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Amroha News: कंडम वाहनों में ढोये जा रहे स्कूली बच्चे, खतरे में सफर

Fri, 25 Apr 2025 02:10 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा Updated Fri, 25 Apr 2025 02:10 AM IST
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School children being transported in condemned vehicles, travelling in danger
अमरोहा। परिवहन विभाग की लापरवाही और निजी स्कूल संचालकों की मनमानी नौनिहालों के लिए खतरा बनी है। जिले में करीब 98 अनफिट वाहनों में स्कूली बच्चों को ढोया जा रहा है। इन वाहनों में सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं है। साथ ही फर्स्ट एड बॉक्स भी नहीं है। उधर, सुरक्षा के लिए बसों और अन्य वाहनों में क्या इंतजाम किए गए हैं, परिवहन विभाग के अधिकारी जल्द ही इसके लिए अभियान चलाकर निरीक्षण करेंगे। जिससे विद्यार्थियों की सुरक्षा से खिलवाड़ न हो सके।
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निजी स्कूल संचालकों ने छात्रों की संख्या बढ़ाने के लिए ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था तो कर ली गई है। लेकिन, बच्चों की सुरक्षा भगवान भरोसे ही रहती है। जिले के कुछ स्कूलों को छोड़कर अन्य स्कूलों के वाहनों की गुणवत्ता पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। परिवहन विभाग के रिकॉर्ड में करीब 610 स्कूल वाहन पंजीकृत हैं। इनमें बस, वैन और अन्य वाहन शामिल हैं। हैरत की बात यह है कि करीब 98 स्कूली वाहन ऐसे हैं, जिनकी फिटनेस नहीं हो सकी है। जबकि, वह सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं।
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इन वाहनों में कैमरे नहीं लगे हैं, जबकि फर्स्ट एड बॉक्स भी नहीं है। स्कूलों की बदइंतजामी और परिवहन विभाग की लापरवाही बच्चों के लिए खतरा बनी हुई है। इतना ही नहीं शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में सैकड़ों वाहन ऐसे हैं, जो रजिस्टर्ड भी नहीं हैं और वह बिना पंजीकरण के ही सड़क पर चल रहे हैं।
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यह हैं स्कूल वाहन के मानक

- स्कूल वाहन का रंग सुनहरा पीला हो। उस पर दोनों ओर बीच में चार इंच मोटी नीले रंग की पट्टी हो।

- स्कूल बस में आगे-पीछे दरवाजों के अतिरिक्त दो इमरजेंसी गेट हों।

- सीटों के नीचे बैग रखने की व्यवस्था हो।

- बसों व वाहनों में स्पीड अलार्म लगा हो, जिससे स्कूल संचालक को वाहन की गति का पता चल सके।

- एलपीजी वाहन में अग्निशमन यंत्र की व्यवस्था हो।

- पांच साल के अनुभव वाले चालकों से ही स्कूल वाहन परिचालन की अनिवार्यता।

- स्कूल वाहन में फर्स्ट-एड बाक्स की व्यवस्था हो।

- समय-समय पर अभियान चलाकर ऐसे वाहन मालिकों और चालकों के प्रति कार्रवाई भी की जाती है। स्कूली वाहनों की निगरानी के लिए दिशा निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। - महेश शर्मा, एआरटीओ
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