मंडी धनौरा। धनौरा ब्लॉक क्षेत्र के नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों में कई प्रधान निरक्षर हैं तो कुछ प्रधान एमबीए डिग्रीधारक भी हैं। हालांकि अधिकांश ग्राम प्रधानों का शैक्षिक स्तर सिर्फ प्राइमरी शिक्षा तक ही है। उसके बावजूद नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों में गांव के लिए कुछ नया करने का जज्बा है। सभी गांव के लिए कुछ नया करने का दावा कर रहे हैं।
विकास खंड धनौरा में कुल 89 ग्राम पंचायत हैं। इनमें छह ग्राम प्रधान परास्नातक, 10 ग्राम प्रधान स्नातक, सात इंटरमीडिएट, 11 हाईस्कूल, 11 जूनियर हाईस्कूल और 34 ग्राम प्रधानों की शिक्षा मात्र प्राइमरी स्तर तक है। नौ ग्राम प्रधान निरक्षर हैं। ग्राम पंचायत पाराखालसा के नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान अनुज सिंधू के पास एमबीए, एलएलबी व एमएसडब्लू की डिग्री हैं। वह पूरे विकास खंड के एकमात्र ऐसेेेेे प्रधान है जो इतने शिक्षित हैं। अनुज का कहना है कि वह अपने कार्यकाल में गांव की दशा बदलने का प्रयास करेंगे। उनके पिता मदनपाल सिंह भी प्रधान रह चुके हैं। कुआखेड़ा की 22 वर्षीय प्रधान नाजिया बी व बाखरपुर के नवनिर्वाचित प्रधान देशपाल सिंह भी स्नातक हैं और गांव की तस्वीर बदलने के लिए पूरा रोड मैप तैयार कर रहे हैं। नाजिया बी के पति नदीम ब्लाक प्रमुख रह चुके हैं जबकि देशपाल सिंह वेव इंडस्ट्रीज में उच्च पद पर हैं। फंदेड़ी के फाजिल जैदी, अहरौला माफी के नवीन कुमार, फौलादपुर के मनु यादव, लहदवर के प्रेम सिंह, ढयोटी के ऊधम सिंह परास्नातक हैं और गांव के लिए कुछ नया करने की इच्छा रखते हैं।