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Amroha News: बारिश में गिरा दुकान का छज्जा, मलबे में दबकर युवक समेत दो की मौत
Thu, 03 Sep 2026 01:48 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Thu, 03 Sep 2026 01:48 AM IST
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गजरौला (अमरोहा)। मोहल्ला प्रजापति नगर में बुधवार की दोपहर करीब डेढ़ बजे बारिश के दौरान दुकान का छज्जा भरभराकर गिर गया। मलबे में दबकर मायापुर निवासी नमकीन का ठेला लगाने वाले शेर सिंह (26) और संतनगर निवासी सुरेश (65) की मौत हो गई। हादसे के बाद भगदड़ मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए।
प्रजापति नगर की बस्ती में हनुमान मंदिर और पुराने डाकखाने के पास सपा के नगर अध्यक्ष कामिल मंसूरी की दुकान है। मोहल्ला मायापुर निवासी शेर सिंह दुकान के नीचे नमकीन का ठेला लगाकर परिवार का पालन-पोषण करता था, जबकि सुरेश कपड़ों पर प्रेस करने का काम करते थे। बुधवार को बारिश के दौरान करीब डेढ़ बजे अचानक दुकान का छज्जा भरभराकर गिरा तो शेर सिंह और सुरेश मलबे में दब गए।
छज्जा गिरने के बाद मौके पर पहुंचे लोगों ने मलबा हटाकर दोनों को बाहर निकाला और उपचार के लिए सीएचसी लेकर पहुंचे, जहां पर डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर मनोज कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और हादसे की जानकारी ली। दो लोगों की मौत की सूचना मिलते ही एएसपी अखिलेश भदौरिया, एडीएम वित्त एवं राजस्व गरिमा सिंह, एसडीएम शैलेष कुमार दूबे और सीओ अंजलि भी मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही प्रत्यक्षदर्शियों से जानकारी जुटाई। लेखपाल को बुलाकर मृतकों के आश्रितों को मुख्यमंत्री आपदा राहत के तहत चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाने के लिए रिपोर्ट तैयार कराई गई। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एएसपी अखिलेश भदौरिया ने बताया कि दुकान की छजली गिरने से युवक और वृद्ध की मौत हुई है। मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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दोनों के परिजनों को मिलेंगे चार-चार लाख रुपये
दुकान की छज्जा गिरने पर मलबे में दबकर जान गंवाने वाले शेर सिंह व सुरेश के परिजनों को मुख्यमंत्री आपदा राहत के तहत चार-चार लाख रुपये की मदद की जाएगी। एसडीएम ने बताया कि दोनों के परिजनों की उपरोक्त योजना के तहत आर्थिक मदद कराई जाएगी। इसके लिए लेखपाल से रिपोर्ट तैयार करा ली है। पोस्टमार्टम होना अनिवार्य है। इस कारण पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
बचपन में पिता का साया उठने पर चाचा ने किया था पालन-पोषण
दुकान की छजली के नीचे दबकर मारे गए शेर सिंह के परिवार पर बचपन से ही दुखों के पहाड़ टूटते रहे हैं। पड़ोसियों ने बताया कि शेर सिंह के पिता सतपाल सिंह की जान करीब 25 साल पूर्व चुचैला कलां के निकट हादसे में चली गई। उस समय शेर सिंह एक साल के थे। पिता का साया सिर से उठने पर शेर सिंह व उसकी तीनों बहनों का पालन-पोषण उनके चाचा पूर्व सभासद विजय कुमार ने किया। शेर सिंह किसी तरह परिवार का पालन-पोषण करते थे, लेकिन उसकी मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। सीएचसी से घर तक चीखें-ही-चीखें सुनाई दे रही थीं। पत्नी बीना का रो-रोकर बुरा हाल था।
लोग बोले- सपा नेता से छज्जा ध्वस्त कराने के लिए कई बार कहा
दुकान का छज्जा गिरने पर दो लोगों की मौत के मामले में दुकान स्वामी सपा नेता कामिल मंसूरी की लापरवाही भी सामने आई है। सीएचसी में एकत्र लोग आपस में जिक्र कर रहे थे कि उन्होंने दुकानदार से कई बार कहा था कि क्षतिग्रस्त छजली को तुड़वा दे, लेकिन उसने किसी की नहीं सुनी। जिसका नतीजा सामने है। दो लोगों की जान चली गई।
पालिका ने जर्जर मकान चिह्नित करने के लिए गठित कीं 10 टीमें
गजरौला। दुकान के छज्जे के मलबे में दबकर दो लोगों की मौत के बाद नगर पालिका प्रशासन की नींद टूटी तो आनन-फानन में नगर में जर्जर मकान चिह्नित करने के लिए 10 टीमें लगा दीं। टीमों को नोटिस चस्पा करने के निर्देश दिए हैं।
नगर के प्रत्येक मोहल्ले में जर्जर भवन व मकान हैं, लेकिन पालिका प्रशासन ने अब तक ध्यान नहीं दिया। जर्जर मकानों को ध्वस्त करने के लिए न तो कभी अभियान चलाया गया और न ही कोई कार्रवाई की गई। कई माह पूर्व औपचारिकता निभाते हुए पालिका ने महाजन बस्ती में दो लोगों को नोटिस दिया था, लेकिन अभी तक यह सुध नहीं ली कि जिन्हें नोटिस जारी किए गए, उन्होंने मकान गिराए हैं या नहीं।
बताया जा रहा है कि दोनों मकान आज भी जर्जर हालत में खड़े हैं। हालांकि पालिका का तर्क है कि उनमें इस समय कोई नहीं रहता। मगर दोनों मकानों की दीवार या मलबा किसी राहगीर पर गिर गया तो बड़ा हादसा हो सकता है। ईओ ललित कुमार आर्य का कहना है कि उन्होंने दस टीमें जर्जर भवनों को चिह्नित करने के लिए लगा दी हैं। टीमें मकानों पर नोटिस चस्पा करेंगी।
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प्रजापति नगर की बस्ती में हनुमान मंदिर और पुराने डाकखाने के पास सपा के नगर अध्यक्ष कामिल मंसूरी की दुकान है। मोहल्ला मायापुर निवासी शेर सिंह दुकान के नीचे नमकीन का ठेला लगाकर परिवार का पालन-पोषण करता था, जबकि सुरेश कपड़ों पर प्रेस करने का काम करते थे। बुधवार को बारिश के दौरान करीब डेढ़ बजे अचानक दुकान का छज्जा भरभराकर गिरा तो शेर सिंह और सुरेश मलबे में दब गए।
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छज्जा गिरने के बाद मौके पर पहुंचे लोगों ने मलबा हटाकर दोनों को बाहर निकाला और उपचार के लिए सीएचसी लेकर पहुंचे, जहां पर डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर मनोज कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और हादसे की जानकारी ली। दो लोगों की मौत की सूचना मिलते ही एएसपी अखिलेश भदौरिया, एडीएम वित्त एवं राजस्व गरिमा सिंह, एसडीएम शैलेष कुमार दूबे और सीओ अंजलि भी मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही प्रत्यक्षदर्शियों से जानकारी जुटाई। लेखपाल को बुलाकर मृतकों के आश्रितों को मुख्यमंत्री आपदा राहत के तहत चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाने के लिए रिपोर्ट तैयार कराई गई। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एएसपी अखिलेश भदौरिया ने बताया कि दुकान की छजली गिरने से युवक और वृद्ध की मौत हुई है। मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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दोनों के परिजनों को मिलेंगे चार-चार लाख रुपये
दुकान की छज्जा गिरने पर मलबे में दबकर जान गंवाने वाले शेर सिंह व सुरेश के परिजनों को मुख्यमंत्री आपदा राहत के तहत चार-चार लाख रुपये की मदद की जाएगी। एसडीएम ने बताया कि दोनों के परिजनों की उपरोक्त योजना के तहत आर्थिक मदद कराई जाएगी। इसके लिए लेखपाल से रिपोर्ट तैयार करा ली है। पोस्टमार्टम होना अनिवार्य है। इस कारण पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
बचपन में पिता का साया उठने पर चाचा ने किया था पालन-पोषण
दुकान की छजली के नीचे दबकर मारे गए शेर सिंह के परिवार पर बचपन से ही दुखों के पहाड़ टूटते रहे हैं। पड़ोसियों ने बताया कि शेर सिंह के पिता सतपाल सिंह की जान करीब 25 साल पूर्व चुचैला कलां के निकट हादसे में चली गई। उस समय शेर सिंह एक साल के थे। पिता का साया सिर से उठने पर शेर सिंह व उसकी तीनों बहनों का पालन-पोषण उनके चाचा पूर्व सभासद विजय कुमार ने किया। शेर सिंह किसी तरह परिवार का पालन-पोषण करते थे, लेकिन उसकी मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। सीएचसी से घर तक चीखें-ही-चीखें सुनाई दे रही थीं। पत्नी बीना का रो-रोकर बुरा हाल था।
लोग बोले- सपा नेता से छज्जा ध्वस्त कराने के लिए कई बार कहा
दुकान का छज्जा गिरने पर दो लोगों की मौत के मामले में दुकान स्वामी सपा नेता कामिल मंसूरी की लापरवाही भी सामने आई है। सीएचसी में एकत्र लोग आपस में जिक्र कर रहे थे कि उन्होंने दुकानदार से कई बार कहा था कि क्षतिग्रस्त छजली को तुड़वा दे, लेकिन उसने किसी की नहीं सुनी। जिसका नतीजा सामने है। दो लोगों की जान चली गई।
पालिका ने जर्जर मकान चिह्नित करने के लिए गठित कीं 10 टीमें
गजरौला। दुकान के छज्जे के मलबे में दबकर दो लोगों की मौत के बाद नगर पालिका प्रशासन की नींद टूटी तो आनन-फानन में नगर में जर्जर मकान चिह्नित करने के लिए 10 टीमें लगा दीं। टीमों को नोटिस चस्पा करने के निर्देश दिए हैं।
नगर के प्रत्येक मोहल्ले में जर्जर भवन व मकान हैं, लेकिन पालिका प्रशासन ने अब तक ध्यान नहीं दिया। जर्जर मकानों को ध्वस्त करने के लिए न तो कभी अभियान चलाया गया और न ही कोई कार्रवाई की गई। कई माह पूर्व औपचारिकता निभाते हुए पालिका ने महाजन बस्ती में दो लोगों को नोटिस दिया था, लेकिन अभी तक यह सुध नहीं ली कि जिन्हें नोटिस जारी किए गए, उन्होंने मकान गिराए हैं या नहीं।
बताया जा रहा है कि दोनों मकान आज भी जर्जर हालत में खड़े हैं। हालांकि पालिका का तर्क है कि उनमें इस समय कोई नहीं रहता। मगर दोनों मकानों की दीवार या मलबा किसी राहगीर पर गिर गया तो बड़ा हादसा हो सकता है। ईओ ललित कुमार आर्य का कहना है कि उन्होंने दस टीमें जर्जर भवनों को चिह्नित करने के लिए लगा दी हैं। टीमें मकानों पर नोटिस चस्पा करेंगी।