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धूप ने दिलाई राहत तो गलन बनी आफत
Updated Fri, 05 Jan 2018 11:53 PM IST
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उरई। एक सप्ताह से पड़ रही कड़ाके की ठंड के बाद शुक्रवार सुबह निकली धूप ने लोगों को कुछ राहत पहुंचाई। सड़कों से लेकर मकानों के चबूतरों, छज्जों व छतों पर भी लोगों की भीड़ नजर आई, लेकिन दिन में भी ठंडी हवा चलने के कारण धूप में भी लोग शाल ओढ़कर बैठे और मफलर भी बंाधे रहे। अधिकतम तापमान 6 डिग्री की बढ़ोतरी हुई लेकिन न्यूनतम पारा 5.8 डिग्री सेल्सियस रहा। इस कारण शाम होते ही गलन व ठंड ने एक बार फिर शहर को चपेट में ले लिया।
बता दें कि बीते तीन चार दिन से धूप न निकलने और ठंडी हवाएं चलने से कड़ाके की ठंड पड़ रही थी सुबह का कोहरा दोपहर के 12 बजे के बाद ही छंट रहा था। यूं तो शुक्रवार की सुबह भी कोहरे की चादर छाई रही फिर 11 बजे अचानक ही धूप निकल आई।
चौराहों मुहल्लों और पार्कों में जगह जगह पर लोग धूप सेंकते नजर आए। सायं 4 बजे तक धूप रहने का बाद भी अधिकतम तापमान भी 20 डिग्री के आसपास पहुंच गया। इसी तरह गुरुवार और शुक्रवार दोनो ही दिन न्यूनतम तापमान 6 और 5.8 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा।
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शाम से ही चलने वाली तेज ठंडी हवाओं ने सड़कों पर सन्नाटा फैला दिया। बाजारें भी निर्धारित समय से पहले बंद होने लगी। जगह जगह लोग अलाव तापते नजर आए। बस अड्डे और रेलवे स्टेशन पर बस, ट्रेनों का इंतजार करते यात्रियों का ठंड के कारण बुरा हाल रहा। मौसम विशेषज्ञ पुरुषोत्तम कुशवाह का कहना है कि शनिवार को भी धूप निकलेगी लेकिन फिलहाल गलन से तीन चार दिन निजात मिलने वाली नहीं है।
बाजारों से कम होने लगे हीटर, ब्लोवर
लगातार पड़ रही कड़ाके की ठंड ने फिलहाल व्यापारियों की चांदी कर रखी है। गर्म कपड़ों के अलावा हीटर और ब्लोवर का बाजार भी इस कदर गर्म है कि दुकानों में इनकी कमी सी पड़ गई है। हीटर 400 से लेकर 3500 रुपये और ब्लोवर 500 से लेकर 6000 रुपये की कीमत पर मिल रहे हैं। घंटाघर के दुकानदार ब्रजेश ने बताया कि बिक्री अधिक होने के कारण ग्राहकों को इस वक्त उनकी मर्जी के मुताबिक सामान नहीं दे पा रहे हैं।
लकड़ी और कोयले के दाम भी बढ़े
सर्दी के कारण अचानक लकड़ी और कोयले के दामों में भी तेजी आई है। घरों और दुकानों में आग जाकर सर्दी भगाने के लिए लोग हाथों हाथ लकड़ी और कोयला भी खरीद रहे हैं। कुछ दिन पहले तक जो लकड़ी पांच सौ रुपये क्विंटल मिल रही थी, उसकी कीमत साढ़े सात सौ रुपये के आसपास पहुंच गई। इसी तरह 30 से 40 रुपये किलो बिकने वाला कोयला भी इस वक्त 60 से 70 रुपये किलो के हिसाब से बिक रहा है।
ठंड ने ओपीडी में मरीजों की भीड़ बढ़ाई
कड़ाके की ठंड ने जिला अस्पताल और मेडिकल कालेज की ओपीडी में भी भीड़ बढ़ा दी है। 15 दिन पहले तक दोनों अस्पतालों की ओपीडी में करीब 2000 से 2200 मरीज रोजाना आते थे. इस वक्त यह संख्या 3000 से पार पहुंच गई। जिला अस्पताल के डॉक्टर राहुल सचान का कहना है कि सबसे अधिक बच्चों और बुजुर्गों को ही सर्दी पकड़ रही है। इन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
दिन में छतों और पार्कों में रही भीड़, शाम से ही छाया सन्नाटा
अमर उजाला ब्यूरो
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बता दें कि बीते तीन चार दिन से धूप न निकलने और ठंडी हवाएं चलने से कड़ाके की ठंड पड़ रही थी सुबह का कोहरा दोपहर के 12 बजे के बाद ही छंट रहा था। यूं तो शुक्रवार की सुबह भी कोहरे की चादर छाई रही फिर 11 बजे अचानक ही धूप निकल आई।
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चौराहों मुहल्लों और पार्कों में जगह जगह पर लोग धूप सेंकते नजर आए। सायं 4 बजे तक धूप रहने का बाद भी अधिकतम तापमान भी 20 डिग्री के आसपास पहुंच गया। इसी तरह गुरुवार और शुक्रवार दोनो ही दिन न्यूनतम तापमान 6 और 5.8 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा।
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शाम से ही चलने वाली तेज ठंडी हवाओं ने सड़कों पर सन्नाटा फैला दिया। बाजारें भी निर्धारित समय से पहले बंद होने लगी। जगह जगह लोग अलाव तापते नजर आए। बस अड्डे और रेलवे स्टेशन पर बस, ट्रेनों का इंतजार करते यात्रियों का ठंड के कारण बुरा हाल रहा। मौसम विशेषज्ञ पुरुषोत्तम कुशवाह का कहना है कि शनिवार को भी धूप निकलेगी लेकिन फिलहाल गलन से तीन चार दिन निजात मिलने वाली नहीं है।
बाजारों से कम होने लगे हीटर, ब्लोवर
लगातार पड़ रही कड़ाके की ठंड ने फिलहाल व्यापारियों की चांदी कर रखी है। गर्म कपड़ों के अलावा हीटर और ब्लोवर का बाजार भी इस कदर गर्म है कि दुकानों में इनकी कमी सी पड़ गई है। हीटर 400 से लेकर 3500 रुपये और ब्लोवर 500 से लेकर 6000 रुपये की कीमत पर मिल रहे हैं। घंटाघर के दुकानदार ब्रजेश ने बताया कि बिक्री अधिक होने के कारण ग्राहकों को इस वक्त उनकी मर्जी के मुताबिक सामान नहीं दे पा रहे हैं।
लकड़ी और कोयले के दाम भी बढ़े
सर्दी के कारण अचानक लकड़ी और कोयले के दामों में भी तेजी आई है। घरों और दुकानों में आग जाकर सर्दी भगाने के लिए लोग हाथों हाथ लकड़ी और कोयला भी खरीद रहे हैं। कुछ दिन पहले तक जो लकड़ी पांच सौ रुपये क्विंटल मिल रही थी, उसकी कीमत साढ़े सात सौ रुपये के आसपास पहुंच गई। इसी तरह 30 से 40 रुपये किलो बिकने वाला कोयला भी इस वक्त 60 से 70 रुपये किलो के हिसाब से बिक रहा है।
ठंड ने ओपीडी में मरीजों की भीड़ बढ़ाई
कड़ाके की ठंड ने जिला अस्पताल और मेडिकल कालेज की ओपीडी में भी भीड़ बढ़ा दी है। 15 दिन पहले तक दोनों अस्पतालों की ओपीडी में करीब 2000 से 2200 मरीज रोजाना आते थे. इस वक्त यह संख्या 3000 से पार पहुंच गई। जिला अस्पताल के डॉक्टर राहुल सचान का कहना है कि सबसे अधिक बच्चों और बुजुर्गों को ही सर्दी पकड़ रही है। इन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
दिन में छतों और पार्कों में रही भीड़, शाम से ही छाया सन्नाटा
अमर उजाला ब्यूरो