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बैराज से छोड़ा एक लाख 34 हजार 437 क्यूसेक पानी, उफनाई गंगा
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गजरौला(अमरोहा)। लगातार हो रही बारिश के साथ ही शनिवार को बिजनौर बैराज से एक लाख 34 हजार 437 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद गंगा का जल स्तर बढ़ गया है और गंगा तथा रामगंगा पोषक नहर उफान पर हैं, जिससे गंगा से घिरे से गांवों में बाढ़ की आशंका के चलते ग्रामीण चिंतित हैं।
तिगरी में शनिवार सुबह जलस्तर 90 सेंटीमीटर बढ़कर 199.800 मीटर रिकार्ड किया गया जो कि शुक्रवार सुबह 198.900 मीटर था। गंगा खतरे के निशान से मात्र 2.6 मीटर दूर है। वहीं बाढ़ खंड के जेई अनवार खान का दावा है कि खतरे की कोई आशंका नहीं है। बचाव के व्यापक बंदोबस्त किए गए हैं। बाढ़ चौकी पर अब से यहां 24 घंटे स्टाफ की तैनाती रहेगी।
पहाड़ों में हो रही बारिश और बिजनौर बैराज से लगातार छोड़े गए पानी के कारण गंगा और रामगंगा पोषक नहर उफान पर हैं। शनिवार को पानी तिगरी में बंधे के निकट स्थित दुर्गा मंदिर के पास तक जा पहुंचा। वहां घाट के किनारे रखी पंडितों, दुकानदारों की झोपड़ियां और तख्त पानी में डूब गए। वहां रहने वाले पंडित ऋषभ शर्मा ने बताया कि हालांकि जलस्तर शुक्रवार की शाम से ही बढ़ना शुरू हो गया था, लेकिन रात में अचानक से तेजी से बढ़ गया। शनिवार को वहां दूर तक पानी ही पानी नजर आ रहा था।
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वहीं, इंस्पेक्टर सतेंद्र कुमार सिंह तिगरी पहुंचे और उन्होंने घाट पर मौजूद ग्रामीणों से बातचीत की। उन्हें समझाया कि वर्तमान स्थिति में गंगा के पानी से दूर रहें।
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तिगरी में शनिवार सुबह जलस्तर 90 सेंटीमीटर बढ़कर 199.800 मीटर रिकार्ड किया गया जो कि शुक्रवार सुबह 198.900 मीटर था। गंगा खतरे के निशान से मात्र 2.6 मीटर दूर है। वहीं बाढ़ खंड के जेई अनवार खान का दावा है कि खतरे की कोई आशंका नहीं है। बचाव के व्यापक बंदोबस्त किए गए हैं। बाढ़ चौकी पर अब से यहां 24 घंटे स्टाफ की तैनाती रहेगी।
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पहाड़ों में हो रही बारिश और बिजनौर बैराज से लगातार छोड़े गए पानी के कारण गंगा और रामगंगा पोषक नहर उफान पर हैं। शनिवार को पानी तिगरी में बंधे के निकट स्थित दुर्गा मंदिर के पास तक जा पहुंचा। वहां घाट के किनारे रखी पंडितों, दुकानदारों की झोपड़ियां और तख्त पानी में डूब गए। वहां रहने वाले पंडित ऋषभ शर्मा ने बताया कि हालांकि जलस्तर शुक्रवार की शाम से ही बढ़ना शुरू हो गया था, लेकिन रात में अचानक से तेजी से बढ़ गया। शनिवार को वहां दूर तक पानी ही पानी नजर आ रहा था।
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वहीं, इंस्पेक्टर सतेंद्र कुमार सिंह तिगरी पहुंचे और उन्होंने घाट पर मौजूद ग्रामीणों से बातचीत की। उन्हें समझाया कि वर्तमान स्थिति में गंगा के पानी से दूर रहें।