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फ्लाइट रद्द होने से यूक्रेन में फंसे अमरोहा के सात छात्र

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 25 Feb 2022 01:41 AM IST
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Seven students of Amroha stranded in Ukraine due to flight cancellation
रूस ने यूक्रेन देश पर हमला कर दिया है। वहां हालात बिगड़ गए हैं। यूक्रेन में जगह-जगह बमबारी हो रही है। फ्लाइट रद्द कर दी गई हैं, यूक्रेन में इमरजेंसी जैसे हालात हैं। ऐसे में अमरोहा के 10 छात्र यूक्रेन में फंस गए हैं। यूक्रेन में बिगड़ते हालात को देखकर छात्रों के परिजन चिंतित हैं। बदहवास परिजनों की निगाहें टीवी स्क्रीन पर टिकीं हैं। थोड़ी-थोड़ी देर में बच्चों से फोन पर संपर्क कर उनकी कुशलता पूछ रहे हैं। वह ईश्वर से युद्ध टलने की दुआ कर रहे हैं। अमरोहा के अधिकांश छात्र वीन्नित्स्या शहर में, जो पूरी तरह सुरक्षित हैं। वहीं छात्र खाने-पीने और रोजमर्रा का समान एकत्र करने में लगे हैं।
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अमरोहा जिले के रहने वाले 11 विद्यार्थी यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं, जिनमें से अमरोहा नगर के प्रीत विहार निवासी सतेंद्र सिंह बेटी अंजलि उर्फ उपासना बुधवार को घर लौट आईं थीं। जबकि जोया के मोहल्ला उमर का बेटा नूरेन और दोनों बेटियां उमर जहां व कमर जहां बृहस्पतिवार को स्वदेश लौटने वाले थे, उनका टिकट कंफर्म हो चुका था, लेकिन यूक्रेन में अचानक हालात बिगड़ने के बाद फ्लाइट रद्द कर दी गई हैं। इसके बाद सैकड़ों बच्चों के साथ यह तीनों भी वहीं फंस गए हैं। बच्चों के यूक्रेन में फंसने की सूचना मिलते ही उमर का परिवार बदहवास हो गया। उन्होंने फोन कर बच्चों से कुशलता जानी। बच्चों की फिक्र को लेकर परिवार पूरी तरह चिंतित है, परेशान उमर लोगों से बातों का जवाब भी नहीं दे पा रहे हैं। वहीं अमरोहा निवासी डॉक्टर जमशेद कमाल के बेटे शाह कमाल और जोया निवासी डॉ.गौतम की बेटी अंशिका भी वीन्नित्स्या नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस कर रहे हैं। डॉ.जमशेद कमाल ने बताया कि शाह कमाल ने तीन मार्च को आने वाले हैं, उनकी टिकट कन्फर्म हो चुका है, लेकिन अब फ्लाइट रद्द कर दी गई है। उनकी शाह कमाल से बात हुई है, यूक्रेन के हालात बेहद खराब हैं। हालांकि वीन्नित्स्या शहर पूरी तरह सुरक्षित हैं। यह यूक्रेन की राजधानी कीव से करीब 280 किलोमीटर पश्चिम दिशा में हैं। जमशेद कमाल ने बताया कि वह शाह कमाल के लगातार संपर्क में हैं।
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बृहस्पतिवार को वहां ऑनलाइन क्लास भी नहीं हो सकी हैं। यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने छात्रों से खाने-पीने और रोजमर्रा का सामान इकट्ठा करने के लिए कहा है। उनके कई साथी फ्लाइट रद्द होने के कारण एयरपोर्ट पर फंस गए हैं। उन्हें और अधिक दिक्कत का सामना करना पड़ा सकता है। डॉ. गौतम सिंह ने बताया कि वह बेटी अंशिका से हर बीस मिनट में फोन पर बात कर रहे हैं। अंशिका बेहर घबराई हुई हैं। उन्होंने बेटी अंशिका से जरूरत पड़ने पर भारतीय दूतावास से संपर्क करने के लिए कहा है। वहीं जोया ब्लाक में तैनात एडीओ अफसर अली के बेटे जावेद अनवर भी यूक्रेन के टर्नोपिल मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। यह शहर रूस और यूक्रेन बोर्डर के पश्चिम दिशा में हैै। बुधवार तक उनकी क्लासें चल रही थीं। लेकिन बृहस्पतिवार को क्लास नहीं सकी हैं। जावेद अनवर खुद को सुरक्षित बता रहे हैं। लेकिन अफसर अली कहते हैं कि किसी भी कीमत पर दोनों देशों के बीच विवाद निपटना चाहिए। वहीं नौगांवा सादात निवासी एमबीबीएस के छात्र मोहम्मद शारिक, मोहम्मद रजा और हसनपुर के सलमान भी यूक्रेन में फंसे हैं। गजरौला के सुल्तानपुर में रहने वाले नरोत्तम सिंह का 28 वर्षीय बेटा कैलाश यूक्रेन में रहकर एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है।
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गजरौला। थानाक्षेत्र के गांव सादुल्लापुर निवासी नरोत्तम सिंह की क्षेत्र के सुल्तानपुर में ससुराल है। वह तीन दशक से परिवार सहित ससुराल सुल्तानपुर में रहते हैं, जबकि उनके भाई और पिता सादुल्लापुर में ही हैं। नरोत्तम सिंह के चार बेटों में तीसरे नंबर का 28 वर्षीय बेटा कैलाश छह साल पूर्व यूक्रेन गया। कैलाश के सबसे बड़े भाई सुरेंद्र सिंह के मुताबिक वह यूक्रेन से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है। वह 2021 में गांव आया था। यहां एक महीने ठहरने के बाद फिर वापस चला गया। मई में उसकी एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी हो रही है। मई में ही उसकी परीक्षा है। परिजनों टीवी पर देखने पर पता चला कि रूस ने यूक्रेन पर हमला कर दिया है। इससे पूरा परिवार परेशान है। हमले की खबर के बाद से ही परिवार की निगाहें टीवी से हट नहीं रही हैं, हालांकि परिवार के लिए संतोष की बात यह है कि हमले स्थल से कैलाश के रहने का ठिकाना 40 किमी दूर है। उससे परिवार की लगातार बात हो रही है। भाई सुरेंद्र सिंह व उसकी पत्नी बीना देवी, पिता नरोत्तम सिंह, मां राजो देवी, भाई लक्ष्मण सिंह, भाभी प्रेमवती, राकेश और भाभी बवीता ने भी कैलाश से बात की। वह खुद को सुरक्षित बता रहा है, लेकिन इसके बाद भी परिवार दहशत में है। परिवार किसी भी तरह उसे यूक्रेन से निकालना चाहता है, लेकिन फ्लाइट काफी महंगी है। जिसके चलते दिक्कत सामने आ रही है।
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