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Amroha News: पैथ लैब में जांच कराने के लिए पहली-दूसरी मंजिल पर लगाने पड़ रहे चक्कर

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 25 Oct 2024 02:45 AM IST
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To get the test done in the path lab, one has to make rounds on the first and second floor
गजरौला (अमरोहा)।
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सीएचसी में एक ही कमरे में लैब के उपकरण और मशीन रखने का स्थान नहीं होने का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। डेंगू, मलेरिया और बलगम की जांच नीचे के दो कमरों में होती है। जबकि, हेपेटाइटिस बी और सी व अन्य रोगों की जांच ऊपरी तल पर बनी लैब में करानी पड़ती है।
कायाकल्प योजना में बीते साल मंडल स्तर पर तीसरे स्थान पर व यूपी हेल्थ डेशबोर्ड रैंकिंग में लगातार आठवीं बार पहले स्थान पर रही गजरौला सीएचसी की लैब बुरे दौर से गुजर रही है। सीएचसी के ऊपरी मंजिल पर बने जिस कमरे में लैब संचालित हो रही है, वह छोटा है। जिसमें जांच की सभी मशीन और उपकरण नहीं रखे जा सकते। जांच की कुछ मशीन व उपकरण 6 और 8 नंबर कमरे में रखे हैं। इस कारण ऊपरी तल पर बनी लैब में सीवीसी, एलएफटी, एफटी, एचवीए-1 सी की जांच होती है। वहीं एचआईवी, सिफलिफ, महिलाओं की जांच, हेपेटाइटिस बी और सी की जांच भी ऊपरी तल पर बनी लैब में की जाती है।
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वहीं नीचे के तल पर बने 6 और 8 नंबर कमरे में बनी लैब में बुखार, खांसी, डेंगू व मलेरिया की जांच की जाती है। यदि एक मरीज को डेंगू, मलेरिया के साथ ही यूरिन की जांच करानी पड़े तो उसे पहले नीचे बने 6 व 8 नंबर में जाना पड़ता है। बाद में यूरिन की जांच के लिए ऊपरी तल पर 32 नंबर कमरे में जाना पड़ता है। जिससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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काम कराने नहीं आ रहा ठेकेदार

सीएचसी सबसे अहम हाेने के बावजूद यहां की लैब के कारण लोगों को उसका फायदा नहीं मिल रहा है। जबकि यहां की लैब अमरोहा व हसनपुर की तरह विकसित की जाएगी। उसमें लाखों रुपये खर्च कर एक कमरे में ही सभी मशीनों को लगाया जाएगा। जिससे मरीजों को जांच के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े। मगर विभागीय अधिकारियों की हीला हवाली के कारण ठेकेदार काम करना तो दूर नापतौल करने नहीं आ रहा है।






- सीएचसी की लैब को विकसित किया जाएगा। इसका चयन हो गया है। लेकिन ठेकेदार काम करने नहीं आ रहा है। उसने अभी नापतौल भी नहीं की। इसे लेकर विभाग के अफसरों को लिखा गया है। -डॉ. योगेंद्र सिंह, सीएचसी प्रभारी गजरौला।
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