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सपा-रालोद में जोर आजमाइश, सीट बंटवारे में कैराना फॉर्मूले की कवायद तो नहीं000

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 29 Sep 2020 02:12 AM IST
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struggle in sp-ralod
अमरोहा। विधानसभा उप चुनाव में सीटों के बंटवारे को लेकर सपा-रालोद में जोर आजमाइश चल रही है। रालोद ने सीट पर दावेदारी और सपा पर दबाव बनाने के लिए क्षेत्र में भ्रमण शुरू कर दिया है। राष्ट्रीय से प्रांतीय स्तर के नेता जनसंपर्क में जुटे हैं। वहीं सपा आलाकमान की नजर हालात पर है। राष्ट्रीय सचिव के दौरे और प्रदेश अध्यक्ष के ऑनलाइन मीटिंग को इसी कड़ी में देखा जा रहा है। अलबत्ता सीटों और प्रत्याशी पर फैसला दोनों दलों के आलाकमान के बीच तय होना है। उधर, चर्चा है कि सीटों के बंटवारे में कैराना फार्मूले की कवायद आजमाई जा सकती है। रालोद के परंपरागत वोटर समझी जाने वाली बिरादरी के प्रत्याशी पर भी फैसले लिए जा सकते हैं। प्रत्याशिता को लेकर एक दूसरे के झंडों को भी थाम सकते हैं।
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कैबिनेट मंत्री चेतन चौहान के निधन के कारण नौगांवा सादात विधानसभा सीट रिक्त है। प्रदेश की आठ विधानसभा सीटों पर उप चुनाव होने हैं। बुलंदशहर और नौगांवा सादात विधान सभा सीट पर रालोद के परंपरागत वोट बताए जाते हैं। इसके चलते इन दोनों सीटों पर रालोद ने दावेदारी तेज कर दी है। उपचुनाव की तैयारी में राजनीतिक दल जुटे हैं। भारत निर्वाचन आयोग के चुनाव के एलान पर उनकी निगाहें टिकी हैं। राजनीतिक दल जीत के लिए कील कांटों को दुरुस्त करने में जुटे हैं। इस बीच रालोद ने सीट पर दावेदारी को मजबूत बनाने के लिए सपा पर दबाव का तरकीब आजमाया है। रालोद की सक्रियता पर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गरम है। माना जा रहा है कि कैराना की तर्ज पर फैसला हो सकता है। अलग-अलग दलों से जुड़े लोग ऐन वक्त पर एक-दूसरे के झंडा और बैनर तले आ सकते हैं। इसमें जातिगत आधार पर भी प्रत्याशियों को लेकर कुछ बदलाव हो सकता है।
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मौलाना आब्दी की रिपोर्ट और नरेश का फीडबैक पर भी आकलन
अमरोहा। सपा के राष्ट्रीय सचिव मौलाना जावेद आब्दी नौगांवा सादात स्थित अपने आवास में आए थे। उन्होंने पार्टी के नेताओं से बात की। चुनिंदा लोगों से मुलाकात भी की। कलक्ट्रेट के प्रदर्शन में शामिल भी हुए। वह 2017 के चुनाव में सपा से चुनाव लड़े थे, लेकिन कामयाबी नहीं मिल सकी। चर्चा है कि वह सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को हालात की रिपोर्ट देंगे। वहीं प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने विधानसभा क्षेत्र के पदाधिकारियों से ऑनलाइन संवाद किया। मौलाना जावेद आब्दी की रिपोर्ट और प्रदेश अध्यक्ष के फीडबैक के आधार पर भी फैसले लिए जा सकते हैं।
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यह है कैराना फार्मूला, ऐन वक्त पर बदलाव
अमरोहा। कैराना लोकसभा सीट पर उप चुनाव 2018 के दौरान सपा की तबस्सुम हसन ऐन वक्त पर रालोद में शामिल हो गईं। रालोद के टिकट पर चुनाव में भाग्य आजमाया। धार्मिक और जातीय संतुलन को साधा गया। सपा के वोटर उनके साथ रहे। इसके अलावा रालोद के परंपरागत वोटर भी उनके साथ हो लिए। लिहाजा भाजपा की लोकसभा सीट को सपा और रालोद ने साझा उम्मीदवार की बदौलत झटक लिया।
प्रदेश की इन सीटों पर होना है उप चुनाव
- नौगांवा सादात
- बुलंदशहर
- देवरिया सदर
- स्वार-रामपुर
- टूंडला-आगरा
- बांगरमऊ-उन्नाव
- घाटमपुर-कानपुर
- मल्हनी-जौनपुर
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