{"_id":"5a0b51114f1c1bec538bd2c7","slug":"villagers-saw-12-feet-panther","type":"story","status":"publish","title_hn":"12 फीट लंबे अजगर को देख सहमे ग्रामीण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
12 फीट लंबे अजगर को देख सहमे ग्रामीण
ब्यूरो अमर उजाला/ अमरोहा।
Updated Wed, 15 Nov 2017 01:54 AM IST
विज्ञापन
ग्रामीणों की सूचना के बाद भी नही पहुंचे वन अधिकारी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
दीपपुर-मछरई संपर्क मार्ग पर बारह फीट लंबे सफेद काली टिकलीदार अजगर को पड़ा देख राहगीर सहम गए। सूचना पाते ही खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। भीड़ का शोर शराबा सुनकर अजगर सड़क किनारे आम के पेड़ पर चढ़ गया। ग्रामीणों की सूचना के बाद भी वन अधिकारियों ने मौके पर पहुंचने की जहमत तक न उठाईं।
मामला हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव दीपपुर का है। यहीं निवासी विजय सिंह का मछरई संपर्क मार्ग पर आम का बाग है। दीपपुर निवासी विवेक भाल के मुताबिक करीब दो बजे बारह फीट लंबा अजगर सड़क पर पार कर रहा था। जिसे देखकर राहगीरों की चीख निकल गई। अजगर का शोर सुनकर आस-पास खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों की भीड़ एकत्र हो गई। भीड़ का शोरगुल सुनकर अजगर सड़क किनारे खड़े आम के पेड़ पर चढ़ गया। जिसके बाद ग्रामीणों ने फोन पर मामले की जानकारी संबंधित वन क्षेत्राधिकारी शीतल पंवार को दी। लेकिन उन्होंने ग्रामीणों से दो टूक कह दिया की अजगर किसी के घर में नहीं है इसलिए उसे घूमने दो। वन क्षेत्राधिकारी की कार्यशैली के बाद ग्रामीणों में रोष पनप रहा है।
मामला हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव दीपपुर का है। यहीं निवासी विजय सिंह का मछरई संपर्क मार्ग पर आम का बाग है। दीपपुर निवासी विवेक भाल के मुताबिक करीब दो बजे बारह फीट लंबा अजगर सड़क पर पार कर रहा था। जिसे देखकर राहगीरों की चीख निकल गई। अजगर का शोर सुनकर आस-पास खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों की भीड़ एकत्र हो गई। भीड़ का शोरगुल सुनकर अजगर सड़क किनारे खड़े आम के पेड़ पर चढ़ गया। जिसके बाद ग्रामीणों ने फोन पर मामले की जानकारी संबंधित वन क्षेत्राधिकारी शीतल पंवार को दी। लेकिन उन्होंने ग्रामीणों से दो टूक कह दिया की अजगर किसी के घर में नहीं है इसलिए उसे घूमने दो। वन क्षेत्राधिकारी की कार्यशैली के बाद ग्रामीणों में रोष पनप रहा है।
विज्ञापन