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व्यापारी को एनकाउंटर की धमकी देने के आरोप में इंस्पेक्टर समेत छह पुलिस कर्मियों पर रिपोर्ट दर्ज
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दुकान में दो बार हुई चोरी के मामले में कार्रवाई नहीं होने की शिकायत उच्च अधिकारियों से करने से खफा होकर व्यापारी से मारपीट, दुर्व्यवहार, झूठे मुकदमे में फंसाकर एनकाउंटर की धमकी देने के आरोप में अमरोहा नगर कोतवाली के तत्कालीन इंस्पेक्टर समेत छह पुलिस कर्मी फंस गए हैं। न्यायालय के आदेश पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। प्रकरण की जांच एसएसआई को सौंपी गई है। इंस्पेक्टर की वर्तमान में शाहजहांपुर में तैनाती है।
यह मामला नगर कोतवाली से जुड़ा है। मोहल्ला दरबारे कलां निवासी नवाब अली गांधी मूर्ति तिराहा पर स्पेयर पार्ट्स की दुकान चलाते हैं। उनका आरोप है कि 15 दिसंबर 2019 और 18 मार्च 2020 की रात उनकी दुकान में नकब लगाकर चोरी की घटना हुई थी। चोरों की तस्वीर सीसीटीवी में कैद हो गई थी। इस मामले में उन्होंने कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी। आरोप है कि चोरी के आरोपियों को पकड़कर छोड़ दिया था। इसके बाद व्यापारी ने नगर कोतवाली पुलिस के खिलाफ मुख्यमंत्री पोर्टल के अलावा डीजीपी और आईजी समेत अन्य अधिकारियों को शिकायती पत्र भेजा था। शिकायत से बौखलाए तत्कालीन इंस्पेक्टर रविंद्र सिंह, दारोगा राजेंद्र पुंडीर, लोकेंद्र त्यागी (अब निरीक्षक), अनीस अहमद, क्राइम ब्रांच में तैनात दारोगा किरनपाल और सिपाही प्रमोद कुमार ने पीड़ित व्यापारी नवाब अली के साथ गाली-गलौज की। दुकान पर जाकर दुर्व्यवहार किया गया। झूठे केस फंसाकर एनकाउंटर की धमकी दी गई।
डीआईजी मुरादाबाद ने प्रकरण की जांच मुरादाबाद के तत्कालीन सीओ यातायात रामसागर से कराई थी। जांच में प्रथम दृष्टया उन्होंने भी इन पुलिस कर्मियों की भूमिका संदिग्ध मानी थी। सात अक्तूबर 2021 को तत्कालीन एसएसपी मुरादाबाद ने भी डीआईजी को भेजी अपनी रिपोर्ट आरोपियों को दोषी मानते हुए कार्रवाई की संस्तुति की थी। बावजूद इसके आरोपी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई नहीं हो सकी। लिहाजा पीड़ित नवाब अली ने अदालत की शरण ली।
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27 मई को इस मामले में सीजेएम डॉ दिव्यानंद द्विवेदी ने आरोपी सभी पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश नगर कोतवाली पुलिस को दिए थे। सीओ सिटी विजय कुमार राणा ने बताया कि प्रकरण में सभी पुलिस कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सीओ विजय कुमार राणा ने बताया कि मामले में आईपीसी के धारा 323, 504 और 506 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
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यह मामला नगर कोतवाली से जुड़ा है। मोहल्ला दरबारे कलां निवासी नवाब अली गांधी मूर्ति तिराहा पर स्पेयर पार्ट्स की दुकान चलाते हैं। उनका आरोप है कि 15 दिसंबर 2019 और 18 मार्च 2020 की रात उनकी दुकान में नकब लगाकर चोरी की घटना हुई थी। चोरों की तस्वीर सीसीटीवी में कैद हो गई थी। इस मामले में उन्होंने कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी। आरोप है कि चोरी के आरोपियों को पकड़कर छोड़ दिया था। इसके बाद व्यापारी ने नगर कोतवाली पुलिस के खिलाफ मुख्यमंत्री पोर्टल के अलावा डीजीपी और आईजी समेत अन्य अधिकारियों को शिकायती पत्र भेजा था। शिकायत से बौखलाए तत्कालीन इंस्पेक्टर रविंद्र सिंह, दारोगा राजेंद्र पुंडीर, लोकेंद्र त्यागी (अब निरीक्षक), अनीस अहमद, क्राइम ब्रांच में तैनात दारोगा किरनपाल और सिपाही प्रमोद कुमार ने पीड़ित व्यापारी नवाब अली के साथ गाली-गलौज की। दुकान पर जाकर दुर्व्यवहार किया गया। झूठे केस फंसाकर एनकाउंटर की धमकी दी गई।
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डीआईजी मुरादाबाद ने प्रकरण की जांच मुरादाबाद के तत्कालीन सीओ यातायात रामसागर से कराई थी। जांच में प्रथम दृष्टया उन्होंने भी इन पुलिस कर्मियों की भूमिका संदिग्ध मानी थी। सात अक्तूबर 2021 को तत्कालीन एसएसपी मुरादाबाद ने भी डीआईजी को भेजी अपनी रिपोर्ट आरोपियों को दोषी मानते हुए कार्रवाई की संस्तुति की थी। बावजूद इसके आरोपी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई नहीं हो सकी। लिहाजा पीड़ित नवाब अली ने अदालत की शरण ली।
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27 मई को इस मामले में सीजेएम डॉ दिव्यानंद द्विवेदी ने आरोपी सभी पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश नगर कोतवाली पुलिस को दिए थे। सीओ सिटी विजय कुमार राणा ने बताया कि प्रकरण में सभी पुलिस कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सीओ विजय कुमार राणा ने बताया कि मामले में आईपीसी के धारा 323, 504 और 506 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।