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सड़कों में गड्ढे, बरसात में होगा जलभराव
ब्यूरो अमर उजाला/अमरोहा।
Updated Wed, 23 May 2018 01:52 AM IST
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अमरोहा में कल्यानपुरा रोड की हालत।
- फोटो : अमर उजाला
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सूबे में सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के निर्देश दिए थे। लेकिन हकीकत क्या है इसकी तस्दीक करने के लिए ये तस्वीरें ही काफी है। कैलसा बाईपास हो या कल्यानपुरा या फिर धनौरा रोड़... सभी के हालात ये हैं कि यहां से निकलना दूभर है। मानसून आने वाला है। दरकार तो ये है कि शहर से लेकर गांव तक की सड़कों को गड्ढा मुक्त किया जाए। नहीं तो आने वाले दिनों में जलभराव तय है।
प्रदेश में सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सूबे की सड़कों को गड्ढामुक्त कराने का दम भरा था। लेकिन जनपद में सीएम का दावा पूरी तरह फेल हो गया। निर्धारित तिथि तक 30 से 40 प्रतिशत सड़कें ही गड्ढा मुक्त हो पाईं। यह हाल तो तब है जब खुद डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य लोक निर्माण विभाग के मंत्री हैं। ग्रामीण अंचलों से लेकर जिला मुख्यालय को जोड़ने वाले तमाम मार्गों की हालत बेहद खराब है।
कैलसा बाईपास, कल्यानपुरा रोड, हिल्टन पब्लिक स्कूल के सामने, अमरोहा-अतरासी रोड, धनौरा रोड समेत ज्यादा तर सड़कें उखड़ी पड़ी हैं, बड़े-बड़े गड्ढे हैं। टूटी सड़के हादसे का सबब बन रही हैं। सीएम की घोषणा के बाद जनता को एक उम्मीद बंधी थी, कि ऊबड़ खाबड़ सडकों से निजात मिलेगी। लेकिन आज भी यहां की सड़कें खराब हैं। जिससे लोगों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कल्यानपुरा रोड निवासी चरनसिंह का कहना है कि सड़क की मरम्मत करने के लिए कई बार डीएम और संपूूर्ण समाधान दिवस में शिकायत दर्ज करा चुके हैं। लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई।
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हसनपुर क्षेत्र के गांव नगलिया मुंशी निवासी लोकेंद्र चौहान का कहना है कि बावनखेड़ी से सैदगनली होते हुए संभल को निकलने वाला मार्ग तो एक जमाने से खस्ता हालात में हैं। सड़क पर मिट्टी तो डाली गई लेकिन आज तक पक्की नहीं हो सकी। क्षेत्र में सबसे ज्यादा आम का उत्पादन है। बरसात के मौसम में सड़कों पर गहरे-गहरे गड्ढों में कीचड़ पसर जाता है। ऐसे में वाहन का निकलना तो दूर पैदल भी निकला दूभर हो जाता है।
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प्रदेश में सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सूबे की सड़कों को गड्ढामुक्त कराने का दम भरा था। लेकिन जनपद में सीएम का दावा पूरी तरह फेल हो गया। निर्धारित तिथि तक 30 से 40 प्रतिशत सड़कें ही गड्ढा मुक्त हो पाईं। यह हाल तो तब है जब खुद डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य लोक निर्माण विभाग के मंत्री हैं। ग्रामीण अंचलों से लेकर जिला मुख्यालय को जोड़ने वाले तमाम मार्गों की हालत बेहद खराब है।
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कैलसा बाईपास, कल्यानपुरा रोड, हिल्टन पब्लिक स्कूल के सामने, अमरोहा-अतरासी रोड, धनौरा रोड समेत ज्यादा तर सड़कें उखड़ी पड़ी हैं, बड़े-बड़े गड्ढे हैं। टूटी सड़के हादसे का सबब बन रही हैं। सीएम की घोषणा के बाद जनता को एक उम्मीद बंधी थी, कि ऊबड़ खाबड़ सडकों से निजात मिलेगी। लेकिन आज भी यहां की सड़कें खराब हैं। जिससे लोगों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कल्यानपुरा रोड निवासी चरनसिंह का कहना है कि सड़क की मरम्मत करने के लिए कई बार डीएम और संपूूर्ण समाधान दिवस में शिकायत दर्ज करा चुके हैं। लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई।
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हसनपुर क्षेत्र के गांव नगलिया मुंशी निवासी लोकेंद्र चौहान का कहना है कि बावनखेड़ी से सैदगनली होते हुए संभल को निकलने वाला मार्ग तो एक जमाने से खस्ता हालात में हैं। सड़क पर मिट्टी तो डाली गई लेकिन आज तक पक्की नहीं हो सकी। क्षेत्र में सबसे ज्यादा आम का उत्पादन है। बरसात के मौसम में सड़कों पर गहरे-गहरे गड्ढों में कीचड़ पसर जाता है। ऐसे में वाहन का निकलना तो दूर पैदल भी निकला दूभर हो जाता है।