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फर्जी तरीके से आधार कार्ड बनाते दो युवक गिरफ्तार-
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फफूंद। थाना क्षेत्र के गांव तर्रई में घर में आधार कार्ड बनाने का खुलासा हुआ है। पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीम ने छापा मारकर दो युवकों को गिरफ्तार किया है। मौके से लेपटॉप, स्कैनर, वेब कैमरा व अन्य सामग्री बरामद की है। मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
फफूंद थाने की चौकी पाता के गांव तर्रई में कई दिनों से फर्जी तरीके से आधार कार्ड बनाए जा रहे थे। जिसकी चर्चा खुलेआम हो रही थी। शनिवार को एसओ फफूंद जितेंद्र सिंह को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने क्राइम ब्रांच के निरीक्षक सत्यप्रकाश शर्मा के साथ गांव में एक घर में छापा मारा। मौके से आधार कार्ड बनाते हुए दो युवकों को दबोच लिया। पुलिस की कार्रवाई के दौरान आधार बनवाने आए लोग इधर-उधर हो गए।
पुलिस ने आधार कार्ड बनाने में प्रयोग हो रहे दो लैपटॉप, दो फिंगर प्रिंट स्कैनर, एक डबल आइरिश स्कैनर, प्रिंटर, वेब कैमरा, तीन पेनड्राइव, दो एंड्रॉयड फोन और अन्य सामग्री भी बरामद की। पुलिस पूछताछ में युवकों ने अपना नाम शनि उर्फ चौधरी पुत्र अरुण कुमार निवासी गांव तर्रई व दूसरे युवक ने अपना नाम परमात्मा भगत पुत्र राजेंद्र
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भगत निवासी राजनपुर थाना महेशी जनपद सहरसा बिहार बताया। एसओ ने बताया कि पकड़े गए युवक फर्जी तरीके से आधार कार्ड बना कर लोगों को गुमराह कर रह थे। मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
पुलिस की जांच में पता चला कि आरोपी शनि संविदा पर दिबियापुर टेलीफोन एक्सचेंज में आधार कार्ड बनता था। शनि को पिछले माह कंपनी के ठेकेदार ने हटा दिया था। इसके बाद पिछले 10 दिनों से वह अपने घर पर गलत तरह से आईडी और पासवर्ड का इस्तेमाल कर आधार कार्ड बना रहा था। उसने तीन दिन में 18 हजार लोगों के आवेदन करा दिए। इसकी जानकारी होने पर संबंधित कंपनी के ठेकेदार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जिसके बाद कार्रवाई की गई।
शनि ने आधार कार्ड के लिए अधिकृत रूप से मिले यूजर नेम व पासवर्ड को अपने साथी बिहार निवासी परमात्माभगत के माध्यम से बिहार के कुछ लोगों को दे रखा था। जहां पर लोग इनका इस्तेमाल कर आधार कार्ड बना रहे थे। अब पुलिस इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की तलाश कर रही है।
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फफूंद थाने की चौकी पाता के गांव तर्रई में कई दिनों से फर्जी तरीके से आधार कार्ड बनाए जा रहे थे। जिसकी चर्चा खुलेआम हो रही थी। शनिवार को एसओ फफूंद जितेंद्र सिंह को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने क्राइम ब्रांच के निरीक्षक सत्यप्रकाश शर्मा के साथ गांव में एक घर में छापा मारा। मौके से आधार कार्ड बनाते हुए दो युवकों को दबोच लिया। पुलिस की कार्रवाई के दौरान आधार बनवाने आए लोग इधर-उधर हो गए।
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पुलिस ने आधार कार्ड बनाने में प्रयोग हो रहे दो लैपटॉप, दो फिंगर प्रिंट स्कैनर, एक डबल आइरिश स्कैनर, प्रिंटर, वेब कैमरा, तीन पेनड्राइव, दो एंड्रॉयड फोन और अन्य सामग्री भी बरामद की। पुलिस पूछताछ में युवकों ने अपना नाम शनि उर्फ चौधरी पुत्र अरुण कुमार निवासी गांव तर्रई व दूसरे युवक ने अपना नाम परमात्मा भगत पुत्र राजेंद्र
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भगत निवासी राजनपुर थाना महेशी जनपद सहरसा बिहार बताया। एसओ ने बताया कि पकड़े गए युवक फर्जी तरीके से आधार कार्ड बना कर लोगों को गुमराह कर रह थे। मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
पुलिस की जांच में पता चला कि आरोपी शनि संविदा पर दिबियापुर टेलीफोन एक्सचेंज में आधार कार्ड बनता था। शनि को पिछले माह कंपनी के ठेकेदार ने हटा दिया था। इसके बाद पिछले 10 दिनों से वह अपने घर पर गलत तरह से आईडी और पासवर्ड का इस्तेमाल कर आधार कार्ड बना रहा था। उसने तीन दिन में 18 हजार लोगों के आवेदन करा दिए। इसकी जानकारी होने पर संबंधित कंपनी के ठेकेदार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जिसके बाद कार्रवाई की गई।
शनि ने आधार कार्ड के लिए अधिकृत रूप से मिले यूजर नेम व पासवर्ड को अपने साथी बिहार निवासी परमात्माभगत के माध्यम से बिहार के कुछ लोगों को दे रखा था। जहां पर लोग इनका इस्तेमाल कर आधार कार्ड बना रहे थे। अब पुलिस इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की तलाश कर रही है।