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गन्ना किसानों का 216 करोड़ बकाया
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अमरोहा। जिले के गन्ना किसानों का 216 करोड़ रुपये से अधिक चीनी मिलों पर बकाया है, लेकिन चीनी मिल प्रबंधन भुगतान में रुचि नहीं दिखा रहा है। इसके चलते गन्ना किसान ट्यूबवेलों के बिजली बिल नहीं चुका पा रहे हैं। बकाया बिल जमा करने के लिए रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 29 फरवरी है। किसानों पर बिजली का 136 करोड़ रुपये बकाया है। उन्हें कुछ सूझ नहीं रहा है ट्यूबवेल के बकाया बिल का भुगतान कैसे करें।
इस वर्ष के गन्ना सत्र में जिले में 269.26 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद हुई है। चीनी मिलों पर 216.62 करोड़ रुपये बकाया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने बिजली उपभोक्ताओं को बिल जमा करने में सहूलियत देने का एलान किया था। बिजली के बिल में ट्यूबवेल उपभोक्ता के लिए 100 प्रतिशत ब्याज छूट है। उन्हें 1500 रुपये या पांच प्रतिशत मूल बकाया के साथ रजिस्ट्रेशन कराना है। इसके साथ ही छह मासिक किस्त में बकाया भी चुकाना है। ट्यूबवेल उपभोक्ता में अधिकांश गन्ना किसान है। इन लोगों ने गन्ने की पैदावार में रकम खर्च कर दी है। अब बिजली बिल का बकाया उन्हें परेशान कर रहा है। किसानों को आस थी कि चीनी मिल बकाया भुगतान कर देंगे। इसके बाद वह लोग रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इसके साथ ही आगामी छह महीना में बकाया भी भुगतान कर देंगे, लेकिन चीनी मिलों ने आठ फरवरी के बाद भुगतान नहीं किया है।
गन्ना भुगतान किया जा रहा है। चीनी मिलों को निर्देश दिया गया है। किसानों का हित सर्वोपरि है। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। - हेमेंद्र प्रताप सिंह, जिला गन्ना अधिकारी।
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इस वर्ष के गन्ना सत्र में जिले में 269.26 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद हुई है। चीनी मिलों पर 216.62 करोड़ रुपये बकाया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने बिजली उपभोक्ताओं को बिल जमा करने में सहूलियत देने का एलान किया था। बिजली के बिल में ट्यूबवेल उपभोक्ता के लिए 100 प्रतिशत ब्याज छूट है। उन्हें 1500 रुपये या पांच प्रतिशत मूल बकाया के साथ रजिस्ट्रेशन कराना है। इसके साथ ही छह मासिक किस्त में बकाया भी चुकाना है। ट्यूबवेल उपभोक्ता में अधिकांश गन्ना किसान है। इन लोगों ने गन्ने की पैदावार में रकम खर्च कर दी है। अब बिजली बिल का बकाया उन्हें परेशान कर रहा है। किसानों को आस थी कि चीनी मिल बकाया भुगतान कर देंगे। इसके बाद वह लोग रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इसके साथ ही आगामी छह महीना में बकाया भी भुगतान कर देंगे, लेकिन चीनी मिलों ने आठ फरवरी के बाद भुगतान नहीं किया है।
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गन्ना भुगतान किया जा रहा है। चीनी मिलों को निर्देश दिया गया है। किसानों का हित सर्वोपरि है। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। - हेमेंद्र प्रताप सिंह, जिला गन्ना अधिकारी।
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