फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Auraiya News ›   400 दिव्यांग छात्राओं को मिलेगा मिलेगा स्टाइपेंड

400 दिव्यांग छात्राओं को मिलेगा मिलेगा स्टाइपेंड

Sun, 17 Feb 2019 11:55 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 17 Feb 2019 11:55 PM IST
विज्ञापन
400 दिव्यांग छात्राओं को मिलेगा मिलेगा स्टाइपेंड
औरैया। अब विशिष्ट आवश्यकता वाली दिव्यांग छात्राओं की उपस्थिति को बढ़ाने तथा उन्हें सशक्त बनाने के उद्देश्य से सरकार वृत्तिका (स्टाइपेंड) उपलब्ध कराएगी। समेकित शिक्षा के अंतर्गत होने वाली इस कवायद छात्राओं को दो सौ रुपये प्रतिमाह की दर से अधिकतम दस माह के लिए स्टाइपेंड दिया जाएगा। जिले में 400 छात्राओं का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए विशेष शिक्षकों से आवेदन फार्म और छात्राओं की प्रमाणित उपस्थिति की सूची मांगी गई है।
विज्ञापन


सरकार की ओर से प्राथमिक शिक्षा में गुणात्मक सुधार लाने के लिए कई प्रोत्साहन योजना चलाई जा रही हैं। बालिका शिक्षा की स्थिति सुधारने एवं बालिकाओं को गुणवक्तापरक प्रारंभिक शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्तर पर कई कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। अब समग्र शिक्षा के अंतर्गत समेकित शिक्षा में वर्ष 2018-19 में जिले के विद्यालयों में नामांकित विशिष्ट आवश्यकता वाली छात्राओं की उपस्थिति, संप्राप्ति स्तर को बढ़ाने एवं उन्हें सशक्त बनाने के उद्देश्य से विशिष्ट आवश्यकता वाली छात्राओं को मानदेय दिया जाएगा।
विज्ञापन


इसके लिए जिले में 400 छात्राओं का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस संबंध में राज्य परियोजना निदेशक की ओर से सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी किया गया है। इसमें निर्देश दिया गया है कि स्टाइपेंड के लिए छात्राओं की माह से कम से कम 50 फीसदी उपस्थिति होनी चाहिए। छात्राओं के चयन के लिए जुलाई अगस्त एवं सिंतबर 2018 की औसत उपस्थिति को आधार बनाया जाएगा। अगर किसी माह में छात्रा की उपस्थिति 50 फीसदी से कम है, लेकिन भुगतान के लिए तीन माह की औसत उपस्थिति न्यूनतम 50 फीसदी हो तो छात्रा को भुगतान के लिए चयनित किया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


दो सौ रुपये प्रतिमाह छात्रा की दर से अधिकतम दो हजार रुपये का भुगतान एसएमसी की तरफ से सीधे बालिकाओं के बैंक खाते में किया जाएगा। इस संबंध में जिला समन्वयक समेकित शिक्षा विनीता दीक्षित ने बताया कि परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय में अध्ययनरत कक्षा एक से आठ में विशिष्ट आवश्यकता वाली छात्राओं, जिनके पास मेडिकल बोर्ड सक्षम अधिकारी की ओर से जारी किया गया दिव्यांगता प्रमाणपत्र हो, पात्र होंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed