फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Amroha News ›   Wife's murder accused arrested

पत्नी ने काम से आते ही ताने मारे तो गुस्से में पंखे की डंडी से किया था हमला

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 16 Jun 2021 01:27 AM IST
विज्ञापन
Wife's murder accused arrested
गजरौला(अमरोहा)। पुलिस ने पत्नी की गर्दन में पंखे की डंडी घुसेड़कर हत्या करने के आरोपी पति को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया है। वहीं आरोपी का कहना था कि वह काम से लौटकर थककर चारपाई पर लेटकर हाथ के पंखे से हवा कर रहा था। इस दौरान खाना बना रही पत्नी उसे लगातार ताने मारे जा रही थी। इसी से गुस्सा होकर उसने पंखे की डंडी उसके सीने पर मारनी चाही लेकिन गर्दन में जा घुसी। इसके बाद वह घबराकर वहां से भाग निकला।
विज्ञापन

मंगलवार को पुलिस ने गांव पाल निवासी सुरेश का पत्नी पिंकी की हत्या के आरोप में चालान कर कोर्ट में पेश किया कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया। पुलिस के मुताबिक सुरेश ने पूछताछ में बताया कि रविवार की रात लगभग आठ बजे वह कहीं पर चिनाई का काम करके लौटा था। इसी दौरान फिर से किसी नए काम की तलाश में चारपाई पर लेटकर फोन पर बात कर रहा था। इस दौरान खाना बना रही पत्नी पिंकी तानेबाजी कर रही थी। वह चारपाई पर लेटकर हाथ के पंखे से हवा कर रहा था। ताने बंद नहीं होने पर वह गुस्से में चारपाई से उठा और हाथ के पंखे की डंडी उसके सीने की ओर करके मारनी चाही लेकिन अचानक ही डंडी उसकी गर्दन में जा घुसी। इसके बाद वह घबराकर वहां से भाग निकला।
विज्ञापन

बता दें कि 13 जून रविवार की रात को गांव पाल निवासी राजमिस्त्री सुरेश द्वारा नशे की हालत में अपनी पत्नी पिंकी की हाथ के पंखे की डंडी गर्दन में घुसेड़कर हत्या करने की रिपोर्ट मृतका के भाई जैकी ने दर्ज कराई थी। आरोपी फरार हो गया था। वहीं पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया था। एसएसआई प्रमोद कुमार पाठक ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी गले में डंडी घुसने से ही मौत का कारण आया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

शराब की लत ने बर्बाद कर दिया परिवार
गजरौला। राममिस्त्री सुरेश शराब का लती है। पुत्रियों एवं पुत्र के साथ ही आड़पड़ोस में रहने वाले ग्रामीणों के मुताबिक वह कामधाम भी कम ही करता है। इसी कारण परिवार के खर्च की जिम्मेदारी मृतका पिंकी और उसकी पुत्रियों पर ही थी। दिव्यांग पिंकी ही मेहनत मजदूरी करती थी। वहीं बड़ी पुत्री प्रीति और प्रियंका खेतों में काम किया करती थीं। मृतका अपने पीछे चार पुत्रियों एवं एक छोटे पुत्र को बिलखता छोड़ गई है। अब बच्चों का पालन-पोषण कैसे होगा?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed