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हड़ताल : जिले में 225 करोड़ का कारोबार प्रभावित
Thu, 10 Jul 2025 02:01 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Thu, 10 Jul 2025 02:01 AM IST
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अमरोहा। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर बुधवार को जिलेभर में बैंक, डाक और एलआईसी कर्मचारी हड़ताल पर रहे। कर्मचारियों ने प्रदर्शन भी किया। नारेबाजी कर अपना विरोध जताया। उधर, कर्मचारियों की हड़ताल से जिले में करीब 225 करोड़ रुपये का बैंकिंग कारोबार प्रभावित हुआ। बैंकों में कामकाज न होने से लोगों को परेशानी का भी सामना करना पड़ा।
बुधवार को जिले के बैंकों समेत डाकघर और एलआईसी दफ्तरों में हड़ताल का असर दिखाई दिया। उधर, जानकारी के अभाव में बैंक पहुंचे लोगों को हड़ताल के चलते निराश होकर लौटना पड़ा। दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और उनके सहयोगियों के आह्वान पर बुधवार को जिलेभर में बैंकों, डाकघर और एलआईसी में हड़ताल का एलान किया था।
हड़ताल के दौरान कर्मचारियों ने बैंकों में निजीकरण को रोकने, पर्याप्त भर्तियां निकालने, आउटसोर्सिंग बंद करने, कॉर्पोरेट के ऋणों की शीघ्र वसूली करने, ग्राहकों के लिए बैंकों मे सेवा शुल्क में कटौती करने व ओपीएस बहाल करने की मांग उठाई। सुबह से ही हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने नारेबाजी कर अपनी आवाज बुलंद की। साथ ही जल्द से जल्द अपने सरकार से उनकी मांगों को पूरा करने के लिए कहा। एलडीएम उमेश कुमार प्रजापति ने बताया कि जिले में कर्मचारियों की हड़ताल के चलते बैंकों में बुधवार को करीब 225 करोड़ रुपये का कामकाज प्रभावित हुआ है।
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एलआईसी कर्मचारियों ने भी नहीं किया काम
बुधवार को ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर एलआईसी कर्मचारी भी मांगों को लेकर हड़ताल पर रहे। एलआईसी कार्यालय पर कोई कामकाज नहीं हुआ। ऑल इंडिया इंश्योरेंस इंप्लायज यूनियन के तत्वावधान में आयोजित हड़ताल में कर्मचारी एलआईसी सहित देश के महत्वपूर्ण सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योगों को कमजोर करने व उनके निजीकरण की कोशिशों, बीमा क्षेत्र में 100 फीसदी एफडीआई के माध्यम से देश की घरेलू बचत पर विदेशी पूंजी के नियंत्रण व आईआरडीए के एंटी एलआईसी प्रस्तावों, नए लेबर कोड्स के माध्यम से श्रमिक वर्ग के संघर्ष और संगठित होने के अधिकारों को खत्म करने के प्रयासों, एलआईसी में तृतीय व चतुर्थ संवर्ग में नई भर्ती की मांग को लेकर स्थायी प्रकार के कार्याें के लिए आउटसोर्सिंग की नीति के विरोध व एनपीएस व यूपीएस समाप्त कर सभी के लिए एक समान पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग को लेकर कर्मचारी हड़ताल पर रहे। हड़ताल में बांच सेक्रेटरी विकास यादव, रवि सागर, श्रीतिमा आदि शामिल रहे।
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बुधवार को जिले के बैंकों समेत डाकघर और एलआईसी दफ्तरों में हड़ताल का असर दिखाई दिया। उधर, जानकारी के अभाव में बैंक पहुंचे लोगों को हड़ताल के चलते निराश होकर लौटना पड़ा। दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और उनके सहयोगियों के आह्वान पर बुधवार को जिलेभर में बैंकों, डाकघर और एलआईसी में हड़ताल का एलान किया था।
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हड़ताल के दौरान कर्मचारियों ने बैंकों में निजीकरण को रोकने, पर्याप्त भर्तियां निकालने, आउटसोर्सिंग बंद करने, कॉर्पोरेट के ऋणों की शीघ्र वसूली करने, ग्राहकों के लिए बैंकों मे सेवा शुल्क में कटौती करने व ओपीएस बहाल करने की मांग उठाई। सुबह से ही हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने नारेबाजी कर अपनी आवाज बुलंद की। साथ ही जल्द से जल्द अपने सरकार से उनकी मांगों को पूरा करने के लिए कहा। एलडीएम उमेश कुमार प्रजापति ने बताया कि जिले में कर्मचारियों की हड़ताल के चलते बैंकों में बुधवार को करीब 225 करोड़ रुपये का कामकाज प्रभावित हुआ है।
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एलआईसी कर्मचारियों ने भी नहीं किया काम
बुधवार को ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर एलआईसी कर्मचारी भी मांगों को लेकर हड़ताल पर रहे। एलआईसी कार्यालय पर कोई कामकाज नहीं हुआ। ऑल इंडिया इंश्योरेंस इंप्लायज यूनियन के तत्वावधान में आयोजित हड़ताल में कर्मचारी एलआईसी सहित देश के महत्वपूर्ण सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योगों को कमजोर करने व उनके निजीकरण की कोशिशों, बीमा क्षेत्र में 100 फीसदी एफडीआई के माध्यम से देश की घरेलू बचत पर विदेशी पूंजी के नियंत्रण व आईआरडीए के एंटी एलआईसी प्रस्तावों, नए लेबर कोड्स के माध्यम से श्रमिक वर्ग के संघर्ष और संगठित होने के अधिकारों को खत्म करने के प्रयासों, एलआईसी में तृतीय व चतुर्थ संवर्ग में नई भर्ती की मांग को लेकर स्थायी प्रकार के कार्याें के लिए आउटसोर्सिंग की नीति के विरोध व एनपीएस व यूपीएस समाप्त कर सभी के लिए एक समान पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग को लेकर कर्मचारी हड़ताल पर रहे। हड़ताल में बांच सेक्रेटरी विकास यादव, रवि सागर, श्रीतिमा आदि शामिल रहे।