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Amroha News: नातिया कलाम से गूंज उठी महफिल, शायरों ने बांधा समां
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अमरोहा। जश्ने ईद मिलादुन्नबी के सिलसिले में मुस्लिम कमेटी अमरोहा के संयोजन में शनिवार रात मोहल्ला कटरा बख्तावर सिंह स्थित कमेटी के वरिष्ठ सदस्य मरगूब सिद्दीकी के आवास पर महफिले नात का आयोजन किया गया। बारगाहे रिसालत में शायरों ने नातिया कलाम पेश कर माहौल को नूरानी बना दिया। महफिल का आगाज हाफिज मकारिम ने तिलावते कुरान से किया। कमेटी अध्यक्ष हाजी खुर्शीद अनवर ने कहा कि महफिले नात का उद्देश्य सीरत-ए-नबी की रोशनी में समाज को अमन, भाईचारे और सौहार्द का संदेश देना है।
अध्यक्षता कर रहे प्रोफेसर नाशिर नकवी ने नबी-ए-करीम की तालीमात पर अमल करने का आह्वान करते हुए अपना कलाम पेश किया, मजा आता है हमको इल्म की दौलत लुटाने में, इजाफा और होता है मोहम्मद के खजाने में। शीबान कादरी ने पढ़ा, उसने कभी दरियाओं की जानिब नहीं देखा, जो भी दरे सरकार से सैराब हुआ है। इंतिखाब संभली ने नात पेश करते हुए कहा, मुझको तैयबा को बुलाया ये करम है उनका, मेरी किस्मत को जगाया ये करम है उनका। शमशाद अली नगरी, कामिल मुरादाबादी, साद अमरोहवी, अनस मिर्जा, मकारिम अली, नवाब अंसारी, कौसर संभली और फहीम सलमानी ने भी नातिया कलाम पेश किए। संचालन शीबान कादरी ने किया।
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अध्यक्षता कर रहे प्रोफेसर नाशिर नकवी ने नबी-ए-करीम की तालीमात पर अमल करने का आह्वान करते हुए अपना कलाम पेश किया, मजा आता है हमको इल्म की दौलत लुटाने में, इजाफा और होता है मोहम्मद के खजाने में। शीबान कादरी ने पढ़ा, उसने कभी दरियाओं की जानिब नहीं देखा, जो भी दरे सरकार से सैराब हुआ है। इंतिखाब संभली ने नात पेश करते हुए कहा, मुझको तैयबा को बुलाया ये करम है उनका, मेरी किस्मत को जगाया ये करम है उनका। शमशाद अली नगरी, कामिल मुरादाबादी, साद अमरोहवी, अनस मिर्जा, मकारिम अली, नवाब अंसारी, कौसर संभली और फहीम सलमानी ने भी नातिया कलाम पेश किए। संचालन शीबान कादरी ने किया।
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