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कालपी में फिर गरजी बसपा
Updated Sat, 02 Dec 2017 12:46 AM IST
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कालपी। नगर पालिका कालपी में एक बार फिर बहुजन समाज पार्टी ने परचम लहराया। बसपा प्रत्याशी बैकुंठी देवी ने 1810 वोटों से जीत दर्ज की। उन्हें कुल 8390 वोट मिले। दूसरे नंबर पर भाजपा रही, प्रत्याशी मीरा गौतम ने 6580 मत पाए। तीसरे नंबर पर कांग्रेस की गुड़िया सोनकर 3027 और चौथे नंबर पर सपा की कुसुम वर्मा 2890 वोट मिले। बता दें कि इससे पहले कालपी में बसपा तीन बार चेयरमैन पद पर कब्जा जमा चुकी है। 2012 में भी बसपा समर्थित कमर अहमद ने जीत दर्ज की थी। बाद में वे सपा में चले गए थे।
महिला अनुसूचित जाति वाली कालपी सीट पर बसपा के तीन-चार बार विधानसभा अध्यक्ष रहे चुके जगजीवनराम की मां 65 वर्षीय बैकुंठी देवी को प्रत्याशी बनाया गया था। इसके बाद मैदान जगजीवन ने ही संभाला। चुनाव की शुरुआत से ही उनकी टक्कर भाजपा की मीरा गौतम से थी।
बैनर और होर्डिंग में भी दोनों के बीच जमकर होड़ रही। आखिरी में मुस्लिम वोटों को पाने में बसपा ने सफलता पाई और भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। बुजुर्ग बैकुंठी देवी का कहना है कि गरीब बेटियों की शादियों के लिए बारातशाला होना जरूरी है। इसके अलावा पानी, बिजली, सड़क व शौचालय की जो भी समस्याएं उनके सामने आएंगी सभी का हल किया जाएगा।
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महिला सीट होने के कारण सभी प्रत्याशी महिलाएं थीं, लेकिन गिनती के वक्त एक भी प्रत्याशी मतगणना स्थल पर नहीं नजर आए। यहां तक कि चुनाव जीतने वाली बैकुंठी देवी भी बाद में स्वागत के लिए मतगणना स्थल पहुंचीं। इससे पहले बैकुंठी के बेटे जगजीवन और मीरा के पति श्रीकृष्ण गौतम ने वोटों की गिनती करते नजर आए।
बेटा और पति करते रहे वोटों की गिनती
अमर उजाला ब्यूरो
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महिला अनुसूचित जाति वाली कालपी सीट पर बसपा के तीन-चार बार विधानसभा अध्यक्ष रहे चुके जगजीवनराम की मां 65 वर्षीय बैकुंठी देवी को प्रत्याशी बनाया गया था। इसके बाद मैदान जगजीवन ने ही संभाला। चुनाव की शुरुआत से ही उनकी टक्कर भाजपा की मीरा गौतम से थी।
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बैनर और होर्डिंग में भी दोनों के बीच जमकर होड़ रही। आखिरी में मुस्लिम वोटों को पाने में बसपा ने सफलता पाई और भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। बुजुर्ग बैकुंठी देवी का कहना है कि गरीब बेटियों की शादियों के लिए बारातशाला होना जरूरी है। इसके अलावा पानी, बिजली, सड़क व शौचालय की जो भी समस्याएं उनके सामने आएंगी सभी का हल किया जाएगा।
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महिला सीट होने के कारण सभी प्रत्याशी महिलाएं थीं, लेकिन गिनती के वक्त एक भी प्रत्याशी मतगणना स्थल पर नहीं नजर आए। यहां तक कि चुनाव जीतने वाली बैकुंठी देवी भी बाद में स्वागत के लिए मतगणना स्थल पहुंचीं। इससे पहले बैकुंठी के बेटे जगजीवन और मीरा के पति श्रीकृष्ण गौतम ने वोटों की गिनती करते नजर आए।
बेटा और पति करते रहे वोटों की गिनती
अमर उजाला ब्यूरो