मुफ्ती मोहम्मद शाकिर रजा नूरी ने कहा कि सच्चा मुसलमान वही है जो नबी के रास्ते पर अमल करने वाला है। हमें खुद खुराफात से बचकर दूसरों को भी इस दलदल से बचाने की कोशिश करनी चाहिए।
शहर के मोहल्ला कुरैशी स्थित मदरसा दारूल उलूम उसमानिया फैजाने रजा छतरी वाले बाग में बुधवार रात बहारे तैयबा कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। कांफ्रेंस का आगाज तिलावत से मौलाना असगर ने किया, जबकि नात शरीफ मौलाना गुलाम मुर्तजा रामपुरी और कारी मेराजुल हसन संभली ने पेश की। मुंबई से आए मुफ्ती मोहम्मद शाकिर रजा नूरी ने कौम की मौजूदा सूरते हाल पर अफसोस जाहिर किया। परेशानियों की वजह शरीयत को छोड़कर गुमराही के रास्ते पर चलना बताया। कहा कि सच्चा मुसलमान वही है, जो नबी के रास्ते पर अमल करने वाला है। मुफ्ती सैय्यद अमीनुल कादरी ने समाज में फैली हुईं बुराइयों को खत्म करने की ताक द्वीद करते हुए तालीम पर जोर दिया। मुफ्ती मोहम्मद आलम ने मुसलमानों को दीनी मदारिस और उलमा से जुड़ने का दर्स दिया। कांफ्रेंस की सरपरस्ती मुफ्ती शाहिद हुसैन अजमली ने, सदारत जिला मुजफ्फरनगर सीकरी शरीफ से आए सैय्यद अली हसनैन मियां तथा संचालन मौलाना आसिफ रजा हबीबी ने किया। मोहतमिम दारूल उलूम हाजी मोहम्मद रिजवान ने सभी का शुक्रिया अदा किया। कांफ्रेंस में जिले के अलावा दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा और उत्तराखंड से भी बड़ी संख्या में लोगों ने शिकरत की।