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Amroha News: अपहरण के बाद युवक की हत्यां में दो दोस्तों को उम्रकैद
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अमरोहा। गांव सिरसा खुमार निवासी शमशाद की हत्या में कोर्ट ने आठ साल बाद गांव निवासी कासिम और मुनीश उर्फ मदनी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर 90 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। बुधवार को सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों को दोषी करार दिया था।
अमरोहा देहात थाना क्षेत्र के गांव सिरसा खुमार निवासी शमशाद का 21 जून 2018 को गांव के ही कासिम और मुनीश उर्फ मदनी ने अपहरण कर लिया था। अगले दिन शमशाद के भाई जमील ने अमरोहा देहात थाने में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच शुरू की और संदेह के आधार पर गांव निवासी कासिम और मुनीश उर्फ मदनी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में दोनों ने शमशाद की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली थी। उनकी निशानदेही पर मंडी धनौरा थाना क्षेत्र के जंगल से शमशाद का शव बरामद किया गया। दोनों आरोपियों ने पहले शमशाद को चरस मिली सिगरेट पिलाई, जिससे वह नशे की हालत में हो गया। इसके बाद चाकू से उसकी बेरहमी से हत्या कर शव जंगल में छिपा दिया था। पोस्टमार्टम के दौरान मृतक के मुंह में फंसा हुआ 30 सेंटीमीटर लंबा चाकू बरामद हुआ था। इस सनसनीखेज तथ्य ने हत्या की क्रूरता को उजागर कर दिया था। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त चाकू मुनीश उर्फ मदनी की निशानदेही पर बरामद किया था। विवेचना पूरी होने के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
इस मामले की सुनवाई अपर जिला सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट तृतीय की अदालत में चल रही थी। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत के समक्ष अपना पक्ष मजबूती से रखा। अदालत ने बुधवार को उपलब्ध साक्ष्यों, बरामदगी और गवाहों के बयानों के आधार पर दोनों आरोपियों को अपहरण, हत्या और शव छिपाने का दोषी करार दिया था। बृहस्पतिवार को अदालत ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही मुनीश उर्फ मदनी पर 50 और मुनीश पर 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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कासिम की भांजी से बातचीत करता था शमशाद
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता रविंद्र गर्ग ने बताया कि घटना से पहले कासिम ने शमशाद को अपनी भांजी से बातचीत करते देख लिया था। इससे नाराज होकर उसने अपने दोस्त मुनीश उर्फ मदनी के साथ मिलकर शमशाद की हत्या की साजिश रची। दोनों ने शमशाद को अमरोहा नगर में लगी नुमाइश दिखाने का झांसा देकर अपने साथ ले गए और रास्ते में नशा कराने के बाद उसकी हत्या कर दी।
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परिजन बोले- देर लगी पर इंसाफ मिला
फैसला आने के बाद शमशाद के परिजन भावुक हो गए। मृतक के भाई जमील ने कहा कि उनके परिवार को न्यायालय पर पूरा भरोसा था। उन्होंने कहा कि शमशाद की बेहद बेरहमी से हत्या की गई थी और लंबे इंतजार के बाद आखिरकार दोषियों को उनके अपराध की सजा मिल गई। परिजनों ने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि देर से ही सही, लेकिन उन्हें इंसाफ मिल गया।
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अमरोहा देहात थाना क्षेत्र के गांव सिरसा खुमार निवासी शमशाद का 21 जून 2018 को गांव के ही कासिम और मुनीश उर्फ मदनी ने अपहरण कर लिया था। अगले दिन शमशाद के भाई जमील ने अमरोहा देहात थाने में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच शुरू की और संदेह के आधार पर गांव निवासी कासिम और मुनीश उर्फ मदनी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में दोनों ने शमशाद की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली थी। उनकी निशानदेही पर मंडी धनौरा थाना क्षेत्र के जंगल से शमशाद का शव बरामद किया गया। दोनों आरोपियों ने पहले शमशाद को चरस मिली सिगरेट पिलाई, जिससे वह नशे की हालत में हो गया। इसके बाद चाकू से उसकी बेरहमी से हत्या कर शव जंगल में छिपा दिया था। पोस्टमार्टम के दौरान मृतक के मुंह में फंसा हुआ 30 सेंटीमीटर लंबा चाकू बरामद हुआ था। इस सनसनीखेज तथ्य ने हत्या की क्रूरता को उजागर कर दिया था। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त चाकू मुनीश उर्फ मदनी की निशानदेही पर बरामद किया था। विवेचना पूरी होने के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
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इस मामले की सुनवाई अपर जिला सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट तृतीय की अदालत में चल रही थी। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत के समक्ष अपना पक्ष मजबूती से रखा। अदालत ने बुधवार को उपलब्ध साक्ष्यों, बरामदगी और गवाहों के बयानों के आधार पर दोनों आरोपियों को अपहरण, हत्या और शव छिपाने का दोषी करार दिया था। बृहस्पतिवार को अदालत ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही मुनीश उर्फ मदनी पर 50 और मुनीश पर 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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कासिम की भांजी से बातचीत करता था शमशाद
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता रविंद्र गर्ग ने बताया कि घटना से पहले कासिम ने शमशाद को अपनी भांजी से बातचीत करते देख लिया था। इससे नाराज होकर उसने अपने दोस्त मुनीश उर्फ मदनी के साथ मिलकर शमशाद की हत्या की साजिश रची। दोनों ने शमशाद को अमरोहा नगर में लगी नुमाइश दिखाने का झांसा देकर अपने साथ ले गए और रास्ते में नशा कराने के बाद उसकी हत्या कर दी।
परिजन बोले- देर लगी पर इंसाफ मिला
फैसला आने के बाद शमशाद के परिजन भावुक हो गए। मृतक के भाई जमील ने कहा कि उनके परिवार को न्यायालय पर पूरा भरोसा था। उन्होंने कहा कि शमशाद की बेहद बेरहमी से हत्या की गई थी और लंबे इंतजार के बाद आखिरकार दोषियों को उनके अपराध की सजा मिल गई। परिजनों ने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि देर से ही सही, लेकिन उन्हें इंसाफ मिल गया।