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Amroha News: इंजीनियरिंग कॉलेज के शिक्षक की नाबालिग बेटी से सामूहिक दुष्कर्म के तीन दोषियों को उम्रकैद, बाल अपचार को 20 साल की सजा
Sun, 30 Aug 2026 12:57 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Sun, 30 Aug 2026 12:57 AM IST
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अमरोहा। डिडौली कोतवाली क्षेत्र में छह साल पहले इंजीनियरिंग कॉलेज के शिक्षक की नाबालिग बेटी से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में न्यायालय ने तीन दोषियों को उम्रकैद और बाल अपचारी को 20 साल के कारावास की सजा सुनाई है। चारों पर 70 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। जमानत पर चल रहे तीन दोषियों को जेल भेज दिया गया, जबकि बाल अपचारी को बाल सुधार गृह भेजा गया।
घटना 29 अगस्त 2020 की है। दूसरे राज्य के एक जिले में इंजीनियरिंग कॉलेज में शिक्षक कोरोना संक्रमण के दौरान परिवार के साथ गांव आए थे। घटना के दिन दोपहर करीब 12 बजे उनकी नाबालिग बेटी दादी की समाधि पर गई थी। आरोप है कि इस दौरान भूरा उर्फ अजीम, शेरू, कपिल और एक बाल अपचारी उसे गन्ने के खेत में ले गए और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
शिक्षक की तहरीर पर डिडौली कोतवाली में आरोपियों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट में प्राथमिकी दर्ज हुई। विवेचना में गौरव का नाम भी सामने आया। पुलिस ने भूरा, कपिल और गौरव को गिरफ्तार कर जेल भेजा, जबकि बाल अपचारी को बाल सुधार गृह भेजा गया। शेरू घटना के बाद फरार हो गया था। बाद में सभी के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया गया।
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मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश विशेष पॉक्सो एक्ट प्रथम की अदालत में हुई। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक नवीन कुमार त्यागी ने पैरवी की। शनिवार को अदालत ने कपिल, भूरा उर्फ अजीम, गौरव और बाल अपचारी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। कपिल, भूरा उर्फ अजीम और गौरव को उम्रकैद तथा बाल अपचारी को 20 साल का कारावास दिया गया।
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घटना 29 अगस्त 2020 की है। दूसरे राज्य के एक जिले में इंजीनियरिंग कॉलेज में शिक्षक कोरोना संक्रमण के दौरान परिवार के साथ गांव आए थे। घटना के दिन दोपहर करीब 12 बजे उनकी नाबालिग बेटी दादी की समाधि पर गई थी। आरोप है कि इस दौरान भूरा उर्फ अजीम, शेरू, कपिल और एक बाल अपचारी उसे गन्ने के खेत में ले गए और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
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शिक्षक की तहरीर पर डिडौली कोतवाली में आरोपियों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट में प्राथमिकी दर्ज हुई। विवेचना में गौरव का नाम भी सामने आया। पुलिस ने भूरा, कपिल और गौरव को गिरफ्तार कर जेल भेजा, जबकि बाल अपचारी को बाल सुधार गृह भेजा गया। शेरू घटना के बाद फरार हो गया था। बाद में सभी के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया गया।
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मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश विशेष पॉक्सो एक्ट प्रथम की अदालत में हुई। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक नवीन कुमार त्यागी ने पैरवी की। शनिवार को अदालत ने कपिल, भूरा उर्फ अजीम, गौरव और बाल अपचारी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। कपिल, भूरा उर्फ अजीम और गौरव को उम्रकैद तथा बाल अपचारी को 20 साल का कारावास दिया गया।