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अन्ना जानवरों से आजिज किसानों ने की नारेबाजी
Updated Fri, 07 Dec 2018 12:34 AM IST
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जालौन। अन्ना पशुओं की समस्या से परेशान किसानों ने एसडीएम की अनुपस्थिति में कोतवाली पुलिस को ढाई दर्जन पशुपालकों के नाम की लिस्ट देकर अन्ना पशु छोड़ने वाले किसानों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की है। जिससे अन्ना पशु खेतों में घुसकर उनकी फसलों को बर्बाद न कर सकें।
तहसील क्षेत्र के ग्राम शहजादपुरा के किसान इंदल सिंह, गोटीराम, जुगल किशोर, मुन्नालाल, रामेश्वर दयाल, भगवानदास, हरपाल सिंह, रामराजा, कमलेश, संतोष, महाराज सिंह आदि अन्ना पशुओं की समस्या को लेकर सबसे पहले तहसील परिसर पहुंचे। जहां एसडीएम के न मिलने पर किसानों ने नारेबाजी की।
इसके बाद किसान कोतवाली पहुंचे। जहां उन्होंने कोतवाली पुलिस को ढाई दर्जन पशुपालकों की लिस्ट देकर बताया कि उनके गांव के पशुपालक अपने पशुओं को अन्ना छोड़े देते हैं। जिसके चलते अन्ना पशु झुंड की शक्ल में उनके खेतों में घुसकर फसलों को बर्बाद कर देते हैं।
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एक तो खेती वैसे भी घाटे का सौदा साबित हो रही है। ऐसे में पशुपालकों द्वारा छोड़े गए पशुओं से जो कुछ मिलने की उम्मीद रहती है वह भी पूरी तरह से खत्म हो जाती है। अन्ना पशुओं की समस्या से किसान परेशान है। लेकिन इसका कोई हल नहीं मिल रहा है। पीड़ित किसानों ने पुलिस से अन्ना पशु छोड़ने वाले पशुपालकों के खिलाफ कार्रवाई कर अन्ना प्रथा को बंद कराए जाने की मांग की है ताकि किसानों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।
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तहसील क्षेत्र के ग्राम शहजादपुरा के किसान इंदल सिंह, गोटीराम, जुगल किशोर, मुन्नालाल, रामेश्वर दयाल, भगवानदास, हरपाल सिंह, रामराजा, कमलेश, संतोष, महाराज सिंह आदि अन्ना पशुओं की समस्या को लेकर सबसे पहले तहसील परिसर पहुंचे। जहां एसडीएम के न मिलने पर किसानों ने नारेबाजी की।
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इसके बाद किसान कोतवाली पहुंचे। जहां उन्होंने कोतवाली पुलिस को ढाई दर्जन पशुपालकों की लिस्ट देकर बताया कि उनके गांव के पशुपालक अपने पशुओं को अन्ना छोड़े देते हैं। जिसके चलते अन्ना पशु झुंड की शक्ल में उनके खेतों में घुसकर फसलों को बर्बाद कर देते हैं।
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एक तो खेती वैसे भी घाटे का सौदा साबित हो रही है। ऐसे में पशुपालकों द्वारा छोड़े गए पशुओं से जो कुछ मिलने की उम्मीद रहती है वह भी पूरी तरह से खत्म हो जाती है। अन्ना पशुओं की समस्या से किसान परेशान है। लेकिन इसका कोई हल नहीं मिल रहा है। पीड़ित किसानों ने पुलिस से अन्ना पशु छोड़ने वाले पशुपालकों के खिलाफ कार्रवाई कर अन्ना प्रथा को बंद कराए जाने की मांग की है ताकि किसानों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।