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फसली बीमा ऋण योजना की फीडिंग के बाद अभी भी कई पेंच
Updated Tue, 01 Aug 2017 11:02 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
औरैया। फसली ऋण बीमा योजना के अंतर्गत जिले में चल रही डाटा फीडिंग का काम पूरा हो चुका है। ऋण माफी योजना का लाभ फिलहाल जल्द मिलता नहीं दिख रहा है। किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो इसके लिए सारे आधार कार्डों की जांच लखनऊ से होगी, जिसमें फसल बीमा प्राप्त किसानों में पात्रों का चयन किया जाएगा।
फसली बीमा ऋण योजना के तहत जिले में 43,221 किसानों की डाटा फीडिंग की जा चुकी है। डाटा फीडिंग पूरी होने के बाद आगे की प्रक्रिया तेजी से की जा रही है। पात्र किसानों की सूचियों को सार्वजनिक स्थानों पर लगा दिया जाएगा। इसके बाद अगर इसमें कोई खामी होगी तो जिला स्तरीय समिति निस्तारण करेगी। समिति की अध्यक्षता डीएम करेंगे। अगले चरण में राजस्व विभाग से इसका भौतिक सत्यापन होगा।
इसके बाद किसानों की संख्या के हिसाब से बजट मांगा जाएगा। इसके बाद भूलेख कैंप लगेंगे, जिनमें सबसे पहले उन किसानों को इसका लाभ मिलेगा, जिनके पास आधार कार्ड, भूलेख मैपिंंग का ब्यौरा है। अगले चरण में उन किसानों को चुना जाएगा, जिनके पास आधार कार्ड नहीं हैं। इसके बाद उन किसानों को चुना जाएगा जिनके पास भूलेख मैपिंग नहीं है। इन चरणों के बाद ही किसानों को इसका लाभ मिल सकेगा। योजना का बजट बैंक के नोडल अफ सर को भेजा जाएगा। उप कृषि निदेशक विजय कुमार ने कहा कि डाटा फीडिंग का कार्य पूरा हो चुका है। लंबी प्रक्रिया इसलिए है कि सरकार द्वारा किसानों के आवंटित धन का बिचौलिए, अधिकारी बंदरबांट न कर सकें।
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-फिलहाल किसानों को ऋण माफी का लाभ नहीं मिल सकेगा
-अगले चरण में राजस्व विभाग करेगा भौतिक सत्यापन
औरैया। फसली ऋण बीमा योजना के अंतर्गत जिले में चल रही डाटा फीडिंग का काम पूरा हो चुका है। ऋण माफी योजना का लाभ फिलहाल जल्द मिलता नहीं दिख रहा है। किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो इसके लिए सारे आधार कार्डों की जांच लखनऊ से होगी, जिसमें फसल बीमा प्राप्त किसानों में पात्रों का चयन किया जाएगा।
फसली बीमा ऋण योजना के तहत जिले में 43,221 किसानों की डाटा फीडिंग की जा चुकी है। डाटा फीडिंग पूरी होने के बाद आगे की प्रक्रिया तेजी से की जा रही है। पात्र किसानों की सूचियों को सार्वजनिक स्थानों पर लगा दिया जाएगा। इसके बाद अगर इसमें कोई खामी होगी तो जिला स्तरीय समिति निस्तारण करेगी। समिति की अध्यक्षता डीएम करेंगे। अगले चरण में राजस्व विभाग से इसका भौतिक सत्यापन होगा।
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इसके बाद किसानों की संख्या के हिसाब से बजट मांगा जाएगा। इसके बाद भूलेख कैंप लगेंगे, जिनमें सबसे पहले उन किसानों को इसका लाभ मिलेगा, जिनके पास आधार कार्ड, भूलेख मैपिंंग का ब्यौरा है। अगले चरण में उन किसानों को चुना जाएगा, जिनके पास आधार कार्ड नहीं हैं। इसके बाद उन किसानों को चुना जाएगा जिनके पास भूलेख मैपिंग नहीं है। इन चरणों के बाद ही किसानों को इसका लाभ मिल सकेगा। योजना का बजट बैंक के नोडल अफ सर को भेजा जाएगा। उप कृषि निदेशक विजय कुमार ने कहा कि डाटा फीडिंग का कार्य पूरा हो चुका है। लंबी प्रक्रिया इसलिए है कि सरकार द्वारा किसानों के आवंटित धन का बिचौलिए, अधिकारी बंदरबांट न कर सकें।
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-फिलहाल किसानों को ऋण माफी का लाभ नहीं मिल सकेगा
-अगले चरण में राजस्व विभाग करेगा भौतिक सत्यापन