov 2017 07:02 PM IST
Updated Sat, 25 Nov 2017 07:02 PM IST
विज्ञापन
वोट में सेंध लगाने से राजनीतिक दलों की बढ़ी धड़कन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

औरैया। निकाय चुनाव अब निर्णायक दौर में पहुंच गया है। 29 नवंबर को होने वाले मतदान को राजनीतिक दलों के साथ निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी अपनी ताकत झोंक दी है। चुनाव में जीत-हार की जंग तेज हो गई है।

मजे की बात यह है कि निर्दलीय प्रत्याशियों ने राजनीतिक दलों का खेल बिगाड़ना आरंभ कर दिया है। दलों के वोट में सेंध लगाने से राजनीतिक दलों की धड़कनें बढ़ गई हैं। वहीं, सपा जिले में अपनों से ही जूझती दिख रही है। बागी उनका रास्ता रोकने को कमर कसे हैं। वहीं, मतदाताओं की ओर सभी को हां में हां मिलाने से स्थिति विषम हो गई है। इस बात का अंदाजा लगाना मुश्किल हो गया है कि आखिर जीत का ऊंट किस करवट बैठेगा।
विज्ञापन


जिले की एक नगर पालिका औरैया व अटसू नगर पंचायत एससी कोटे के लिए आरक्षित हैं। इसके अलावा पांच नगर पंचायतें सामान्य हैं। इसमें सभी निकायों में सत्ता पक्ष के साथ प्रमुख दलों ने पार्टी सिंबल पर प्रत्याशी उतारा है। ऐसी कोई निकाय नहीं जहां निर्दलीय ताल न ठोंक रहे हों। इन निर्दल उम्मीदवारों में कई ऐसे हैं जो विभिन्न राजनीतिक दलों के बागी हैं। ऐसे में इनके द्वारा दल के वोट में ही सेंध लगाने से राजनीतिक दलों की जीत की राह कठिन हो गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


औरैया पालिका में सपा से ऐन टाइम पर टिकट कटने से गनेश सिंह की पत्नी रानी देवी निर्दलीय चुनाव मैदान में हैं। वहीं, बिधूना में सपा से टिकट न मिलने पर मुलायम की साली व पूर्व विधायक प्रमोद कुमार गुप्ता एलएस की पत्नी कल्पना ने भी निर्दलीय ताल ठोंकी है। उनके चुनाव प्रचार में पूर्व मंत्री शिवपाल के आने से सपा प्रत्याशी को झटका लगा है। इधर, दिबियापुर में टिकट मांग रहे नेता टिकट न मिलने पर बगावती सुर बनाकर निर्दलियों के पक्ष में जुट गए हैं। दिबियापुर में कई स्थानीय नेता भी चुनाव से अपनी दूरी बनाए हुए हैं।


निर्णायक भूमिका में होंगे बाहरी वोट
निकाय चुनाव में बाहर रह रहे मतदाता निर्णायक भूमिका में आ गए हैं। मसलन अपने घर पर समय-समय पर आने वाले मतदाताओं पर सबकी निगाहें टिक गई हैं। इन्हें अपने पक्ष में लाने के लिए प्रत्याशियों की ओर से विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए आने जाने का खर्च भी मुहैया कराया जा रहा है, जिससे जीत को अपने पाले में किया जा सके।

सपा तीन सीटों पर अपनों से जूझ रही
वोट में सेंध लगाने से राजनीतिक दलों की बढ़ी धड़कन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed