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दिन-रात के तापमान में अंतर से बढे़ मरीज
Updated Sun, 25 Feb 2018 12:12 AM IST
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उरई। पिछले एक सप्ताह से मौसम में हुए अचानक बदलाव ने लोगों को बीमार कर दिया है। खास कर बच्चे इस मौसम में अधिक बीमार हो रहे है। डॉक्टरों का कहना है कि दिन में भले तेज धूप की वजह से गर्मी लगती हो लेकिन सुबह व शाम अभी भी ठंड है। मौसम विज्ञानी का कहना है कि दिन और रात के तापमान में दोगुने का अंतर है। दिन में तेज धूप पड़ रही है। जबकि रात को ठंड होने से तापमान में गिरावट दर्ज हो रही है।
ज्ञात हो कि पंद्रह दिन पहले जिले के कुछ हिस्से में ओले गिरे थे। इसके बाद से तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। पिछले एक सप्ताह से तो लोगों ने रात में पंखा चलाना शुरू कर दिया है। अब तक जिला पुरुष अस्पताल में 800 से 1000 मरीज प्रतिदिन अपना इलाज कराने आ रहे थे। परंतु मौसम में बदलाव होने बाद से यह संख्या 1500 से 1800 तक पहुंच गई है।
इसमें भी बच्चों की संख्या सबसे अधिक है। डॉक्टरों का कहना है कि सुबह व शाम बच्चों के साथ-साथ बुजुर्गों का भी ख्याल रखें। क्योंकि दिन में भले ही गर्मी पड़ रही हो परंतु रात में अभी भी ठंड रहती है। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विनय अग्रवाल ने बताया कि दिन में गर्मी के चलते लोग पंखा चला रहे है। वहीं रात में भी लोग पंखा चलाकर सो रहे हैं।
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यही बच्चों की बीमारी की मुख्य वजह है। रात में अभी भी सर्दी है। बच्चों पर इस सर्दी का सीधा असर हो रहा है। इसी के चलते बच्चे बीमार हो रहे हैं। ज्यादातर बच्चे जुकाम, खांसी व बुखार से पीड़ित हैं। अस्पताल में औसतन 60 से 70 बच्चे रोज देखते है। परंतु इन दिनों यह संख्या बढ़कर 130 से 150 तक पहुुंच गई है।
मौसम विज्ञानी अमर सिंह ने बताया कि शुक्रवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 15 डिग्री था। शनिवार को यह बढ़कर 33.5 व 16 डिग्री हो गया। दिन और रात के तापमान में दो गुने का अंतर है। बताया कि रविवार को हालांकि आसमान में बादल छाए रहेंगे। कहीं-कहीं बूंदाबांदी भी हो सकती है।
अस्पताल में आने वालों में सबसे अधिक जुकाम बुखार के मरीज
दिन में 33 डिग्री तो रात का 16 डिग्री चल रहा है तापमान
अमर उजाला ब्यूरो
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ज्ञात हो कि पंद्रह दिन पहले जिले के कुछ हिस्से में ओले गिरे थे। इसके बाद से तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। पिछले एक सप्ताह से तो लोगों ने रात में पंखा चलाना शुरू कर दिया है। अब तक जिला पुरुष अस्पताल में 800 से 1000 मरीज प्रतिदिन अपना इलाज कराने आ रहे थे। परंतु मौसम में बदलाव होने बाद से यह संख्या 1500 से 1800 तक पहुंच गई है।
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इसमें भी बच्चों की संख्या सबसे अधिक है। डॉक्टरों का कहना है कि सुबह व शाम बच्चों के साथ-साथ बुजुर्गों का भी ख्याल रखें। क्योंकि दिन में भले ही गर्मी पड़ रही हो परंतु रात में अभी भी ठंड रहती है। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विनय अग्रवाल ने बताया कि दिन में गर्मी के चलते लोग पंखा चला रहे है। वहीं रात में भी लोग पंखा चलाकर सो रहे हैं।
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यही बच्चों की बीमारी की मुख्य वजह है। रात में अभी भी सर्दी है। बच्चों पर इस सर्दी का सीधा असर हो रहा है। इसी के चलते बच्चे बीमार हो रहे हैं। ज्यादातर बच्चे जुकाम, खांसी व बुखार से पीड़ित हैं। अस्पताल में औसतन 60 से 70 बच्चे रोज देखते है। परंतु इन दिनों यह संख्या बढ़कर 130 से 150 तक पहुुंच गई है।
मौसम विज्ञानी अमर सिंह ने बताया कि शुक्रवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 15 डिग्री था। शनिवार को यह बढ़कर 33.5 व 16 डिग्री हो गया। दिन और रात के तापमान में दो गुने का अंतर है। बताया कि रविवार को हालांकि आसमान में बादल छाए रहेंगे। कहीं-कहीं बूंदाबांदी भी हो सकती है।
अस्पताल में आने वालों में सबसे अधिक जुकाम बुखार के मरीज
दिन में 33 डिग्री तो रात का 16 डिग्री चल रहा है तापमान
अमर उजाला ब्यूरो