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Amroha News: चुनाव के दौरान सोशल मीडिया और यू ट्यूब पर भी रहेगा पहरा
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अमरोहा। लोकसभा चुनाव के बीच सोशल मीडिया साइट्स और यू ट्यूब पर होने वाले प्रचार और दुष्प्रचार पर प्रशासन का कड़ा पहरा रहेगा। भ्रामक खबरों के प्रसार पर आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके लिए मीडिया सर्टिफिकेशन कमेटी का गठन भी किया गया है। चुनाव को लेकर हर स्तर पर मॉनिटरिंग चल रही है।
बदलते दौर में चुनाव प्रचार का तरीका भी बदल रहा है। प्रत्याशी व उनके समर्थक फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स व यू ट्यूब आदि का प्रचार प्रसार का जरिया बना रहे हैं। सोशल मीडिया पर नेताओं पर अभद्र टिप्पणी व उनके फोटो व स्केच शेयर करने की भी बड़े पैमाने पर शिकायतें आती रहती हैं। साथ ही प्रचार के दौरान भ्रामक पोस्ट कर लोगों को गुमराह करने का प्रयास भी किया जाता है। लेकिन इस बार चुनाव में इस तरह के प्रचार पर प्रशासन की पैनी नजर रहेगी। प्रशासन द्वारा इस तरह के प्रचार पर रोक लगाने के आदेश जारी किये हैं। इसके लिए जिला स्तर पर मीडिया सर्टिफिकेशन कमेटी का गठन भी किया गया है। जोकि सोशल साइट्स और यू ट्यूब आदि की निगरानी कर रही है।
उपजिला निर्वाचन अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि इस तरह का कोई मामला संज्ञान में आता है तो आईटी एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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प्रचार सामग्री पर देना होगा मुद्रक और संख्या का ब्योरा
चुनाव के दौरान प्रत्याशियों द्वारा छपवाई जाने वाली प्रचार सामग्री के संबंध में भी जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा दिशा निर्देश जारी किये गए हैं। प्रचार सामग्री के तहत छपने वाले पंफ्लेट, पोस्टर, बिल्ले व हैंडबिल आदि में प्रकाशक व उसका पता तथा उनकी संख्या का उल्लेख करना भी जरूरी होगा। इसके साथ ही प्रकाशित प्रचार सामग्री का ब्योरा जिला निर्वाचन अधिकारी को तीन दिनों के भीतर उपलब्ध भी कराना होगा।
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चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। अक्सर देखने में आता है कि वेबपोर्टल व सोशल साइट्स कभी-कभी भ्रामक प्रचार प्रसार का जरिया बन जाते हैं। जिसके चलते लोगों की भावनाओं को ठेस भी पहुंचती है। चुनाव के दौरान सोशल साइट्स की पूरी निगरानी की जा रही है। इसके लिए टीम का गठन भी किया गया है। जोकि सभी सोशल साइट्स पर निगाह रखेंगे। आचार संहिता के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-सुरेंद्र सिंह, एडीएम/ उप जिला निर्वाचन अधिकारी
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बदलते दौर में चुनाव प्रचार का तरीका भी बदल रहा है। प्रत्याशी व उनके समर्थक फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स व यू ट्यूब आदि का प्रचार प्रसार का जरिया बना रहे हैं। सोशल मीडिया पर नेताओं पर अभद्र टिप्पणी व उनके फोटो व स्केच शेयर करने की भी बड़े पैमाने पर शिकायतें आती रहती हैं। साथ ही प्रचार के दौरान भ्रामक पोस्ट कर लोगों को गुमराह करने का प्रयास भी किया जाता है। लेकिन इस बार चुनाव में इस तरह के प्रचार पर प्रशासन की पैनी नजर रहेगी। प्रशासन द्वारा इस तरह के प्रचार पर रोक लगाने के आदेश जारी किये हैं। इसके लिए जिला स्तर पर मीडिया सर्टिफिकेशन कमेटी का गठन भी किया गया है। जोकि सोशल साइट्स और यू ट्यूब आदि की निगरानी कर रही है।
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उपजिला निर्वाचन अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि इस तरह का कोई मामला संज्ञान में आता है तो आईटी एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रचार सामग्री पर देना होगा मुद्रक और संख्या का ब्योरा
चुनाव के दौरान प्रत्याशियों द्वारा छपवाई जाने वाली प्रचार सामग्री के संबंध में भी जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा दिशा निर्देश जारी किये गए हैं। प्रचार सामग्री के तहत छपने वाले पंफ्लेट, पोस्टर, बिल्ले व हैंडबिल आदि में प्रकाशक व उसका पता तथा उनकी संख्या का उल्लेख करना भी जरूरी होगा। इसके साथ ही प्रकाशित प्रचार सामग्री का ब्योरा जिला निर्वाचन अधिकारी को तीन दिनों के भीतर उपलब्ध भी कराना होगा।
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चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। अक्सर देखने में आता है कि वेबपोर्टल व सोशल साइट्स कभी-कभी भ्रामक प्रचार प्रसार का जरिया बन जाते हैं। जिसके चलते लोगों की भावनाओं को ठेस भी पहुंचती है। चुनाव के दौरान सोशल साइट्स की पूरी निगरानी की जा रही है। इसके लिए टीम का गठन भी किया गया है। जोकि सभी सोशल साइट्स पर निगाह रखेंगे। आचार संहिता के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-सुरेंद्र सिंह, एडीएम/ उप जिला निर्वाचन अधिकारी